The Indian government is digging its own grave by giving women reservation in jobs.
100 men get jobs. 80 of them can easily marry unemployed women.
The lives of 200 people get better.
100 women get jobs. None of them will marry unemployed men.
India already has a huge unemployment problem.
By giving so many women jobs through reservation, the number of unemployed people will increase.
Poverty will increase.
This is the residence of the Mumbai Governor.
• ₹3.5 lakh salary per month
• Free medical treatment
• Z+ or high-level security
• Free air travel anywhere in India
• Lifetime Pension
Meanwhile, common citizens struggle for jobs, healthcare and infrastructure
This is not governance, this is VIP culture funded by your taxes.
This girl was travelling on a bus and asked a boy for his seat. He said no.
She recorded him without his consent and tried to defame him.
She said that many people were standing and that the window seat was more comfortable.
He paid for that seat. Why should he give it to her?
I love my India.
This is Krishna Chamankar.
His car crashed into vehicles that were standing at a signal.
- 1 woman was killed. She had 2 children. Her husband suffered fractures and was hospitalised.
- He hit 3 autorickshaws and injured their drivers.
- He was arrested.
- The family of the deceased went to the police station to demand strict action. But there wasn’t a hint of remorse on his face, nor did he offer an apology.
- He was produced before a magistrate.
He was granted bail on a cash bond of ₹15,000.
You work for 40 years.
Your leaders work for just 5 years.
You pay taxes for entire life.
Your leaders get a lifetime pension.
You work lifetime to buy 1 car.
They buy 10 luxury cars every year.
System was never designed for you.
छोटी छोटी बेटियों के सरकारी स्कूल में बनी ये
अवैध बड़ी मस्जिद जे जे कॉलोनी वजीरपुर आप को हटानी पड़ेगी
किस बात की प्रतीक्षा करे रहे है आप ?
@gupta_rekha@LtGovDelhi@HMOIndia
एक एक ईट गिरने तक लड़ेंगे हम
🚨 बरगदिया गाँव में भूख से जूझता एक ब्राह्मण परिवार …
सबसे दर्दनाक बात ये है कि …
बच्चों की थाली में महीनों से दाल-सब्जी नहीं, सिर्फ सूखे चावल, नमक और थोड़ा तेल है। 😢
अर्पिता पांडे नाम की यह महिला अपने तीन मासूम बच्चों के साथ ऐसी गरीबी में जी रही हैं, जिसे “गरीब” कहना भी कम होगा। यह परिवार महा-गरीब है। घर का हाल इतना बुरा है कि दीवारें टूट-फूट चुकी हैं, छत कहीं-कहीं धँसी हुई है और पूरा मकान खंडहर जैसा लगता है।
सबसे दर्दनाक बात यह है कि इनके तीन छोटे-छोटे बच्चे आज नहीं, बल्कि कई महीनों से भूखे पेट सो रहे हैं। उनका रोजाना का भोजन सिर्फ सूखे चावल में नमक और थोड़ा तेल मिलाकर बनाया जाता है। न दाल, न सब्जी, न दूध… सिर्फ वही एक थाली जो भूख मिटाने के बजाय सिर्फ जिंदा रहने के लिए काफी है।
जब अर्पिता पांडे ने रो-रोकर अपना दुख सुनाया तो रूहें थर्रा गई 🥹💔
अयोध्या के बरगदिया गाँव का यह परिवार अब आपकी नजर में है। अगर आप मदद करना चाहते हैं, तो आगे बढ़कर हाथ बढ़ाएँ।
क्योंकि भूख से लड़ते इन मासूम चेहरों को देखने के बाद, चुप रहना संभव नहीं।
माँ के निधन के बाद पैतृक गाँव लौटा बेटा, अब जान बचाने की गुहार, SC-ST Act की धमकियों से हालात ऐसे कि कह रहा है: “या तो गाँव छोड़ना पड़ेगा, या मेरी जान चली जाएगी!”
"मैं राजपूत ठाकुर जाति से संबंध रखता हूँ और मेरा जिला बुलंदशहर, उत्तर प्रदेश है। दरअसल, मैं काफी लंबे समय से दिल्ली में रह रहा था। अभी दो महीने पहले मेरी माता का निधन हुआ, तो मुझे अपने पैतृक गाँव में आकर रहना पड़ा।
तो यहाँ की स्थिति ये है कि मेरे पड़ोसी जो भीम आर्मी संगठन से जुड़े हुए हैं। उन लोगों ने मुझे इतना बुरी तरह से प्रताड़ित कर रखा है कि वे मेरे घर में जबरदस्ती घुसने का प्रयास करते हैं, मुझे हमेशा गालियाँ देते हैं, धमकियाँ देते हैं और आते-जाते हुए रास्ते में मुझे परेशान करते हैं।
मेरे पास वीडियो साक्ष्य भी मौजूद हैं, जिसमें मुझसे ये तक कहा गया है कि, तू हमारी तरफ देखता क्यों है? तू हमारी तरफ देखेगा नहीं और तू जमीन कि तरफ नीचे नज़र करके चलेगा, हमारे सामने।
मैंने पुलिस को भी इस संबंध में कई बार शिकायत दी है। एक महीने से मैं कई बार पुलिस को शिकायत दे चुका हूँ। पुलिस का हमेशा आश्वासन रहता है कि कार्रवाई की जाएगी।
इसी क्रम में आज सुबह मेरे साथ इन लोगों ने मारपीट की है, गाली-गलौज की है और मुझे धमकी दी है कि हम तुम्हें फर्जी एससी-एसटी एक्ट और महिला उत्पीड़न के केस में किसी न किसी तरह फँसाकर जेल भेजवा देंगे। तुम्हें आज के आज यहाँ से जाना पड़ेगा, या तो तुम यहाँ से कहीं बाहर चले जाओ, नहीं तो हम तुम्हें जेल भेज देंगे।
मेरे घर में बहुत सारे लोग नहीं हैं। दरअसल, मैं अकेला हूँ और मेरे वृद्ध पिता हैं। मेरा बहुत बुरी तरह से शोषण और उत्पीड़न किया जा रहा है।
तो मेरा सभी संगठनों से, जो भी सवर्ण संगठन हैं या जो भी इस तरह के कुकृत्यों के संबंध में हम जैसे लोगों की रक्षा करते हैं या सुरक्षा करते हैं, उनसे निवेदन है कि मेरी सुरक्षा की जाए।
आज जिस तरह से मेरे साथ मारपीट की गई है, मुझे अपनी हत्या तक किए जाने का डर है। अगर मुझे कुछ होता है तो यही लोग, जिनके खिलाफ मैंने शिकायत और प्रार्थना पत्र में नाम दिया है, वही लोग उसके जिम्मेदार होंगे।
इन लोगों के द्वारा गलियों में तलवारें लहराई जाती हैं, गली में नीला गमछा डालकर और तरह-तरह से मुझे उत्पीड़ित किया जाता है।
तो मेरा यही निवेदन है कि सभी लोग मेरी सुरक्षा सुनिश्चित करें, क्योंकि मैं पुलिस में भी कई बार कंप्लेंट दे चुका हूँ। आज पुलिस के द्वारा मुझे आश्वासन दिया गया है कि जो संबंधित लोग मुझे प्रताड़ित कर रहे हैं, उनके खिलाफ आज मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
परंतु मेरा कहना ये है कि अगर मुझे इसी तरह प्रताड़ित किया गया और मेरे बचाव में कोई संस्था या कोई लोग नहीं आते हैं, या मेरे ऊपर किसी तरह का फर्जी मुकदमा दर्ज होता है, तो मेरे पास दो रास्ते होंगे। एक रास्ता होगा कि मैं अपने प्राणों की आहुति दे दूँ या अपनी जीवन समाप्त कर लूँ, क्योंकि मैं एक पढ़ा-लिखा व्यक्ति हूँ और मुझे इस तरह प्रताड़ित करके या जेल भेजने का अगर काम किया जाएगा, तो मैं अपने प्राण देने के लिए मजबूर रहूँगा और मेरे पास इसके अलावा कोई रास्ता नहीं होगा।
इसके अलावा, मुझे पलायन करना पड़ेगा। मुझे समझ में नहीं आता कि मेरे कई पीढ़ियों से मेरे पूर्वज यहाँ पर रहे हैं, तो अचानक ऐसा क्या हुआ है कि मुझे यहाँ से भगाया जा रहा है।
चूँकि मेरा घर इस गाँव में अंतिम पंक्ति में है, ठाकुरों के गाँव में जो घर होते हैं, उसकी अंतिम पंक्ति में मेरा घर है। इन लोगों की कम्युनिटी ने चारों तरफ घर बनाकर हमें चारों तरफ से घेर रखा है।
तो अब इन लोगों का ये है कि इन्होंने मुझे वल्नरेबल समझ लिया है कि मैं इनके लिए बहुत ईज़ी टारगेट हूँ।
तो अगर मेरी किसी तरह हत्या हो जाती है या मुझे किसी केस में फँसाया जाता है, तो उसके लिए वही लोग जिम्मेदार होंगे।
मेरे पास दूसरा रास्ता ये भी है, जो मेरे दिमाग में आ रहा है, कि मुझे धर्म परिवर्तन कर लेना चाहिए, ताकि मेरे ऊपर से ये ठाकुर वाला दाग हट जाए। इसको मैं दाग कहूँगा।
एक्चुअली, मैं इस पर पहले गर्व महसूस करता था। गर्व इसलिए महसूस करता था कि हमारे पूर्वजों ने काफी वीरताएँ दिखाई हैं, युद्ध लड़े हैं और कई युद्ध जीते हैं। उन्होंने देश को आगे बढ़ाने में प्रयास किया है।
लेकिन अभी मुझे इस बात का भय है कि जिस जाति से मैं बिलॉन्ग करता हूँ, वही जाति मेरे प्राणों के लिए काफी कष्टकर साबित हो रही है।"
THE IRONY OF THE INDIAN JUDICIAL SYSTEM.
This is Girvar Singh Tomar.
He joined the CRPF as a constable in 1991. Once, he had a small accident where his bicycle hit someone else’s bicycle by mistake.
In 1999, he was dismissed from his job after a complaint over a damaged bicycle.
He spent 27 years fighting to get his job back. During this time, he became a sadhu too.
In 2025, the High Court ordered his reinstatement. In 2026, at 54, he finally wore the CRPF uniform again.
He lost 27 years of his life and the chance to grow in his job, while so-called businessmen commit fraud worth crores, leave India and live a lavish life in London.
If it takes 27 years just to get your job back, I don’t call it justice.
आज मुझे उत्तर प्रदेश के छात्रों से 50+ मैसेज आए हैं। उनका कहना है कि चार मेडिकल कॉलेजों में आज भी 90% से अधिक सीटें आरक्षित हैं, जबकि राज्य सरकार ने हाईकोर्ट के समक्ष 2026-27 से SC आरक्षण को 21% तक सीमित करने का आश्वासन दिया था।
यह वोटबैंक की राजनीति के लिए बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है।
क्या UP में कोई तथाकथित सवर्ण नेता है, जो इन छात्रों के हक़ के लिए आवाज़ उठा सके? अगर सब राजनीतिक पार्टियों के गुलाम हो चुके हैं, तो मैं खुद लखनऊ आने के लिए तैयार हूँ।
cc @myogiadityanath@myogioffice
कोटा - राजस्थान की तनवी , पिछले 14 सालों में दिल्ली एम्स के लगभग 100 चक्कर लगा चुकी थी,
डाक्टर तारीख पे तारीख दिये जा रहे थे, अंततः बच्ची दिल के छेद का ऑपरेशन हुए बिना ही मर गई।
स्वास्थ मंत्री लोग सब गांजा फूंक कर बैठे हैं, उनको कुछ मत कहो।