अति बृष्टि से आयी दैवीय आपदा मे स्थलीय निरीक्षण एवं बचाव. राहत कार्यों मे लेखपालों नेबिगत कई दिनों सेरात दिन जान की परवाह किये बिना लगे हुये हैं।दूसरों कोबचाने मे स्वयं नहीं सुरक्षित है।कुत्ते काट रहे. पानी मे भूखे प्यासे गिर रहे।
मा.योगी जीcm हैं।शासन चलाने के ह���साब से वह अपनी जगह सरकार के हित मे. संघ के हितों का ध्यान का मतलब सभी विभागों का भार। एक को कुछ दिया तो दूसरा भी....।अतः बीच का रास्ता।1962से मागे चल रही हैं।