माननीयों के लिए सब कुछ हो सकता है लेकिन कर्मचारियों के लिए सब वित्तिय भार है। जिस दिन कर्मचारियों के लिए डीए की घोषणा हुई तो अखबार में प्रकाशित हुआ........करोङ वित्तीय भार लेकिन आज कोई वित्तीय भार नहीं,सब कुछ फ्री,वाह! क्या जमाना? मौज करते रहेंगे, कर्मचारी व जनता रोते रहेंगे।
तुम नही घबराना,चलते जाना है
संघर्ष से लडकर,अपनी मंजिल को पाना है..
चारो तरफ अँधेरा है नही दिखती कोई किरण
फिर भी हर हाल में ���पनी मंजिल को पाना हैं..
#RestoreOldPension
#पुरानी_पेंशन_बहाल_करो