ओसियां विधानसभा क्षेत्र में किसानों के घर पुलिस भेज कर जो व्यवहार कर रहा है यह प्रशासन पर गंभीर प्रश्न खड़े करता हैं।
आज ग्राम पंचायत गोपासरिया में राजनीतिक द्वेष की भावना से विद्युत विभाग के कर्मचारी पुलिस बल के साथ एक किसान के खेत से ट्रांसफार्मर (ढोलकी) हटाने पहुँचे। ओसियां में इस प्रकार की यह दूसरी घटना है, जो कई गंभीर सवाल खड़े करती है।
बिजली जैसी मूलभूत आवश्यकता से जुड़े मामलों में सौतेला व्यवहार, पक्षपातपूर्ण रवैया अथवा राजनीतिक द्वेष की भावना से किसी भी प्रकार का हस्तक्षेप नहीं होना चाहिए। प्रशासन का दायित्व है कि वह निष्पक्षता, पारदर्शिता और जनहित को सर्वोपरि रखते हुए कार्य करे, न कि आम नागरिकों और किसानों को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़े।
ओसियां क्षेत्र में किसानों को पर्याप्त बिजली आपूर्ति नहीं मिल रही है, जिससे किसान और आमजन भारी परेशानियों का सामना कर रहे हैं। खेती-किसानी का कार्य प्रभावित हो रहा है और लोगों में गहरा असंतोष व्याप्त है।
दुर्भाग्यपूर्ण बात यह है कि समस्या का समाधान करने के बजाय किसानों को परेशान किया जा रहा है। जिन अधिकारियों की जिम्मेदारी किसानों की समस्याओं का निराकरण करना है, वही यदि किसानों पर अनावश्यक दबाव बनाएं, तो यह अत्यंत चिंताजनक स्थिति है।
किसानों का अनावश्यक उत्पीड़न और उनके साथ अन्याय किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है।
मां केवल एक संबोधन नहीं, जीवन की वह मौन शक्ति होती है, जिसके स्नेह की छाया में व्यक्तित्व आकार लेता है और संघर्षों से लड़ने का साहस जन्म लेता है।
हमारे जीवन में हमारी मां वह अडिग विश्वास हैं, जिन्होंने हर कठिन समय में हमें संभाला, हर निर्णय में हमारा संबल बनीं और हर परिस्थिति में हमें अपने संस्कारों से जोड़े रखा। उनके त्याग, धैर्य और निस्वार्थ प्रेम को शब्दों में बांध पाना संभव नहीं है।
आज हम जो कुछ भी हैं, उसमें उनकी तपस्या, उनकी सीख और उनका स्नेह गहराई से समाहित है। मां का आशीर्वाद होने से ही जीवन के हर संघर्ष में एक अपनापन, एक भरोसा और आगे बढ़ते रहने का साहस बना रहता है।
#HappyMothersDay from Divvya & Rubal ❤️
यह क्षण मेरे जीवन के उन दुर्लभ अनुभवों में शामिल हो गया, जिन्हें शब्दों में पूरी तरह व्यक्त करना आसान नहीं होता।
परम पूज्य Dalai Lama से मस्तक से मस्तक स्पर्श के माध्यम से आशीर्वाद प्राप्त करना मेरे लिए अत्यंत भावपूर्ण और आध्यात्मिक अनुभव रहा।
तिब्बती बौद्ध परंपरा में मस्तक को ज्ञान, चेतना और उच्च आध्यात्मिक ऊर्जा का केंद्र माना जाता है। इसलिए ऐसा स्पर्श केवल एक परंपरा नहीं, बल्कि करुणा, शांति और आत्मिक ऊर्जा का गहरा संदेश माना जाता है। तिब्बती संस्कृति में इस forehead to forehead blessing को “Odu” कहा जाता है, जिसे आशीर्वाद के सबसे गहरे और पवित्र रूपों में से एक माना जाता है।
विश्व शांति, करुणा और मानवता के प्रतीक परम पूज्य Dalai Lama से मिला यह आशीर्वाद मुझे हमेशा स्मरण कराएगा कि सार्वजनिक जीवन का सबसे बड़ा धर्म सत्ता नहीं, बल्कि सेवा, संवेदना और मानवता है।
#DalaiLama #Blessings #DivvyaMahepalMadernna
जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्षों के लिए आयोजित संगठन सृजन अभियान प्रशिक्षण शिविर।
संगठन की मजबूती, जनसंपर्क और कार्यकर्ताओं की भूमिका पर सार्थक संवाद हुआ, जिससे नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ने का संकल्प और मजबूत होगा।
📍कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश
#SangathanSrijanAbhiyan#Congress #RahulGandhi #Kangra #DivvyaMadernna
दिनांक 02 एवं 03 अप्रैल 2026 को असम के डिब्रूगढ़ और जोरहाट में प्रेस वार्ता करूँगी, जिसमें भाजपा सरकार के सिंडिकेट राज और भ्रष्टाचार के जाल के साथ-साथ उनके विकास के खोखले दावों की हकीकत उजागर की जाएगी।
पुत्री होकर भी मैंने सदैव पुत्री की ही भूमिका का निर्वहन किया है, पुत्र का स्थान ग्रहण करने का प्रयास नहीं किया।
क्योंकि जिस प्रकार बाजरा बनना सहज नहीं होता, उसी प्रकार राजनीति में पुत्री का होना भी सरल नहीं है।
और पुत्री होकर बाजरा बनना वह तो निस्संदेह उससे भी अधिक कष्टसाध्य है।
खाने में क्या है?
@kunalvijayakar के साथ एक छोटा सा प्रयास अपनी संस्कृति, अपने स्वाद और अपनी जड़ों को दुनिया के साथ साझा करने का।
यह मुलाकात सिर्फ खाने तक सीमित नहीं रही, यह उन परंपराओं, उन यादों और उस मिट्टी से जुड़ने का एहसास थी, जो हमें आज भी अपनी पहचान से जोड़े रखती हैं।
ओसियां की कचौरी से लेकर बाजरे के सोगरे तक हर निवाला एक कहानी, हर स्वाद एक विरासत।
शुद्ध शाकाहारी देसी मारवाड़ी थाली, आत्मीयता से भरी मनवार और बातचीत। यही तो है हमारी असली पहचान।
गत रात्रि ओसियां विधानसभा क्षेत्र के ग्राम डांवरा में नव निर्माणाधीन सोलर प्लांट की आड़ में 100 से अधिक खेजड़ी के पेड़ों की अवैध कटाई किया जाना अत्यंत निंदनीय है। यह केवल पेड़ों की कटाई नहीं, बल्कि मरुधरा की जीवनरेखा पर सीधा हमला है।
एक तरफ़ बीकानेर में खेजड़ी संरक्षण को लेकर पर्यावरण प्रेमी आंदोलन कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर ओसियां विधानसभा क्षेत्र के डांवरा में सोलर प्लांट की आड़ में अंधाधुंध खेजड़ी की कटाई की जा रही है। यह दोहरा मापदंड और प्रशासनिक उदासीनता अत्यंत चिंताजनक है।
चिंताजनक तथ्य यह है कि इससे पूर्व ओसियां विधानसभा के ग्राम खारी में भी सोलर प्लांट के नाम पर खेजड़ी वृक्षों का विनाश किया गया। जब ग्रामीणों ने इस पर्यावरणीय अपराध के खिलाफ शांतिपूर्ण ढंग से विरोध दर्ज कराया, तो दोषी कंपनियों पर कार्रवाई करने के बजाय प्रशासन ने ग्रामीणों को ही पाबंद किया।
यह रवैया न केवल अन्यायपूर्ण है, बल्कि यह खतरनाक संदेश भी देता है कि कानून आम जनता के लिए सख़्त और पर्यावरण विनाश करने वालों के लिए नरम है।
वर्तमान में डांवरा में ग्रामीणजन खेजड़ी कटाई के विरोध में शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं।
मैं प्रशासन से स्पष्ट मांग करती हूँ कि ग्रामीणों की सभी जायज़ मांगों को तत्काल स्वीकार किया जाए, दोषी कंपनियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए और भविष्य में खेजड़ी जैसे संरक्षित वृक्षों की कटाई पर पूर्ण प्रतिबंध सुनिश्चित किया जाए।
#खेजड़ी_बचाओ
@BhajanlalBjp@RajCMO@JodhpurDm@JdprRuralPolice
ओसियां विधानसभा क्षेत्र के ग्राम भवाद में स्थित एक सोलर प्लांट में तैनात सिक्योरिटी गार्ड गोपाल किशन पुत्र श्री अर्जुनराम मेघवाल का शव बीती रात ड्यूटी के दौरान संदिग्ध परिस्थितियों में मिला है।
इस घटना से क्षेत्र में आक्रोश का माहौल है। ग्रामीणों ने इसे हत्या की आशंका बताते हुए निष्पक्ष जाँच की माँग को लेकर धरना शुरू कर दिया है।
मामले की गंभीरता एवं संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस प्रशासन से मांग है कि तुरंत उच्च स्तरीय व निष्पक्ष जाँच प्रारंभ की जाए, ताकि मृत्यु के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सके और पीड़ित परिवार को न्याय सुनिश्चित किया जा सके।
यदि प्रशासन शीघ्र ही स्थिति स्पष्ट नहीं करता और दोषियों के विरुद्ध उचित कार्रवाई नहीं होती, तो मैं स्वयं मौके पर पहुँचकर ग्रामीणों के साथ न्याय की इस लड़ाई में शामिल होऊँगी।
@BhajanlalBjp@RajCMO@JodhpurDm
कल देश की राजधानी के केंद्र में हुआ धमाका हमारे सुरक्षा तंत्र और नेतृत्व की प्राथमिकताओं पर बड़ा सवाल है।
लोग दहशत में हैं और देश के प्रधानमंत्री जी विदेश रवाना हो जाते है। यह संवेदनहीनता नहीं तो और क्या है?
लाल किला आज सिर्फ ईमारत नहीं, बल्कि प्रतीक बन गया है, उस सवाल का जो हर नागरिक के दिल में है कि क्या अब इस देश में जवाबदेही के मायने ही ख़त्म हो गए है?
#lalqila #delhi #redfort
AICC की राष्ट्रीय सचिव एवं ओसिया की पूर्व विधायक सुश्री दिव्या मदेरणा जी को जन्मदिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ।
ईश्वर से प्रार्थना है कि आपको सदा उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु और जनसेवा के कार्यों में निरंतर सफलता प्राप्त हो।
मेरी प्यारी छोटी बहन रूबल को जन्मदिन की ढेरों शुभकामनाएँ! 🎉
आप मेरे जीवन का सबसे खास और अनमोल हिस्सा हैं। बचपन से लेकर आज तक आपके साथ बिताए हुए पल मेरे लिए हमेशा यादगार रहेंगे। आप मेरे लिए सिर्फ बहन ही नहीं, बल्कि एक सच्ची दोस्त भी हो।
ईश्वर से प्रार्थना है कि आपके जीवन में हमेशा खुशियाँ, सफलता और अपार प्यार बना रहे। आप जो भी सपना देखें, वह पूरा हो और आपके चेहरे से मुस्कान कभी कम न हो।
#HappyBirthdayRubal ♥️
विरासत को तोड़कर ‘शेरनी’ की ताकत दिखा रहीं कांग्रेस की दिव्या मदेरणा
राजनीतिक गलियारे अक्सर यह तंज उड़ाते आए हैं कि विरासत में मिली ताकत का बोझ वंशजों की पहचान के साथ उसका विकास नहीं होने देता. वे पीढ़ियों की छाया में कूप मंडूक की तरह उछलते ही रह जाते हैं लेकिन कांग्रेस की दिव्या मदेरणा ने इस तमगे को सीधे तौर पर चुनौती दी है.
कौन हैं ये ‘शेरनी’?
वंश से ज़्यादा तेवर से पहचान — दिव्या, स्व.महिपाल मदेरणा की बेटी और वरिष्ठ नेता स्व.परसराम मदेरणा की पोती हैं, लेकिन राजनीतिक पहचान उन्होंने अपने संघर्ष और निर्णायक तेवरों से बनाई है.
जाट समाज की दमदार हस्ती
राजनीतिक पटल पर वे राजस्थान के ज़मीनी वर्ग विशेषकर जाट समुदाय में “शेरनी ऑफ ओसियां” कहे जाने लग गए हैं क्योंकि उनका मिज़ाज और जज़्बा पहचान बना रहा है.
आक्रामक, लेकिन समर्थकों के लिए सब कुछ वे कभी-कभी विधानसभा या सार्वजनिक बैठकों में विरोधियों को चेतावनी देती दिखीं, लेकिन यह शैली उनकी सशक्त चुनावी पहचान का हिस्सा है
विरासत को आगे बढ़ाया
पहले पिता महिपाल और दादा परसराम मदेरणा ने जाट समाज में मजबूत राजनीतिक छवि बनाई, और दिव्या ने यह विरासत न केवल संभाली, बल्कि अपनी शैली से उसे पुनर्परिभाषित किया.
2018 में ओसियां से विजयी रहने वाली दिव्या ने 2023 में पुनः चुनौती भरा मुकाबला लड़ा, लेकिन इस बार उन्हें बीजेपी के भैराराम चौधरी ने शिकस्त दी. इस बीच, जाट वोट बैंक में उनकी पकड़ के बावजूद, राजपूत और अन्य समुदायों की बढ़ती भूमिका ने चुनावी समीकरण बदल दिए.
विरासत को न्योता, शेरनी ने तोड़ी दीवार
राजनीति में अक्सर कहा जाता है कि विरासत के घोंसले से पैदा हुई संतान कभी पूरी ताकत नहीं दिखा पाती। लेकिन कांग्रेस की ‘शेरनी ऑफ ओसियां’, दिव्या मदेरणा ने यह मिथक तोड़ते हुए अपनी राजनीतिक पहचान खुद बनाई है.
मदेरणा वंश से निकल कर, दिव्या न सिर्फ जाट समाज की प्रमुख नेता के रूप में उभरी हैं, बल्कि उन्होंने अपनी आक्रामक शैली, जन समर्थन और आस्था से कांग्रेस में अपनी अलग जगह बनाई है. उनके संवाद की शैली और संघर्ष की राह किसी भी मोड़ पर फिर से सत्ता तक ले जा सकती है.
@DivyaMaderna
आज मैं अपने पूज्य दादाजी, राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष, किसान राजनीति के पुरोधा स्व. श्री परसराम मदेरणा जी की जयंती पर उन्हें कोटिशः नमन करती हूँ।
उनकी सिद्धांतों पर आधारित राजनीति, किसानों, गरीबों और मजदूरों के प्रति उनकी निष्ठा, और जनसेवा के प्रति उनका समर्पण, आज भी हम सभी को राह दिखाता है। उन्होंने हमेशा सिखाया कि राजनीति का असली अर्थ सत्ता नहीं, सेवा है। उनका जीवन और कार्यशैली मेरे लिए ही नहीं, इस देश की नई पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
राजस्थान की माटी के इस सच्चे सपूत को उनकी जयंती पर मेरा शत-शत प्रणाम।
#ParasramMaderna
"Rahul Gandhi is the future of India!
राहुल गांधी सिर्फ़ एक नेता नहीं.. वो आम आदमी, किसान, युवा, गरीब और वंचितों की आवाज़ हैं! वो अकेले नेता हैं जो खुलकर सामाजिक न्याय और जातिगत जनगणना की बात करते हैं!
उनके जन्मदिन पर भारतीय युवा कांग्रेस द्वारा इस रोज़गार मेले का आयोजन होना… सच में काबिल-ए-तारीफ है!"
: कांग्रेस राष्ट्रीय सचिव @DivyaMaderna जी
आप सभी को विश्व पर्यावरण दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं।
स्वच्छ-सुरक्षित पर्यावरण हमारे पारिस्थितिकी तंत्र तथा जैव-विविधता को संतुलित व संरक्षित रखता है।
आइए इस विश्व पर्यावरण दिवस पर हम सभी पर्यावरण स्वच्छ रखने का प्रण लें।
#WorldEnvironmentDay
Smt. Sonia Gandhi ji has always been an icon and an inspiration to me. Her visionary leadership and unwavering commitment to public welfare have shaped the political landscape of our country in profound ways.
From landmark initiatives during the UPA Government like the Right to Information (RTI), MGNREGA, the Right to Education, and the Right to Social Security — to her pioneering role in championing the 33% Women’s Reservation Bill, Sonia ji’s contributions have left a lasting impact.
It is her determination, resilience, and sense of purpose that have guided the Congress Party through challenging times and continue to inspire generations of leaders.
📍New Delhi
कल ओसियां और चेराई ब्लॉक में कांग्रेस कमेटी की ब्लॉक स्तरीय बैठकों का आयोजन प्रस्तावित है।
- ब्लॉक: ओसियां
स्थान: श्री अंतरराष्ट्रीय अतिथि गृह, भवन ओसियां
समय: प्रातः 11:00 बजे
- ब्लॉक: चेराई
स्थान: खोखरी माताजी मंदिर, तिंवरी
समय: दोपहर 2:00 बजे
ये बैठकें संगठनात्मक गतिविधियों, आगामी योजनाओं और जमीनी कार्यकर्ताओं से संवाद के लिए बेहद महत्वपूर्ण होंगी, जिनमें आप कार्यकर्ताओं की भागीदारी से संगठन को नई ऊर्जा और दिशा मिलेगी।