मुज़फ्फरनगर में एक मुस्लिम फूड ब्लॉगर को सिर्फ इसलिए जेल भेज दिया गया क्योंकि उसके नॉनवेज फूड रिव्यू वीडियो में शिव चौक की प्रतिमा और तिरंगा कुछ सेकंड के लिए दिखाई दे गए। अनस अहमद नाम के इस ब्लॉगर पर धार्मिक भावनाएं आहत करने का आरोप लगाया गया, जबकि वीडियो में न तो किसी धर्म के खिलाफ टिप्पणी थी और न ही कोई भड़काऊ बात। विवाद बढ़ने के बाद अनस ने माफी भी मांगी और कहा कि उसका किसी की भावना को ठेस पहुंचाने का कोई इरादा नहीं था। बावजूद इसके पुलिस ने BNS की धारा 170 के तहत कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया। अब सवाल उठ रहा है कि क्या भीड़ के दबाव में बिना किसी स्पष्ट अपराध के किसी को जेल भेज देना ही नया कानून बन गया है?
बीड में नगर परिषद ने बहुत ही शर्मनाक काम किया।अतिक्रमण के नाम पर किस तरह गरीब माँ को परेशान किया ।सरकार बताए की तानाशाही रवैये से गरीब की टोकरी तो हटा सकते हो लेकिन अपनी व्यवस्था के नाकामियों को कैसे हटाओगे ?
There is no day when God sets free more servants from Hell than the Day of 'Arafa. He draws near, then praises them to the angels, saying: What do these want?
[Muslim]
@AnxiousHolly Needs :
▪︎ Camera is weaker compared to other brands
▪︎ 6,500mAh Battery other brands Flagship phones are higher
▪︎ 50w wireless charging
▪︎ 85w wire charging
Z Fold Crease Battery & Camera is a joke 😃
Imagine being killed for being hard-working.
The criminal who killed a young Bihari boy blurted out the truth in his moment of insanity.
All this talk of civic sense etc etc is bakwas.