बहुत से लोग इस भ्रम में हैं कि 167 रुपये वाला एक्सपी 100 पेट्रोल असल में साधारण गाड़ियों का असली पेट्रोल है जिसे महंगा कर दिया गया है। सच यह है कि साधारण गाड़ियों के लिए 102 रुपये वाला ई20 पेट्रोल ही बना है। नितिन गडकरी जी का एथेनॉल प्रोजेक्ट इसी 102 रुपये वाले पेट्रोल पर आधारित है। 167 रुपये वाला ईंधन उच्च क्षमता वाले खास इंजनों में इंजन नॉकिंग की समस्या को रोकने के लिए इस्तेमाल होता है।
चीन खुद को 2050 की महाशक्ति बताता है।
दावा है कि उसके पास दुनिया के सभी देशों से ज़्यादा सैटेलाइट हैं, लेकिन न मौसम का सही अनुमान लगा पाता है और न ही प्राकृतिक आपदाओं का।
ज़रा देखिए चीन की तथाकथित “हाई क्वालिटी” ज़िंदगी…
एक तेज़ बारिश होती है और पूरा सिस्टम रातों-रात 1950 जैसा नज़र आने लगता है।
भगवान श्री सोमनाथ सृष्टि के कण-कण में विराजते हैं। उनकी अखंड आस्था अनंत काल से निरंतर प्रवाहित हो रही है। वे सदैव भारत की आध्यात्मिक ऊर्जा के प्रतीक रहेंगे।
महाभारत – 1,00,000 श्लोक
रामायण – 24,000 श्लोक
गीता – 700 श्लोक
सभी अनुष्टुप छंद में रचे गए हैं, हर पंक्ति में 16 वर्ण।
यह साहित्य, गणित और अध्यात्म का अद्भुत चमत्कारी संगम है, जो इन्हें शाश्वत और कंठस्थ योग्य बनाता है।
🚩 जय श्री राम 🙏
!! हिन्दू पंचांग के १२ महीने और उनका महत्व !!
हिन्दू पंचांग (कैलेंडर) में 12 महीने होते हैं, और प्रत्येक महीने का अपना विशिष्ट महत्व और विशेषताएं होती हैं।
यहाँ हिन्दू पंचांग के12 महीनों का महत्व संक्षेप में बताया गया है:
1. चैत्र (मार्च-अप्रैल):
महत्व: यह हिंदू नववर्ष का प्रारंभिक महीना है और वसंत ऋतु की शुरुआत का प्रतीक है। चैत्र नवरात्रि और राम नवमी जैसे प्रमुख त्योहार इसी महीने में आते हैं।
त्योहार: चैत्र नवरात्रि, राम नवमी, गुड़ी पड़वा, उगादि।
2. वैशाख (अप्रैल-मई):
महत्व: यह महीना कृषि और फसल कटाई का समय है। वैशाख पूर्णिमा और अक्षय तृतीया इस महीने के महत्वपूर्ण दिन हैं।
त्योहार: अक्षय तृतीया, वैशाखी, बुद्ध पूर्णिमा।
3. ज्येष्ठ (मई-जून):
महत्व: इस महीने में मौसम गर्म होता है और जल का महत्व बढ़ जाता है। गंगा दशहरा और निर्जला एकादशी इसी महीने में आते हैं।
त्योहार: गंगा दशहरा, निर्जला एकादशी।
मिज़ोरम के पूर्व CM जोरमथांगा ने याद दिलाया —
वो भयावह दिन, जब पप्पू गांधी की दादी और कांग्रेस की तथाकथित “गॉड मदर” के आदेश पर भारतीय वायुसेना ने आइजॉल पर बम बरसाए थे।
हाँ, आपने सही सुना — कांग्रेस सरकार ने अपने ही राज्य पर बमबारी की थी।
और पप्पू की ऑडियंस? या तो अनजान है… या अनजान बनने का नाटक कर रही है।
आहार के नियम, 12 महीनों के अनुसार...
1. माघ (जनवरी-फ़रवरी) – इस महीने में भी आप गरम और गरिष्ठ भोजन का इस्तेमाल कर सकते है। घी, नए अन्न, गौंद के लड्डू आदि का प्रयोग कर सकते है।
आगे आगे देखिये, होता है क्या ❓
Stock Market India Crash 😱😱
हाय हाय मोदी मत करो.. फिर क्या..?
आइए जो मुझे समझ आया आपको भी समझाता हूँ!
8 नवम्बर 2016 को नोटबन्दी हुई, तो लगा बस काला धन खत्म करने की स्कीम है। लेकिन जब मुस्लिम लीग और सेक्युलर गिरोह ने “इटली रोना” शुरू किया तो जिज्ञासा जागी —
आखिर ये है क्या... ?
बहुत ही महत्वपूर्ण पोस्ट है, पूरा कमेंट में पढ़िए.. 👇
इतिहास के पन्नों से
तक्षक
सन 711ई. की बात है। अरब के पहले मुस्लिम आक्रमणकारी मुहम्मद बिन कासिम के आतंकवादियों ने मुल्तान विजय के बाद एक विशेष सम्प्रदाय हिन्दू के ऊपर गांवो शहरों में भीषण रक्तपात मचाया था। हजारों स्त्रियों की छातियाँ नोच डाली गयीं, इस कारण अपनी लाज बचाने के लिए हजारों सनातनी किशोरियां अपनी शील की रक्षा के लिए कुंए तालाब में डूब मरीं।लगभग सभी युवाओं को या तो मार डाला गया या गुलाम बना लिया गया। भारतीय सैनिकों ने ऎसी बर्बरता पहली बार देखी थी।
एक बालक तक्षक के पिता कासिम की सेना के साथ हुए युद्ध में वीरगति को प्राप्त हो चुके थे। लुटेरी अरब सेना जब तक्षक के गांव में पहुची तो हाहाकार मच गया। स्त्रियों को घरों से खींच खींच कर उनकी देह लूटी जाने लगी।भय से आक्रांत तक्षक के घर में भी सब चिल्ला उठे। तक्षक और उसकी दो बहनें भय से कांप उठी थीं।
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