The more you study, the more you realise this whole ethanol blending is more than just a scandal. It's a scam. The 30% is coming. Boiling 🐸, smiling 🐸 he he
बीजेपी विज्ञापनों के ज़रिए देश को बता रही है कि नरेन्द्र मोदी का कार्यकाल पंडित नेहरू से बड़ा हो गया है।पीछले 12 सालों से नेहरू को छोटा करने की कोशिश हो रही है।वैसे तो नेहरू 1947 से 1964 तक प्रधानमंत्री रहे लेकिन बीजेपी बता रही है कि 1952 से 1964 तक ही उनका कार्यकाल माना जाएगा।1947 से 1952 की देश की परिस्थितियों को पंडित नेहरू ने कैसे प्रधानमंत्री के रूप में सँभाला होगा,उन परिस्थितियों को कैसे नज़रअंदाज़ किया जा सकता है !
आर्थिक तूफ़ान सर पर है, और हमारे प्रधानमंत्री इटली में टॉफ़ी बाँट रहे हैं!
किसान, युवा, महिलाएँ, मज़दूर और छोटे व्यापारी सब रो रहे हैं - PM हंसकर रील बना रहे हैं, और BJP वाले ताली बजा रहे हैं।
यह नेतृत्व नहीं, नौटंकी है।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा दिल्ली NCR में डीजल कार नहीं चलने देंगे। तो पेट्रोल कार खरीद लो। पेट्रोल मंत्री ने पेट्रोल का अधिकार सड़क मंत्री को दे दिया है जो असल में गन्ना मंत्री है। दोनों ने कहा शुद्ध पेट्रोल नहीं देंगे। 20% मिलावट वाला ही देंगे। तो E20 पेट्रोल कार खरीद ली। मिलावट इतनी है कि अब फ्यूल पंप का इश्यू हो गया। सब कह रहे हैं नई इलेक्ट्रिक कार ले लो। हाउसिंग सोसाइटी ने कहा चार्जिंग सिस्टम नहीं लगेगा, उससे आग लग जाती है। कह रहे हैं कहीं और नया घर ले लो। इधर पेट्रोल वाली गाड़ी कहीं भी खड़ी हो जा रही। फिर टो कर के सर्विस सेंटर में खड़ी रह रही। पेट्रोल की बचत हो रही है। मोदीजी आह्वान करते उसके पहले ही गडकरी जी ने इंतजाम कर दिया। ऐसी दूरदर्शिता से ही देश चलेगा। दादा कोंडके कहे रहे आगे की सोच। काहे की तुम्हारे पीछे क्या हो रहा है देख लोगे तो तन बदन में आग लग जाएगी। सदन में ठण्डक बनी रहेगी। वहां तुम्हारे चुने गए चन्द्रवदन कोई क्रंदन नहीं करेंगे। क्रंदन तुम्हारे माथे पर लिखा है जिसे वो पढ़ चुका है। तीन आखर का ही है वो भी। तुमको नहीं अखरेगा। तुम यूज़्ड टू हो। जो लिखा गया है नहीं बदलेगा। तुम्हारा भाग्य, बाबासाहब का संविधान, और सरकार की नीतियां। सरकारें आएंगी, जाएंगी, पार्टियां बनेंगी, बिगड़ेंगी मगर ये देश रहना चाहिए। गाड़ियां आएंगी, जाएंगी, पॉलिसियां बनेंगी, बिगड़ेंगी मगर इथेनॉल रहना चाहिए। काहे कि एक बार हमने कमिटमेंट कर दी तो अपने आप की भी नहीं सुनते। जनता का फीडबैक घंटा सुनेंगे, मीटिंग की मिनिट्स लेंगे और एक सेकंड में एंटी नेशनल कह कर खारिज़ कर देंगे। सब सहन करो। अपने कर्मों का फल वहन करो। वाहन तुम्हारा गारत, बोलो जय भारत। देश के लिए इतना नहीं कर सकते। तुम पर लाख लानत।
The Ministry of Child Development and Family Welfare in Bihar should get recognition for its excellent work today. This new council of ministers is full of children and family members of politicians already in power.
@JaikyYadav16 क्या रविंद्र जाड़ेजा काे राजस्थान रॉयल में शामिल करना उसकी प्रतिभा से ज्यादा जातीय अस्मिता और राजस्थानी वैभव गौरव से ज्यादा नहीं जोड़ा जा रहा।
आख़िर किस मिट्टी के बने हैं अशोक गहलोत…
राजनीति में पद बहुत लोग पा लेते हैं, लेकिन जनता के दिल में जगह हर किसी को नहीं मिलती।
अशोक गहलोत शायद उसी मिट्टी के बने हैं जहाँ सत्ता से पहले इंसानियत खड़ी होती है।
कुछ दिन पहले उनसे मुलाक़ात हुई। वे लगातार एक डॉक्टर से फ़ोन पर बात कर रहे थे। फ़ोन रखने के बाद मैंने सहज ही पूछ लिया…कोई बीमार है क्या?
उन्होंने कहा, “नारायण बारेठ की तबीयत को लेकर डॉक्टर से बात कर रहा था…होमियोपैथी के चक्कर में बीमारी बढ़ गई थी।”
मैं कुछ पल के लिए ठिठक गया।
तीन बार प्रदेश का मुख्यमंत्री रह चुका व्यक्ति…एक पत्रकार की सेहत के लिए डॉक्टरों से लगातार बात कर रहा है। यह दृश्य राजनीति की किताबों में नहीं मिलता, यह केवल इंसानियत की मिट्टी से बनता है।
आज जब नारायण बारेठ इस दुनिया में नहीं रहे, तो गहलोत बिना किसी तामझाम के उनके घर पहुँचे…कंधा देने, परिवार को ढांढस बंधाने। शहर में नेता बहुत होंगे, लेकिन जननेता शायद ऐसे ही बनते हैं।
मैं उनकी कई नीतियों का मुखर आलोचक रहा हूँ और आगे भी रहूँगा। लेकिन उनकी यह सादगी और संवेदनशीलता देखकर अगर तारीफ़ न लिखूँ तो यह मेरे पेशे के साथ बेईमानी होगी।
सच यही है…
गहलोत बनना आसान नहीं होता। राजनीति में पद मिल जाते हैं, लेकिन दिल जीतने के लिए इंसान होना पड़ता है।
काश, गहलोत इस राजनीति को आगे बढ़ाने के लिए एक ऐसा शिष्य भी तैयार कर जाएँ…
क्योंकि आज की राजनीति में बहुतों को 7 लाख के लैपटॉप की चिंता है,
पर प्रदेशवासियों की चिंता करने वाले लोग कम होते जा रहे हैं।
@ashokgehlot51
#Rajasthan
मैं मुकेश कुमार सैनी (हर्ष, सीकर) ने 13 फरवरी 2026 को ई-मित्र से चरित्र प्रमाण पत्र हेतु आवेदन किया था। 16 फरवरी को सांवली चौकी में सभी दस्तावेज जमा करवा दिए। अभी तक इसका पुलिस वेरिफिकेशन लंबित है। कृपया जांच कर शीघ्र जारी करें।
@SikarPolice
आज तक वाले कह रहे हैं कि उपराष्ट्रपति पद पर रहते हुए जगदीप धनखड़ मोदी सरकार को गिराना चाहते थे। इस वीडियो में हो रही गपशप का सारांश यही है। ये सब देश के टॉप जर्नलिस्ट हैं। आप गपगोष्ठी ही ख़बर है। अगर ऐसा था तो टीवी चैनल्स में यह खबर क्यों नहीं चली और नहीं चली तो इस तरह का प्रचार क्यों? प्रश्न गंभीर है!
आदमी अपौरुषेय हो गया है। वह एक काग़ज़ी गीता बनाता है, जो विमान हादसे में नहीं जलती और ईश्वर-अल्लाह-गॉड-वाहेगुरु आदि का बनाया आदमी ऐसी काग़ज़ी चीज़ है कि जलकर राख हो जाता है!
ईश्वर, ख़ुदा, गॉड और वाहे गुरु को परास्त कर देने वाले इस इनसान को सलाम!
असल भारत
राजस्थान में चपरासी की 53 हजार भर्तियों के लिए करीब 25 लाख बेरोज़गारों ने आवेदन किया है
चपरासी की नौकरी के लिए इन डिग्री वालों ने किया आवेदन👇
• PHD
• M.Ed
• B.Ed
• MBA
• MSC
• MCA
• BTech
• MA
• BA
• सरकारी नौकरी की तैयारी करने वाले
अभी दुनिया में सब तरफ झंझावात हैं। कुछ ही लोग हैं, जिनके भीतर दिल और दिमाग़ नाम की चीज़ें बची रह गई हैं। नहीं तो लोग उड़ते ही जा रहे हैं। न दिल का ख़याल, न दिमाग़ का तसव्वुर। कुछ ही लोग हैं, जिनका अजीब दर्द का रिश्ता है सारी दुनिया से। कहीं किसी और का मकान जले और हमें लगे कि मेरा अपना घर जल रहा है तो ऐसे लोगों में। सौरभ द्विवेदी इस दौर के उन थोड़े से नए लोगों में हैं, जिनकी पत्रकारिता पत्रकारिता जैसी लगती है। सौरभ भाई को आज जन्मदिन पर बहुत बहुत शुभकामनाएँ! कामना है कि वे अपनी पत्रकारिता के रंग और नूर को इसी तरह बरकरार रखेंगे और ग़म-ए-जानाँ और ग़म-ए-ज़ीस्त का संतुलन साधते रहेंगे। बहुत शुभकामनाएँ @saurabhtop