#न_जन्म_हुआ_न_मरा_कबीरा
महान संत गरीबदास जी महाराज ने अपनी अमर वाणी में लिखा है कि परमात्मा कबीर साहेब अविनाशी है अजन्मा है जन्म मृत्यु से परे हैं
2Days Left Kabir Prakat Diwas
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परमात्मा कबीर साहेब शिशु रूप में सशरीर कमल के फूल पर प्रकट हुए थे उनका प्रकट दिवस 27 28 29 जून 2026 को मनाया जा रहा है इसके उपलक्ष्य में महा भंडारे का आयोजन है सभी आमंत्रित है
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संत गरीबदास जी महाराज ने भी अपनी अमरवाणी में स्पष्ट किया है कि जिसके जन्मदाता कोई माता-पिता नहीं हैं और जिसके जन्म का कोई प्रमाण नहीं है वह केवल पूर्ण ब्रह्म कबीर साहेब है।
गरीब, मात पिता जाके नहीं, नहीं जन्म प्रमाण
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🌸 कबीर साहेब का प्राकट्य 🌸
कबीर साहेब को भक्त परंपरा में परमात्मा का स्वरूप माना जाता है। मान्यता है कि वे काशी के लहरतारा तालाब में कमल पुष्प पर शिशु ���ूप में प्रकट हुए थे। 🌺
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ज्येष्ठ पूर्णिमा, संवत् 1455 की ब्रह्ममुहूर्त बेला में कबीर परमेश्वर सतलोक से चलकर काशी में प्रकट हुए। उसी स्मृति में 629वाँ कबीर प्रकट दिवस मनाया जा रहा है।
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600 साल पुराना रहस्य, आज भी काशी की धरती गवाह है!
कबीर साहेब अविनाशी परमात्मा है जो हर युग मे जन्म नही लेते बल्कि सशरीर प्रकट होते है।
कलियुग मे काशी के लहरतारा तालाब मे कमल के फूल पर, सन��� 1398 की ज्येष्ठ पूर्णिमा को सशरीर प्रकट हुए । ⤵️⤵️
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संत गरीबदास जी महाराज ने भी अपनी अमरवाणी में स्पष्ट किया है कि जिसके जन्मदाता कोई माता-पिता नहीं हैं और जिसके जन्म का कोई प्रमाण नहीं है वह केवल पूर्ण ब्रह्म कबीर साहेब है।
👉ऋग्वेद मण्डल 9, सूक्त 93, मंत्र 2 के अनुसार परमात्मा सशरीर पृथ्वी पर आता है, वही साक्षात् रुप कबीर साहेब का है, जिनका जन्म नहीं हुआ बल्कि सशरीर प्राकट्य हुआ।
👉जानने के लिए देखिए :-
यूट्यूब चैनल: संत रामपाल जी महाराज l
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संतगरीबदास जी महाराजने भी अपनीअमरवाणी में स्पष्टकिया हैकि जिसके जन्मदाताकोई माता-पितानहीं हैं औरजिसके जन्मका कोईप्रमाण नहीं है वह केवलपूर्ण ब्रह्मकबीर साहेब है
गरीब, मात पिताजाके नहीं, नहींजन्म प्रमाण
यौहपूर्ण ब्रह्मकबीर है
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#न_जन्म_हुआ_न_मरा_कबीरा ♦️वेद कहते हैं, परमात्मा सशरीर आता है!
ऋग्वेद मण्डल 9, सूक्त 93, मंत्र 2 के अनुसार परमात्मा सशरीर पृथ्वी पर आता है, वही साक्षात् रूप कबीर साहेब का है, जिनका जन्म नहीं हुआ बल्कि सशरीर प्राकट्य हुआ। इसी ऐतिहासिक सत्य के उपलक्ष्य में संत रामपाल जी महाराज की
जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज की पावन उपस्थिति में 629 वें 'परमेश्वर कबीर साहेब जी प्रकट दिवस के उपलक्ष्य में
दिनांक 28 जून 2026 को तीन दिवसीय महासमागम का आयोजन किया जा रहा है।
इस पवित्र अवसर पर दहेज रहित विवाह
का आयोजन किया जा रहा है।
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ना मेरा जन्म, ना गर्भ बसेरा, बालक बन दिखलाया। काशी नगर जल कमल पर डेरा तहाँ जुलाहे ने पाया।
ऋग्वेद मण्डल 10, सूक्त 4, मंत्र 3 में स्पष्ट उल्लेख है कि परमात्मा का जन्म नहीं होता वह सशरीर प्रकट होता है, और वही परमेश्वर कबीर जी हैं।
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जिनका नहीं जन्म का कोई प्रमाण, वह है कबीर भगवान आज से लगभग 600 वर्ष पहले, काशी के लहरतारा तालाब में कमल के फूल पर परमेश्वर कबीर जी का सशरीर प्राकट्य हुआ था। इसके जीवंत साक्ष्य आज भी लहरतारा ताल��ब, काशी में विद्यमान हैं।
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कबीर साहेब माता के गर्भ से जन्म नहीं लेते। वे सन् 1398, विक्रमी संवत् 1455 में, काशी के पवित्र लहरतारा तालाब में खिले कमल के पुष्प पर शिशु रूप में सशरीर प्रकट हुए थे। यह कोई सामान्य जन्म नहीं, बल्कि साक्षात् परमात्मा का प्राकट्य
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संत रामपाल जी महाराज की पावन उपस्थिति में कबीर साहेब प्रकट दिवस, 27-29 जून को भव्य रूप से मनाया जा रहा है। आइए, सब मिलकर ��स ऐतिहासिक अवसर के साक्षी बनें।
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कबीर साहेब माता के गर्भ से जन्म नहीं लेते। वे सन् 1398, विक्रमी संवत् 1455 में, काशी के पवित्र लहरतारा तालाब में खिले कमल के पुष्प पर शिशु रूप में सशरीर प्रकट हुए थे। यह कोई सामान्य जन्म नहीं, बल्कि साक्षात् परमात्मा का प्राकट्य था।
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ज्येष्ठ पूर्णिमा, विक्रमी संवत् 1455 (सन् 1398) की ब्रह्म मुहूर्त की वह घड़ी जब कबीर परमेश्वर सतलोक से सशरीर चलकर लहरतारा तालाब के कमल पर शिशु रूप में प्रकट हुए।