In the last 10 years, stocks that became 10-baggers:
🇮🇳 India: 1 in 5 companies gave 10x return
🇺🇸 US: only 7 out of 100 did that.
🇨🇳 China: Just 3 out of 100.
This man has created a formula to get 100 companies out of the pool of 7000 listed stocks in the Indian stock markets.
He uses the MILES Framework to identify multibagger stocks.
What is this framework he explained in this video👇
शेयर बाज़ार के लोगों की मानसिकता :
१. बीएसई जब 320 में कोरोना काल में मिल रहा था तब बीएसई में क्या रखा है , 90% वॉल्यूम तो एनएसई में ही होता है और अब ५ साल बाद ही 36000 में ले रहें है , ना जाने अब कौनसा वैल्यू दिख रहा है !
२. 420 में अपार इंडस्ट्री 2021 में मिल रहा था तब इसकी तरफ़ कोई देख भी नहीं रहा था और अब 16000 में अपार सम्भावनाएँ लग रही है !
हम तो फ्री करके बैठे है और हमें कम से कम १० साल होल्ड भी करना है पर जो ख़रीद रहें है इन भावों में मुझे तो उनको सोच के बारे में जानना है !
क्या आप लोग बता सकते है ?
जिस शेयर में एक साल में ३ बार लगातार ऊपर का सर्किट या ३ बार लगातार नीचे का सर्किट लगे , उस शेयर को कभी भी अपने लॉंगटर्म पोर्टफोलियो का हिस्सा नहीं बनाना चाहिए !
ऐसा अधिकतर ऑपरेटर और मैनेजमेंट की मिलीभगत से ही होता है !
शिव, विष्णु और ब्रह्मा जी में से जिनके प्रति अनुराग हो, उनकी उपासना करके निष्पाप हो जाएं। व्यर्थ में इनमें बड़ा-छोटा कर पाप का भागी न बनें।
Worship Śiva ji, Viṣṇu ji, or Brahmā ji acc to your personal devotion & cleanse your pāpa. Do not incur pāpa by ranking them pointlessly.
प्रभु स्पष्ट कहते हैं
"निर्मल मन जन सो मोहि पावा, मोहि कपट छल छिद्र न भावा।"
उन्हें धनवान, विद्वान, ब्राह्मण या क्षत्रिय होने से कोई सरोकार नहीं है, वे तो केवल उस निष्कपट निर्मल मन रीझते हैं जो गंगा जल की तरह पवित्र हो चुका हो।
जीवन में समय निकालकर इन उपनिषदों का अध्ययन और समझने का प्रयास अवश्य करें… मेरी दृष्टि में इनका अध्ययन इस क्रम में अधिक गहराई से समझ आता है…
कठोपनिषद, मुण्डक उपनिषद, केनोपनिषद, ईशोपनिषद, माण्डूक्य उपनिषद
नाभिषेको न संस्कारः सिंहस्य क्रियते वने।
विक्रमार्जितसत्वस्य स्वयमेव मृगेन्द्रता॥
The lion isn’t appointed,
Nor crowned, by rituals anointed.
He earns himself his nobility
With courage, grit and ability