#जहानाबाद में आज 26वें #मगही_चौपाल के आयोजन में सम्मिलित हुआ । #मगही भाषा एवं संस्कृति के उत्थान और संरक्षण हेतु किए जा रहे प्रयासों के लिए आयोजकों को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए मैंने कहा कि #मगध का नाम मात्र सुनने पर मन में केवल किसी भू-खण्ड का स्मरण नहीं होता, अपितु एक समृद्ध विरासत का बोध होता है । मगध स्मरण कराता है हमारे पूर्वजों की बृहद् दृष्टि का; ज्ञान और शौर्य के साथ सत्य, करुणा एवं अहिंसा की प्रबल अभिव्यक्ति का; हर प्रकार के भेद से ऊपर उठकर व्यक्ति को व्यक्ति से जोड़ते हुए अखण्ड भारत के साम्राज्य को संगठित करने वाली उस प्राचीन संस्कृति का, तथा इस क्षेत्र में निहित भविष्य की असीम संभावनाओं का ।
मगध के प्राचीन गौरव का स्मरण करते हुए मैंने #मगही भाषा एवं साहित्य के महत्व को रेखांकित किया तथा इनके संरक्षण, संवर्धन एवं प्रसार की दिशा में किए जा रहे प्रयासों के लिए साधुवाद व्यक्त किया ।
मगध का अतीत हमें प्रेरणा देता है और वर्तमान हमें दायित्व का बोध कराता है कि उज्ज्वलतम भविष्य के निर्माण के लिए हम सब मिलकर संकल्पित एवं सतत प्रयास करें । यात्रा गतिमान है !
"विद्यामदो धनमदस्तृतीयोऽभिजनो मदः ।
मदा एतेऽवलिप्तानामेत एव सतां दमाः ॥"
अर्थात - "विद्या का अहंकार, धन-सम्पति का अहंकार, कुलीनता का अहंकार तथा सेवकों के साथ का अहंकार तो बुद्धिहीनों को होता है, सदाचारी व्यक्ति तो दमन द्वारा इनमें भी शांति ढूंढ लेते हैं ।"
#SundayThoughts
लेट्स इंस्पायर बिहार अभियान के तहत पटना में 'गार्गी उद्यमी सखी सावन महोत्सव' का भव्य आयोजन किया गया. लेट्स इंस्पायर बिहार अभियान के संस्थापक और सीनियर IAS अधिकारी विकास वैभव ने महोत्सव का उद्घाटन किया
दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में रह रहे मूल बिहारवासियों के मध्य #LetsInspireBihar अभियान के सशक्तिकरण के उद्देश्य के निमित्त दिल्ली-एनसीआर अध्याय के कोर टीम की मंथन बैठक डिफेंस काॅलोनी में आयोजित की गई । बैठक में अनेक विषयों पर विचार-विमर्श के पश्चात निम्नांकित निर्णय लिए गए -
(1) 22 दिसंबर, 2024 को दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित हुए बिहार @2047 विजन काॅन्क्लेव (सीजन 2) की ऐतिहासिक सफलता के पश्चात आगामी 14 दिसंबर, 2025 को तालकटोरा स्टेडियम में 'बिहार डेवलेपमेंट समिट 2025' के आयोजन का निर्णय लिया गया जिसका मुख्य विषय "2047 तक विकसित बिहार के विजन के अनुरूप प्रति व्यक्ति आय के स्तर में वृद्धि तथा पलायन पर पूर्ण विराम हेतु आवश्यक कार्ययोजना" निर्धारित किया गया ।
(2) दिल्ली-एनसीआर में निवास कर रहे लाखों बिहारवासियों को बिहार के उज्ज्वलतम भविष्य निर्माण के निमित्त अभियान के साथ जोड़ने हेतु क्षेत्रवार दायित्वों के निर्धारण के साथ समेकित प्रयास करने का सभी ने संकल्प लिया ।
(3) दिल्ली-एनसीआर में बिहार मूल की महिलाओं को अधिकाधिक संख्या में जोड़कर #गार्गी_अध्याय को सशक्त करने के लिए महिला समन्वयकों के दायित्वों के क्षेत्रवार निर्धारण हेतु बैठक के आयोजन का निर्णय लिया गया ।
यात्रा गतिमान है ! आइए, मिलकर प्रेरित करें बिहार !
भगवान बुद्ध ने कहा था कि
1. निर्वाण (मोक्ष) की प्राप्ति व्यक्ति के अपने प्रयासों और आत्मिक विकास से संभव है, न कि किसी बाहरी मूर्ति या प्रतीक की पूजा से।
2. उन्होंने श्रद्धा और भक्ति को अंधविश्वास के बजाय विवेक और समझ पर आधारित होना चाहिए कहा।
भगवान बुद्ध मूर्ति पूजा के विरोधी थे। भगवान बुद्ध ने अपने जीवनकाल में मूर्तियों की पूजा या किसी मूर्ति के माध्यम से ईश्वर या निर्वाण की प्राप्ति की बात नहीं की। उन्होंने हमेशा आत्मनिरीक्षण, ध्यान, करुणा और नैतिक जीवन को महत्व दिया। #bodhgaya
"प्राप्यापदं न व्यथते कदाचि दुद्योगमन्विच्छति चाप्रमत्तः।
दुःखं च काले सहते महात्मा धुरन्धरस्तस्य जिताः सप्तनाः।"
अर्थात - "जो संकट से विचलित न हो सावधानी से कार्य करता है और हंसकर दुःख सह जाता है, उसके समक्ष शत्रु नहीं टिक सकते, वे तूफान में तिनकों के समान उड़कर छितरा जाते हैं ।"
#SaturdayThoughts
"अतुलं तत्र तत्तेजः सर्वदेवशरीरजम्।
एकस्थं तदभून्नारी व्याप्तलोकत्रयं त्विषा॥"
अर्थात - "सभी देवताओं से उत्पन्न हुआ और तीनों लोकों में व्याप्त वह अतुल्य तेज जब एकत्रित हुआ तब वह नारी बना (भारतीय संस्कृति में प्राचीन काल से नारी का अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान रहा है)।"
#SundayThoughts
"नात्यन्तं सरलेन भाव्यं गत्वा पश्य वनस्थलीम्।
छिद्यन्ते सरलास्तत्र कुब्जास्तिष्ठन्ति पादपाः।।"
(आचार्य चाणक्य)
अर्थात - "किसी भी व्यक्ति को आवश्यकता से अधिक 'सीधा' नहीं होना चाहिए। वन में जाकर देखो - सीधे तने वाले पेड़ ही काटे जाते हैं, टेढ़े को कोई नहीं छूता।"
#SaturdayThoughts
शहर में बाइक चोरी की घटना दो वर्षों से लगातार हो रही है ऐसा नहीं कि प्रशासन अनभिज्ञ है बाइक चोरी की घटना को लेकर जिले के तत्कालीन एसपी एवं वर्तमान एसपी के समझ प्रमुखता से बात रखी गई थी लेकिन गस्ती के नाम पर पुलिस की खानापूर्ति हो रही है @spjehanabad@bihar_police
@spjehanabad मेरी बाइक बजाज पल्सर 150 शांतिनगर जहानाबाद से चोरी हो गयी है। BR25D2761
आज 24/06/ 2024 शाम को. कृपया समुचित कार्रवाई करें। @bihar_police @DM_Jehanabad
ये दृश्य हैं नव बिहार के, जहाँ स्लम में रहने वाले वंचित विद्यार्थियों तक भी विद्या की ज्योति पहुंचा रहीं हैं विदुषी गार्गी वाचक्नवी की ज्ञान परंपरा से प्रेरित हमारी विदुषियाँ ! #LetsInspireBihar के अंतर्गत #गार्गी_अध्याय से स्वैच्छिक रूप से जुड़कर विदुषियों द्वारा बिहार के 8 जिलों में 14 केन्द्रों पर संचालित की जाती है निःशुल्क #गार्गा_पाठशाला ! कहती हैं कि "अब हर बच्चा बनेगा हुनरवाला, क्योंकि आपके शहर में है गार्गी पाठशाला !" यात्रा गतिमान है ! आइए, मिलकर प्रेरित करें बिहार !
#पटना में #LetsInspireBihar के संदेश के साथ युवाओं एवं विद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों के लिए 'भर ले उड़ान' विशेष समर कैंप का आयोजन किया गया जिसमें कराटे कोच स्वीटी पंडित जी तथा समाजसेवी सौरव भारती पासवान जी की प्रमुख भूमिका रही । अवसर पर संबोधन के क्रम में मैंने सभी को बताया कि बिहार की भूमि प्राचीन काल से ही ज्ञान, शौर्य एवं उद्यमिता की प्रतीक रही है और यह किहम उन्हीं यशस्वी पूर्वजों के वंशज हैं जिनमें अखंड भारत के साम्राज्य को स्थापित करने की क्षमता तब थी जब न आज की भांति विकसित मार्ग थे, न सूचना तंत्र और न उन्नत प्रौद्योगिकी ।
यह हमारे पूर्वजों के चिंतन की उत्कृष्टता ही थी जिसने बिहार को ज्ञान की उस भूमि के रूप में स्थापित किया जहाँ वेदों ने भी वेदांत रूपी उत्कर्ष को प्राप्त किया । ज्ञान की परंपरा ने ही कालांतर में ऐसे विश्वविद्यालयों को स्थापित होते देखा जहाँ संपूर्ण विश्व के विद्वान अध्ययन हेतु लालायित रहते थे । उर्जा निश्चित आज भी वही है, आवश्यकता केवल चिंतन की है कि उर्जा का प्रयोग हम कहाँ कर रहे हैं । यदि पूर्वजों के कृतित्वों से हम प्रेरित होते हैं तो स्वयं की असीमित क्षमताओं के विषय में भी हमें स्पष्ट हो जाना चाहिए । आवश्यकता लघुवादों यथा जातिवाद, संप्रदायवाद आदि संकीर्णताओं से परे उठकर राष्ट्रहित में आंशिक ही सही परंतु कुछ निस्वार्थ सकारात्मक सामाजिक योगदान समर्पित करने की है ।
अंत में मैंने सभी से चिंता नहीं अपितु चिंतन करने तथा आपस में संघर्ष नहीं अपितु सहयोग करने को कहा ताकि मिलकर उज्ज्वलतम भविष्य निर्माण हेतु हम कुछ प्रयास कर सकें । यात्रा गतिमान है ! आइए, मिलकर प्रेरित करें बिहार !
जब अंतर्मन की शुद्ध भावना अपने निस्वार्थ स्वरुप में राष्ट्रनिर्माण के निमित्त संगठनात्मक स्वर धर तीव्रता सहित आवाह्न प्रस्फुटित करती है, तब अंतर्निहित अनुगूंज हर आडंबर रूपी अवरोध को छिन्न-भिन्न करती हुई मन से मन को केवल जोड़ती है और एक ऐसे यज्ञ का प्रारंभ कर देती है जिसकी ज्वालाएं हर विशुद्ध आहुति से सशक्त होती हुईं नव परिवर्तन के दावानल का निर्माण करती हैं । इतिहास में हर बृहत परिवर्तन का आधार अंतर्मन की वह शुद्ध भावना ही है जो भले आडंबरों की भ्रामक छाया में विलुप्तप्राय प्रतीत होती हो परंतु जिसके अस्तित्व पर कदापि संदेह नहीं हो सकता और जिसके स्वरुप धारण करने पर नव सर्जना का प्रारंभ होना निश्चित है । #LetsInspireBihar का संदेश भी कुछ ऐसा ही है जिसका उद्देश्य 2047 तक विकसित भारत में एक ऐसे विकसित बिहार के निर्माण का है जिसमें शिक्षा, रोजगार अथवा स्वास्थ्य के लिए किसी को अन्यत्र जाने की आवश्यकता न हो । यह सर्वथा स्पष्ट है कि 2047 तक भारत के विकसित राष्ट्र बनने के लिए बिहार का विकसित होना अत्यंत आवश्यक है और इसके लिए सबसे महत्वपूर्ण है अपने ही पूर्वजों से प्रेरणा ग्रहण करते हुए जाति-संप्रदाय, लिंगभेद आदि लघुवादों से उपर उठकर शिक्षा, समता और उद्यमिता के मूल मंत्रों के साथ योगदान ।
हमें समझना होगा कि संपूर्ण भारतवर्ष के उज्ज्वलतम भविष्य की संभावनाएं कहीं न कहीं उसी भूमि में समाहित हैं जिसने अखंड भारत के साम्राज्य का नेतृत्व तब किया जब न आज की भांति संचार के माध्यम थे, न विकसित मार्ग और न प्रौद्योगिकी । इसी उद्देश्य के निमित्त 22 मार्च, 2021 से लेट्स इंस्पायर बिहार अभियान निरंतर कार्य कर रहा है और आज जब 90,000+ व्यक्ति जुड़ चुके हैं तब अभियान को और व्यापक बनाते हुए हर ग्राम-नगर के हर जन-जन तक पहुंचाना अंत्यंत आवश्यक हो गया है । अभियान को सशक्तता प्रदान करने हेतु #पटना के नेउरा में दो दिवसीय चिंतन शिविर (15 एवं16 जून) का आयोजन किया गया जिसमें बिहार के सभी जिलों से पधारे समन्वयकों विचार-विमर्श किया तथा 2028 तक बिहार के हर ग्राम-नगर के हर जन तक पहुंचकर बिहार के उज्ज्वलतम भविष्य निर्माण का संकल्प लिया । चिन्तन शिविर के कुछ दृश्य साझा कर रहा हूँ । यात्रा गतिमान है !