मुझे पसंद हैं
मस्तमौला अल्हड़ से लड़के
ज़िम्मेदारी की टीशर्ट पर
बेफ़िक्री की शर्ट चढ़ाए।
मुड़े आस्तीन में
आँसू छुपाते।
कॉलर में स्वाभिमान ऊँचा किए
लड़के!
प्रकृति का वो फूल हैं
जो अपनी महक से
सब कुछ सुवासित कर देते हैं।
इनका साथ एक सुकून है
ज़िंदादिल लड़के
ज़िंदगी बदल देते हैं।
आज आ गए हैं तुम और मै तुम्हारे नाना नानी के घर,इक तरीके से तुम्हारा मेरा सफ़र अब यहीं से शुरू होगा। तुम्हें भी तुम्हारे पिता की उतनी ही याद आ रही होगी जितनी कि मुझे,रोज़ उनकी आवाज़ जो सुनते थे,पर क्या कर सकते हैं..
अब तुम्हारे इस दुनिया में आने का इंतज़ार है,वो भी बेसब्री से..
इक बार तो तुमने डरा ही दिया था,उस एक हफ्ते मे ऐसा लग रहा था जैसे हर दिन एक हफ्ते का हो,पर तुम अब ठीक हो और यही तो हमें चाहिए था...खैर आज से तुम्हारे आने का इंतज़ार करने लगे हैं हम,कहते हैं ३७ हफ़्ते तक पहुंच गए तो तुम स्वस्थ रहोगे,मेरी कोशिश वही है तुम भी वही कोशिश करना,ठीक है..
इक बार तो तुमने डरा ही दिया था,उस एक हफ्ते मे ऐसा लग रहा था जैसे हर दिन एक हफ्ते का हो,पर तुम अब ठीक हो और यही तो हमें चाहिए था...खैर आज से तुम्हारे आने का इंतज़ार करने लगे हैं हम,कहते हैं ३७ हफ़्ते तक पहुंच गए तो तुम स्वस्थ रहोगे,मेरी कोशिश वही है तुम भी वही कोशिश करना,ठीक है..
ये जो २ माह निकले है बहुत कुछ बदला इनमे, तुम भी बदल गए हो या कहूं तो बड़े हो गए हो.. अब तुम्हे हिलते हुए महसूस ही नहीं,देख भी सकती हूँ... घूम जाते हो ऐसे तुम,जैसे टहल रहे हो किसी बागीचे मे.. खाती मै हूं और मज़ा तुम्हे आ जाती है जैसे १०० पकवान मिले हो..