सूर्य चौहन की निर्मम हत्या पर इन सज्जन ने कही अपनी बात👇
"इस कौम पर कभी विश्वास मत करो
मैं खुद एक मुस्लिम का दामाद हू, मैं कभी अपने ससुराल वालों पर विश्वास नही करता"
सूर्य चौहान जैसी होने वली आतंकी घटना को कैसे रोका जा सकता है ये बता रहे है
Warning: Headphones ⚠️
Muslims of the area where Surya was brutally killed opposed bulldozer action on Asad's house saying, "Follow the Constitution"
Angered hindu men and women replied with volley of verbal tsunami on the sympathisers:
Was he murdered according to the Constitution...?
The whole plan was hatched on Eid day here. Why? What message you wanted to send?
Now in this alley not a single one of your shops should open!
अम्बेडकर के बारे में फैलाये गये मिथक और उनकी सच्चाई ?
1-मिथक-अंबेडकर बहुत मेधावी थे।
सच्चाई - अंबेडकर ने अपनी सारी शैक्षणिक डिग्रीयां तीसरी श्रेणी में पास की।
2-मिथक -अंबेडकर बहुत गरीब थे!
सच्चाई -जिस जमानें में लोग फोटो नहीं खींचा पाते थे उस जमानें में अंबेडकर की बचपन की बहुत सी फोटो है, वह भी कोट पैंट और टाई में!
3-मिथक- अंबेडकर ने शूद्रों को पढ़ने का अधिकार दिया !
सच्चाई -अंबेडकर के पिता जी खुद उस ज़माने में आर्मी में सूबेदार मेजर थे! इसके अलावा सविंधान बनाने वाली सविंधान सभा में 26sc और 33st के सदस्य शामिल थे !
4-मिथक- अंबेडकर को पढ़नें नहीं दिया गया।
सच्चाई -उस जमानें में अंबेडकर को गुजरात बडोदरा के क्षत्रिय राजा सियाजी गायकवाड़ नें स्कॉलरशिप दी और विदेश पढ़ने तक भेजा और ब्राह्मण गुरु जी ने अपना नाम अंबेडकर दिया।
5-मिथक- अंबेडकर नें नारियों को पढ़ने का अधिकार दिया!
सच्चाई- सविंधान बनाने वाली सविंधान सभा में 15 महिलाएं शामिल थी जिसमें एक दलित महिला भी शामिल थी और इन 15 महिलाओ ने संविधान बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया!
6- मिथक-अंबेडकर स्वतंत्रता संग्राम सेनानी थे!
सच्चाई -अंबेडकर नें सदैव अंग्रेजों का साथ दिया भारत छोड़ो आंदोलन की जम कर खिलाफत की एंव जिस साइमन कमीशन ने लालालाजपत राय की हत्या की और भगतसिंह को फांसी हुई, अम्बेडकर अंग्रेजों के उस साइमन कमीशन के साथ थे एंव अंग्रेजों को पत्र लिखकर बोला कि आप और दिन तक देश में राज करिए उन्होंने जीवन भर हर जगह आजादी की लड़ाई का विरोध किया।
7-मिथक -अम्बेडकर बड़े शक्तिशाली थे!
सच्चाई- 1946 के चुनाव में पूरे भारत भर में अंबेडकर की पार्टी की जमानत जप्त हुई थी।
8- मिथक-अंबेडकर नें अकेले आरक्षण दिया!
सच्चाई- आरक्षण संविधान सभा नें दिया जिसमें कुल 299 लोग थे, अंबेडकर का उसमें सिर्फ एक वोट था, आरक्षण सब के वोट से दिया गया था और भारत में कई दलित जातियों को आरक्षण 1909 में ही दे दिया गया था !
9-मिथक-अंबेडकर ने सविंधान बनाया।
सच्चाई- अंबेडकर केवल संविधान की 16 समितियों में से सिर्फ एक प्रारूप समिति के ही अध्यक्ष थे जबकि सविंधान बनाने वाली पूरी संविधान सभा के अध्यक्ष परम् विद्वान डाक्टर राजेंद्र प्रसाद जी थे और सविंधान का मसौदा, ढांचा बी एन राव ने बनाया था !
10-मिथक-अंबेडकर राष्ट्रवादी थे।
सच्चाई-1931में गोलमेज सम्मेलन में गांधी जी से भारत के टुकड़े करनें की बात कर दलितों के लिए अलग दलिस्तान की मांग की थी।
11-मिथक- आरक्षण को लेकर संविधान सभा के सभी सदस्य सहमत थे।
सच्चाई- इसी आरक्षण को लेकर सरदार पटेल से अंबेडकर की कहा सुनी हो गई थी। पटेल जी संविधान सभा की मीटिंग छोड़कर बाहर चले गये थे, बाद में नेहरू के कहनें पर पटेल जी वापस आये थे। सरदार पटेल नें कहा कि जिस भारत को अखण्ड भारत बनानें के लिए भारतीय देशी राजाओं, महराजाओं, रियासतदारों, तालुकेदारों नें अपनी 546 रियासतों को भारत में विलय कर दिया जिसमें 513 रियासतें क्षत्रिय राजाओं की थी।इस आरक्षण के विष से भारत भविष्य में खण्डित होने के कगार पर पहुंच जाएगा।
12-मिथक-अंबेडकर स्वेदशी थे।
सच्चाई- देश के सभी नेताओं का तत्कालीन पहनावा भारतीय पोशाक धोती -कुर्ता, पैजामा-कुर्ता, सदरी व टोपी, पगड़ी, साफा आदि हुआ करता था। गांधी जी नें विदेशी पहनावा व वस्तुओं की होली जलवाई थी। यद्यपि कि नेहरू, गाधीं व अन्य नेता विदेशी विश्वविद्यालय व विदेशों में रहे भी थे फिर भी स्वदेशी आंदोलन से जुड़े रहे।अंबेडकर की कोई भी तस्वीर भारतीय पहनावा में नही है। अंबेडकर अंग्रेजियत के हिमायती थे ।
अंत में कहना चाहते हैं कि अंग्रेज जब भारत छोड़ कर जा रहे थे तो अपने नापाक इरादों को जिससे भविष्य में भारत खंडित हो सके के रुप में अंग्रेजियत शख्सियत अंबेडकर की खोज कर लिए थे।
हमारा उद्देश्य सच्चाई बयां करने की कोशिश करना है। तथ्यों की जानकारी स्वयं अपने स्तर पर भी पता कर सकते हैं। ये सभी तथ्य गूगल पर मिल जायेंगे।
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कहाँ है लोकतंत्र? कहाँ है अभिव्यक्ति की आज़ादी?
पिछले 48 घंटों में तीन बड़े सोशल मीडिया चेहरों पर बड़ी कार्रवाई:
गौतम खट्टर: सेंट फ्रांसिस जेवियर पर टिप्पणी के मामले में लुकआउट सर्कुलर जारी, उत्तराखंड से उनके भाई को हिरासत में लिया गया।
अजीत भारती (@ajeetbharti): ‘पैरोडी गीत’ मामले में गुजरात सरकार का नोटिस। BNS की गंभीर धाराएं सेक्शन 152 और 353(2) लगाई गईं।
रतन रंजन (@RatanRanjan_): हालिया पोस्ट को लेकर राजस्थान पुलिस ने नोटिस जारी किया।
मिशनरी St. Francis Xavier पर टिप्पणी के मामले में गौतम खट्टर को गिरफ्तार करने हरिद्वार पहुँची गोवा पुलिस
गौतम खट्टर नहीं मिले तो उनके भाई माधव खट्टर को गिरफ्तार करके साथ ले गई पुलिस
पुर्तगालियों के संरक्षण में हिंदुओं पर किये थे क्रूर अत्याचार; लाखों हिंदुओं को बनाया था ईसाई
क्या मिशनरियों के दबाव में काम कर रही गोवा पुलिस? पूरा मामला समझा रहे @Keshavmalan93
भीमराव पर वीडियो बनाने के लिए गिरफ़्तारी! ये मानवाधिकारों का हनन है
इस लड़की के साथ जो अन्याय और अनाचार हो रहा है, उसका दोष, शत प्रतिशत, नरेंद्र मोदी पर है|
ये राक्षसी प्रावधान इस क़ानून में नरेंद्र मोदी ने ही किया है और इसका दंभ भी भरा है| @narendramodi@HMOIndia
प्रिय @BhajanlalBjp जी, एक वर्दीधारी अधिकारी पॉडकास्ट दे सकता है क्या? क्या यह ऑन ड्यूटी है? इसने जो बोला है, वह तो अलग डिबेट है, पर किया ‘मीणा’ होने के कारण इन्हें विशेष छूट है हिन्दुओं को अपमानित करने का?
इस मूर्ख को यह पता भी है छत के नीचे कैप/बैरे हटाना होता है? यदि आपके पास शस्त्र हैं, कोई सेरेमनी है, या संतरी का कार्य कर रहे हों, तब ही छत के नीचे कैप पहनना अनिवार्य है।