एक गलत मेडिकल टेस्ट जो 50 साल तक चलता रहा PCOS...
देश की 8 करोड़ महिलाओं के शरीर को बर्बाद किया इसके आधार पर इलाज करके।
मेडिकल जर्नल 'द लैंसेट' ने अब डॉक्टर्स और रेडियोलॉजिस्ट की मूर्खता को जगजाहिर कर दिया है।
लेकिन करोड़ों महिलाओं के ऑपरेशन करके ओवरी निकालकर बांझ बना दिया।
PCOS कोई बीमारी नहीं थी, असल समस्या पैदा करता था पैंक्रियाज जो ज्यादा इंसुलिन बनाकर ओवरी को गलत मैसेज देता था।
जिसे ओवरी में मौजूद खराब एग्स को सिस्ट समझकर ओवरी निकाल दी जाती थी।
भारतीय महिलाओं में ज्यादा इंसुलिन प्रतिरोध क्षमता होती है। जिसके चलते यह समस्या आती है। अब बीमारी को इसका सही नाम दिया गया है PMOS।
असली समस्या इवोल्यूशन से जुड़े खान-पान की आदतें रही या न्यूट्रिशन की थी, जो कई हार्मोन के डिस्टर्ब होने से होती है। डॉक्टर्स गलत इलाज में जुटे रहे।
#PCOS #MedicalScience
नही रही वो 13 साल की मासूम जिसे दरिंदो ने नोच खाया था😭
अब इंसाफ तो यही कहता है कि जैसे वो तड़प तड़प कर मरी है ,उसके गुनहगार भी वैसे ही तड़प तड़प के मरे, उसको न्याय तुरंत मिले, नही तो न्याय पर से विस्वास उठ जाएगा😡
शेयर करिये अगर आप के अंदर तनिक भी इंसानियत है तो,ताकि उस नीच को फांसी हो सके।
सोना का पैर लगाया क्या की 22 लाख का बिल बना दिया🙉😡
ये हॉस्पिटल नही लुटेरा गैंग है😡
पैर टूटने का ईलाज में 22 लाख का बिल सुनकर मर गया इंसान,😭,इस हॉस्पिटल पर केश होना चाहिए,और हॉस्पिटल को हर्जाना भी भरना चाहिए😡
ज़रा इन दो मासूम चेहरों को गौर से देखिए...इन बच्चों का कसूर आखिर क्या है?
यह वीडियो उत्तर प्रदेश के हापुड़ का बताया जा रहा है, इनके पिता पिछले डेढ़ साल से जेल में हैं और मां भी इन्हें छोड़कर चली गई,
अपनों का सहारा छिन गया तो ये मासूम खुले आसमान के नीचे रात गुज़ारने को मजबूर हो गए, किसी स्थानीय व्यक्ति ने इनकी यह दर्दनाक तस्वीर कैमरे में कैद की,
सोचिए... जिस उम्र में बच्चों को मां-बाप की गोद, स्कूल और सुरक्षित घर मिलना चाहिए, उस उम्र में ये बेबसी और लाचारी झेल रहे हैं।
क्या ऐसे बच्चों की जिम्मेदारी सिर्फ उनकी किस्मत पर छोड़ दी जाए? क्या शासन-प्रशासन इन मासूमों को सुरक्षा, आश्रय और बेहतर भविष्य नहीं दे सकते?
अयोध्या : चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव के खिलाफ FIR कराने पहुंचे फैजाबाद बार एसोसिएशन के वकील
#Ayodhya | Ayodhya | #RamMandir | Champat Rai | Gopal Rao | Anil Mishra
दृश्य को देखिए और अपनी आंखों को धन्य कीजिए। यह हमारे भारत के परम ज्ञानी अर्थशास्त्री अमर्त्य सेन के सपनों का साक्षात ‘विकास मॉडल’ है। ऐसा मॉडल जिसके बारे में सोचकर ही नोबेल कमिटी थर-थर कांपने लगती है।
दृश्य किसी हॉरर फिल्म का नहीं, बल्कि टीएमसी के ‘युवराज’ और ममता दीदी के लाडले भतीजे (भाईपो) अभिषेक बनर्जी के संसदीय क्षेत्र का है।
विशेषताएं जरा ध्यान से नोट कर लीजिएगा...
मल्टी-पर्पज रेलवे ट्रैक:
यहाँ ट्रेन सिर्फ पैसेंजर ढोने के लिए नहीं चलती। ट्रैक के ठीक बगल में पूरा का पूरा मॉल खुला हुआ है। घर हैं, दुकानें हैं, बच्चे खेल रहे हैं और बगल में दीदी के वोट बैंक के कपड़े भी सूख रहे हैं।
एडवेंचर टूरिज्म:
प्लेटफार्म और ट्रैक के बीच की दूरी इतनी कम है कि अगर आप खिड़की से हाथ बाहर निकालें, तो सीधे किसी की दुकान से ताजी सब्जी या समोसा उठा सकते हैं। सुरक्षा? वो क्या होती है? जब तक दुआएं और तुष्टिकरण साथ हैं, तब तक ट्रेन भी रास्ता बदलकर निकल जाएगी!
अद्भुत स्वच्छता अभियान:
सफाई का नामोनिशान ढूंढने के लिए आपको दूरबीन लगानी पड़ेगी। रेलवे की जमीन पर ऐसा कब्जा है कि खुद भारतीय रेल भी संकोच में आ जाए कि वो अपनी पटरी पर चल रही है या किसी के बेडरूम में।
परम दुख की बात तो यह है मित्रों, कि इस अद्भुत, प्रगतिशील और 'सेक्युलर' मॉडल पर अब बीजेपी ग्रहण लगाने आ रही है।
ये संघी और भाजपाई भला इस 'सुंदर' अतिक्रमण और गंदगी के महा-उत्सव को कैसे बर्दाश्त कर सकते हैं? वो आएंगे और इस अद्भुत प्रगतिशील मॉडल को 'अवैध' बताकर खाली करा देंगे।
रोइए, बिलखिए...
क्योंकि ऐसा 'अदभुत विकास' आपको दुनिया के किसी और कोने में देखने को नहीं मिलेगा!
#WestBengal #DevelopmentModel
@naveengaur_du@sharadsharma बसई में किडनी और लीवर की बीमारियों से बढ़ते मरीजों और हो रही मौत बेहद दुखद और चिंताजनक है। लगता है मानो मानव जीवन की कोई कीमत ही नहीं रह गई है।
@sharadsharma continuing his wonderful ground-level reporting on the basic and essential issues that concern the residents of the capital #Delhi. This is the report from #BasaiDarapur under #Madipur constituency. No redressal.
https://t.co/cqSbzJCOQD