Prepaid Recharge Customers के साथ हो रही लूट का मुद्दा आज मैंने Parliament में उठाया।
(a) अगर आपका recharge खत्म हो जाए तो Outgoing Calls बंद होना समझ में आता है, लेकिन Incoming Calls बंद करना मनमानी है।रिचार्ज खत्म होते ही न कोई आपसे संपर्क कर सकता है और न ही आपके फोन पर OTP जैसे जरूरी मैसेज आ पाते हैं। Emergency के हालातों में व्यक्ति बेसहारा हो जाता है।
(b) 28 दिन का Recharge plan एक scam है। साल में महीने 12 होते हैं लेकिन रिचार्ज 13 बार करवाना पड़ता है (28 days x 13 times = 364 days).
Recharge plan की वैधता calender months (30–31 दिन) के हिसाब से होनी चाहिए, क्योंकि 28 दिन के चक्कर में लोगों को साल भर में एक अतिरिक्त रिचार्ज करवाना पड़ता है।
मोबाइल आज के समय में Luxury नहीं, बल्कि आम नागरिक की Necessity बन चुका है।
इसलिए टेलीकॉम कंपनियों को उपभोक्ताओं के साथ Fair और Transparent रवैया रखना चाहिए।
@tapasyadeva_44 इसने जो टिकट काटा है वो पेपर टिकट है। मोबाइल के साथ प्रिंट टिकट होना जरूरी है। पेपरलेस टिकट ही मोबाइल में valid होती है। @AshwiniVaishnaw@RailMinIndia
BAD ROADS
कहीं 90 डिग्री का flyover, कहीं 4 लेन के flyover का डिज़ाइन ऐसा कि एकदम 2 लेन का बन जाए, कहीं नई सड़क बनती है तो एक बारिश में टूट जाती है।
एक सड़क बनती है तो कोई दूसरी एजेंसी आकर उसे खोद देती है। फिर महीनों तक जनता बदहाली का शिकार…
इस सिस्टम को दुरुस्त करने की ज़रूरत है। काम ठीक से ना करने वाले, भ्रष्टाचार करने वाले अधिकारियों और ठेकेदारों पर सख़्त कार्यवाही होनी चाहिए। देश की रफ़्तार धीमी नहीं होनी चाहिए।
कुछ प्राइवेट फार्मा कंपनियाँ ब्रांडेड दवाइयों (medicines) पर 600% से 1000% तक मुनाफ़ा कमा रही हैं। यह कोई आरोप नहीं, बल्कि संसद की समिति की रिपोर्ट में दर्ज तथ्य है।
जहाँ वही दवा generic रूप में 80-90% सस्ती मिल सकती है, वहीं सिर्फ ब्रांड के नाम पर आम आदमी से कई गुना कीमत वसूली जा रही है।
बीमार इंसान के पास मोलभाव का विकल्प नहीं होता,
उसे किसी भी हाल में दवा चाहिए, और इसी मजबूरी का फायदा उठाया जा रहा है।
स्वास्थ्य कोई व्यापार नहीं, अधिकार है। गरीब और मध्यम वर्ग की गाढ़ी कमाई दवा कंपनियों के मोटे मुनाफ़े में नहीं जानी चाहिए।
Private Hospital में इलाज करवाने की ज़रूरत पड़ जाए तो एक आम परिवार का घर-गहने गिरवी रखने तक की नौबत आ जाती है।
अस्पताल में भर्ती होने से पहले ही ₹50,000-1,00,000 तक Advance रखवाया जाता है। अस्पतालों के कमरों का रेंट 5 स्टार के होटल से महँगे।
बेड मिलते ही बिल में thermometer-sanitizer-masks-gloves सब बिल में जुड़ना शुरू हो जाते हैं। जो दवाएँ बाहर डिस्काउंट पर मिलती हैं वो अस्पताल में पूरे रेट पर मिलती है। लैब टेस्ट मान्य होती है तो सिर्फ़ अस्पताल की।
आज संसद में ये ज़रूरी मुद्दा रखा।
पटना-गया रेलखंड पर पहले जहां पटना से गया पैसेंजर ट्रेन 2:40 घंटे में पहुंचती थी,वहीं रेलवे द्वारा कई घंटे (कई दिन)तक रेल परिचालन बंद, पटरी बदलने, अन्य कार्य के बाद अब ट्रेन 3:15-20 घंटे में पहुंचती है।कोई ट्रेन समय से नहीं पहुंचती @drmdnr@PMOIndia@RailMinIndia@AshwiniVaishnaw
माटी को सोना करने वाली कलाकारी है जी।
हां हम बिहारी हैं जी, थोड़े संस्कारी हैं जी।
बुद्ध का हम ताना-बाना, जैसे प्रिय लागे मखाना।
हम हैं महावीर की बानी, आर्यभट्ट जैसे ज्ञानी।
ये धरती अशोक वाली, जलती है अबीर बलशाली।
उस बंजर को सींचा करते हैं, जिसका न कोई माली।
अकेले चाणक्य जैसे सौ-सौ पे भारी हैं जी।
हां, हम बिहारी हैं जी... थोड़े संस्कारी हैं जी...
सुनिए, हर बिहारी को गौरवान्वित करने वाली बिहार की समृद्ध संस्कृति और परंपराओं को संजोए, भाजपा सांसद व प्रसिद्ध कलाकार श्री मनोज तिवारी द्वारा गाया गया ये मनोहारी गीत...