अगर सो कर जाग गए हैं तो इन्हें राष्ट्रीय बेरोजगार दिवस की बधाई दे और बधाई के पात्र बने!
ये वही शख्स है जिनके राज में लाखों कंपनियां बंद होकर करोड़ो लोग बेरोजगार हो गए या न्युनतम मजदूरी पर काम कर रहे हैं।
#राष्ट्रीय_बेरोजगार_दिवस
मध्यप्रदेश सरकार की हठधर्मिता अब सारी हदें पार कर चुकी है!
कई दिनों से शिक्षक अभ्यर्थी वर्ग 2 एवं वर्ग 3 में पदवृद्धि की जायज़ मांग को लेकर सड़कों पर हैं, अनशन कर रहे हैं, अपनी आवाज़ सरकार तक पहुंचा रहे हैं। लेकिन सत्ता के नशे में चूर सरकार के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही।
क्या यही है जनता की सरकार?
क्या अनशन पर बैठे युवाओं की पीड़ा भी सरकार के लिए कोई मायने नहीं रखती?
सरकार को यह समझ लेना चाहिए कि कुर्सी का घमंड स्थायी नहीं होता, लेकिन जनता का आक्रोश बहुत दूर तक जाता है।
आज शिक्षक अभ्यर्थी शांत हैं, लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांग रख रहे हैं। लेकिन उनके सब्र की भी एक सीमा है। उस सीमा को पार करने के लिए सरकार खुद जिम्मेदार होगी।
मुख्यमंत्री और सरकार से साफ शब्दों में कहना है—अब भी समय है, जाग जाइए!
वर्ग 2 एवं वर्ग 3 में पदवृद्धि की मांग पर तत्काल निर्णय लीजिए और वर्षों से इंतजार कर रहे युवाओं को उनका हक दीजिए।
क्योंकि जब सब्र का बांध टूटता है, तो सिर्फ आवाज़ नहीं उठती—सत्ता के अहंकार को भी जनता के सामने जवाब देना पड़ता है।
सरकार समय रहते फैसला करे, वरना समय निकल जाने के बाद पछतावे के अलावा कुछ हाथ नहीं आएगा।
✊ पदवृद्धि दो — युवाओं को न्याय दो!
✊ अनशनकारियों की मांगें मानो!
✊ जनता की आवाज़ सुनो!
@CMMadhyaPradesh@DrMohanYadav51@udaypratapmp@abhijeet_dipke@jitupatwari@RahulGandhi@AshutoshRanka@narendramodi@NitinNabin@rshuklabjp@UmangSinghar
मध्य प्रदेश के सरकारी कॉलेजों में शिक्षा के कागजी दावों और धरातलीय बदहाली के बीच का सच एक बार फिर बेनकाब हो गया है। नया सत्र शुरू हुए दो महीने बीत चुके हैं, लेकिन एससी-एसटी वर्ग के ढाई लाख विद्यार्थियों को अब तक मुफ्त पाठ्यपुस्तकें नसीब नहीं हुई हैं। खास बात यह है कि आगामी 18 नवंबर से पीजी की सेमेस्टर परीक्षाएं सिर पर हैं, जबकि पाठ्यक्रम की एक भी किताब छात्रों के हाथों में नहीं पहुंची है।
यह प्रशासनिक विफलता हर साल दोहराई जाती है, जहां प्रवेश प्रक्रिया में देरी, उच्च शिक्षा विभाग के सुस्त निर्देश और हिंदी ग्रंथ अकादमी की लचर प्रिंटिंग व्यवस्था मिलकर ग्रामीण अंचल के गरीब छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करते हैं। लाइब्रेरी के अभाव में जब विद्यार्थियों के पास किताबें ही नहीं होंगी, तो वे परीक्षा की तैयारी कैसे करेंगे? डिजिटल इंडिया और विकसित शिक्षा के तमाम दावे इस व्यवस्था की सुस्ती के आगे दम तोड़ते नजर आते हैं। जब तक अकादमिक कैलेंडर और समय पर पुस्तक वितरण की जवाबदेही तय नहीं होगी, तब तक आरक्षित वर्ग के इन होनहारों का शैक्षणिक सफर यूं ही अधर में लटका रहेगा।
@INCIndia@INCMP@RahulGandhi@Pawankhera
भोपाल में शिक्षक भर्ती परीक्षा वर्ग 2 और 3 के अभ्यर्थियों के आंदोलन का आज 26वां दिन है. नरेंद्र राजपूत दूसरी बार निर्जल हड़ताल पर बैठे.
.
.
#bhopal#mpnews#protest
शिक्षकभर्ती वर्ग 2 और वर्ग 3 पदवृद्धि महाआंदोलन एवं भूखहड़ताल
माननीय दिग्विजय सिंह जी पूर्व मुख्यमंत्री ने छात्रों की बातों को शिक्षा मंत्री उदय प्रताप जी के समक्ष रखा और धरना स्थल पहुंचकर छात्रों के सामने उनसे फोन पर बात की और माननीय शिक्षा मंत्री जी ने छात्रों की मांगे मानने का आश्वासन दिया।
#education #पदवृद्धि_आंदोलन #टीचर्स #शिक्षक_भर्ती_मध्यप्रदेश #वर्ग2_3_पदवृद्धि #hungerstrike #भूख_हड़ताल #गूंज #वर्ग3 #वर्ग2वर्ग3आंदोलन #viral #viralreelsシ #viralreelsvideo❤️ #viralreelschallenge #trendingnow #peotest #genz #bhopalchalo #neelampark
प्रदेश के शिक्षक वर्ग-एक, दो और तीन के उम्मीदवार पिछले 15 दिनों से भोपाल में भूख हड़ताल पर बैठे हैं, लेकिन इनकी माँग पर सरकार द्वारा कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा। सरकार ऐसे हालत में यह शिक्षा विरोधी रवैया अपना रही है, जब प्रदेश में बंद होने वाले स्कूलों की संख्या पूरे देश में सबसे ज़्यादा है। यही नहीं, प्रदेश में स्कूल ड्राप आउट छात्रों की संख्या 12 लाख से अधिक है।
वर्ग-1 चयन परीक्षा 2023 के अभ्यर्थियों का कहना है कि वे पिछले तीन साल से पद बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। उनका आरोप है कि उच्च माध्यमिक शिक्षक भर्ती परीक्षा 2023 में 8720 पद स्वीकृत और विज्ञापित किए गए थे, लेकिन पहली काउंसलिंग में केवल 2901 पदों पर नियुक्तियां हुईं। इससे 5819 पद अब भी खाली हैं या उन पर काउंसलिंग नहीं कराई गई है।
वर्ग-2 और वर्ग-3 शिक्षक भर्ती 2025 के अभ्यर्थियों की माँग है कि वर्ग-2 में कम से कम 10 हजार और वर्ग-3 में 25 हजार पद बढ़ाने की मांग की।
मेरी सरकार से माँग है कि जब प्रदेश में इतनी बड़ी संख्या में स्कूल बंद हो रहे हैं और लाखों बच्चे स्कूल छोड़ने को मजबूर हैं , तब यह बिल्कुल साफ़ है कि प्रदेश में बड़ी संख्या में शिक्षकों की आवश्यकता है। इसलिए छात्र हित में अभ्यर्थियों की माँग के अनुसार भर्ती की जाए। प्रदेश की शिक्षा व्यवथा सुधारने के लिए नई नियुक्तियाँ की जाएँ।
आज प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष श्री जीतू पटवारी जी ने भोपाल में जारी शिक्षक भर्ती 2025 वर्ग-2 एवं वर्ग-3 में पद वृद्धि की मांग को लेकर “पद वृद्धि महाआंदोलन” में सम्मिलित होकर शिक्षक अभ्यर्थियों के संघर्ष को समर्थन दिया!
इस दौरान पूर्व मंत्री श्री पीसी शर्मा जी, शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष श्री प्रवीण सक्सेना जी सहित नेतागण उपस्थित रहे.
MP NEWS VIDEO: लंच टाइम में DJ शिक्षक भर्ती पदवृद्धि आंदोलन में शामिल होने पहुंचे, 24 घंटे का उपवास शुरू
मध्य प्रदेश में कांग्रेस पार्टी के सबसे पावरफुल वरिष्ठ नेता श्री दिग्विजय सिंह शिक्षक भर्ती वर्ग 2 एवं 3 की अभ्यर्थियों द्वारा किए जा रहे पदवृद्धि आंदोलन में शामिल होने पहुंचे। नैतिकता के आधार पर यह सूर्योदय से शुरू होना चाहिए था, अभ्यर्थी भी सुबह से इंतजार कर रहे थे और दोपहर 12:00 बजे के आसपास उनके सब्र टूटने लगा था, लेकिन श्री दिग्विजय सिंह ब्रेकफास्ट के बाद लंच टाइम में दोपहर 1:00 बजे पहुंचे। श्री सिंह के ऐलान के अनुसार को 24 घंटे के लिए उपवास पर हैं। समाचार को सनसनीखेज बनाने के लिए इस उपवास को "दिग्विजय सिंह की भूख हड़ताल" कहा जाएगा।
https://t.co/EAF4zbflrK
मध्य प्रदेश में न्याय के नाम पर छात्रों के साथ पिछले 8 सालों से खिलवाड़ हो रहा है। सरकार और न्यायपालिका की इस लंबी चुप्पी में बच्चों का भविष्य दांव पर है।
फाइनल सुनवाई को एक महीने से ज्यादा हो गया, फिर भी फैसला नहीं आया
#13प्रतिशत_ओबीसीहोल्ड_तुरंत_हटाओ@CMMadhyaPradesh@BJP4MP