10 साल की एकतरफा सत्ता के बाद अब असली इम्तिहान की घड़ी आई है। जब गठबंधन का दबाव हो,जमीनी स्तर पर जन-असंतोष का 'Multi-Front War' छिड़ा हो, वैश्विक पाबंदियां और विदेशी हस्तक्षेप हो .. तब पता चलता है कि राजनीति में असली चाणक्य कौन है।
परीक्षा शुरू ही अब हुई है!
#ECI#Cjp#democracy
20 साल से भी लंबे अंतराल के बाद हो रहे इस राष्ट्रीय SIR (गहन पुनरीक्षण) अभियान में काटे गए वोट बड़े दिखने की मुख्य वजह डिजिटलाइजेशन है।
दो दशकों में मृत, स्थानांतरित और Duplicate नामों की पहचान डिजिटल वेरिफिकेशन और सॉफ्टवेयर से ज्यादा सटीक हो पाई है ।
EPIC (वोटर ID) से SIR वोटर लिस्ट की सफाई का इतिहास!
1993 में EPIC (फोटो आईडी) आने से पहले कागजी वोटर लिस्ट में बोगस नामों का खेल चलता था। इसे सुधारने के लिए ECI समय-समय पर SIR (विशेष गहन पुनरीक्षण) चलाता आया है
+
#ECI#VoterID#SIR2026#Democracy#Elections
SIR में कुल मतदाता बनाम काटे गए वोट:
•1993-95 -52Cr कुल वोट → 2.3Cr कटे
•2002-04 -67.1Cr कुल वोट → 1.6Cr कटे •2025-26 -98Cr कुल वोट → 13Cr चिन्हित/कटे
अगर नाम गलती से कट जाता है, तो Form-6 भरकर अपना नाम जुड़वा सकते हैं
#ECI#VoterID#SIR2026#Democracy#Elections
@Imran_Shakeel_ बसपा की तरफ ना जाने का कारण समाज के प्रति फैलाई गई द्वेष भावनाहै,एक भाजपा ही है जिसने मनुवाद और ब्राह्मणवाद के नाम पे समाज के आम लोगों के प्रति जहर नहीं भरा है अन्यथा हर क्षेत्रीय पार्टी या फिर आज की कांग्रेस इन सब की यही राजनीति रह गई है
प्रतिनिधित्व ओर सबसे बड़ा स्वाभिमान है 🙏
@Imran_Shakeel_ राष्ट्रवाद और संस्कृति केनाम पे निजी स्वार्थ गौण है
इसका कहीं पे फायदा है तो कहीं पे बहुत नुकसान भीहै लेकिन सच्चाई तो यही हैकि जब तक कांग्रेस इस कट्टरता के साथ चलती रहेगी तो कम से कम इस समाज का तो झुकाव एक पार्टी की तरफ बना ही रहेगा और फैलाई गई द्वेष भावना भी एक बहुत बड़ा कारण है
हरियाणा में कांग्रेस सिर्फ जाटवाद के माहौल के कारण हारी है।
नही तो सतापक्ष के खिलाफ एंटी इनकंबेंसी भी थी और विरोध भी था, परंतु चुनाव के आखिर में आते आते सब के सब मुद्दे बिलकुल ही गोण हो गए।
#HaryanaElectionResult
@sushilvashisth कांग्रेस तो है ही गुरु जी बाकी यहां इन महोदय जी का जातिगत प्रेम भी जागा हुआ है की जहां कभी चौधर नही आई हो वहां जैसे तैसे ईमानदारी के नाम पे सेंध मारी करके चौधर पे निशाना लगे
पहले दिन से ही इन्होंने ऐसा माहौल बनाया है की जैसे कामरेडजी से ईमानदार पूरे हरियाणा में ओर कोई है ही नही
इन सारे कंडीडेट में मेरी पसंद का एक ही कंडीडेट है और वो हैं भिवानी से कामरेड ओमप्रकाश जी। मेरी फ्रेंडलिस्ट में जितने मित्र हैं अगर उनका कोई संपर्क भिवानी में है तो वो कामरेड ओमप्रकाश जी को वोट देने और मांगने की कृपा करें। मित्रों अगर हम अच्छे लोगों को वोट देना शुरू करेंगे तो राजनीतिक पार्टियां भी अच्छे लाेगों को टिकट देना शुरू कर देंगी।
A:हरियाणा में बीजेपी ने जातिवाद फैलाया और समाज के ताने बाने को तोड़ दिया
b: कैसे?
A: 2014 से अब तक बीजेपी ने नॉन जाट को मुख्यमंत्री बना रखा है।
#HaryanaElections
एक बात तो कांग्रेस को भी समझ आ गईं थी की दलित वोटबंक में सेंधमारी हो चुकी है अब उसे भुनाने के लिए राहुल के युवा साथियों में रहे अशोक तंवर जी की अचानक घरवापसी करवाई गई है।
ओर कांग्रेसी पत्रकारों ने तो माहौल भी सेट करना शुरू कर दिया है की अशोक तंवर बड़ा पद दिया जायेगा।
इतने खुश तो आज खुद कांग्रेसी नहीं हैं जीतने ये जनपक्षीय(*जातिपक्षीय) का मुखौटा पहने पत्रकार महोदय हो रहे हैं।
अब ये बहुत बड़े दलित नेता बन जायेंगे जिन्हे ये लोकसभा में दल बदलू कह कर इनके क्रेडिबिलिटी पे सवाल उठाते थे।
भारत की सरकार को 90 लोग चलाते हैं। इन 90 में केवल तीन ओबीसी हैं। अगर देश 100 रुपये खर्च करता है तो इसमें केवल एक रुपया कहां खर्च होगा इसका ही फैसला करना देश के दलित समुदाय कर पाता है।
राहुल गांधी