बूंद बूंद के पानी के लिए तरसता पूरा इंदौर आज सड़कों पर आ गया है इंदौर के 40 साल के इतिहास में कांग्रेस ने इतना जोरदार आंदोलन नहीं किया है जो लोग पूछते थे कांग्रेस कहा है वो सड़कों पर आकर देखे आज गांधी नेहरू की कांग्रेस फिर जिंदा हो गई है #indore
देश के आदिवासियों के पास जनगणना लिखने के लिए घर की दीवार नहीं है!!
लेकिन समाज के दलालों द्वारा रोज नए नए प्रपोगेंडे रचे जा रहें है!
आदिवासी समाज का सबसे बड़ा दुश्मन है बीजेपी RSS जिसने आज तक मूलभूत सुविधाये आदिवासी क्षेत्रों में नहीं पहुंचने दी है!
#आदिवासी_हिंदू_ईसाई_नहीं_हैं
बीजेपी के लिए दिल्ली जाने वालो देख लो 👇
ना पूड़ी थी ना सब्जी थी!"
जैसे सदियों से आदिवासियों को गुमराह करते आये है वैसे दिल्ली जाकर भी भोले भाले आदिवासियों को उनके हाल पर छोड़ दिया है!
सुधर जाओ इन दलालों के भरोसे मत रहो अन्यथा कही का नहीं छोडेंगे!!
#आदिवासी_विरोधी_डीलिस्टिंग
पानी संकट-
पेट्रोल डीजल गैस संकट के बाद पानी संकट घोर कलयुग आ गया भाई!"
राजा अमृत उत्सव मना रहा है!!
अंधभक्त झूठ पर झूठ फैलाये जा रहें है!
और जनता को पानी भी नसीब नहीं हो रहा है!!
दुःखद 😪 #घोरकलजुग#MIvsRR#UPSSSC_LEKHPAL_PAPER_LEAK@Cockroach4India @CJP_2929
नरेंद्र मोदी बहुत नाराज हैं 😡
सरकार ने सिर्फ 11 दिन में पेट्रोल-डीजल के दाम पूरे 8 रुपए बढ़ा दिए.
मोदी ने इसे शासन चलाने की नाकामयाबी का सबूत बताया है.
मोदी ने प्रधानमंत्री से पेट्रोल-डीजल के जो दाम बढ़े हैं, उसे वापस लेने की मांग रखी है.
क्या मोदी की बात सुनी जाएगी 🤔
यह तस्वीर झारखंड के दुमका की है, जहाँ आदिम जनजाति परिवार बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं। गोपीकांदर प्रखंड के नामोडीह गांव के पहाड़िया टोला में 22 परिवार भीषण जल संकट झेल रहे हैं। आखिर कब मिलेगा इन आदिम जनजाति परिवारों को शुद्ध पेयजल का अधिकार?
छत्तीसगढ़ के सरगुजा में एक आदिवासी महिला अपनी 90 वर्षीय सास को कंधे पर उठाकर भीषण गर्मी में 5 किमी पैदल चलकर पेंशन लेने पहुंची। क्या बुजुर्गों और आदिवासी इलाकों के लिए यही व्यवस्था है? सरकारें विकास के दावे करती हैं, लेकिन ज़मीनी सच आज भी दर्दनाक है।
आज भी देश के कई ग्रामीण और आदिवासी इलाकों में बेटियां अपनी जान जोखिम में डालकर गहरी खाइयों से पानी भरने को मजबूर हैं। यह सिर्फ जल संकट नहीं, बल्कि व्यवस्था की विफलता और सामाजिक असमानता की दर्दनाक तस्वीर है।
मध्यप्रदेश के झाबुआ में आदिवासी महिलाएं सूखी-पथरीली जमीन में हाथ से खोदे गए गड्ढों से गंदा पानी निकालने को मजबूर हैं। 21वीं सदी के भारत में जब लोग बूंद-बूंद पानी के लिए संघर्ष कर रहे हों, तब विकास के बड़े-बड़े भाषण शर्मनाक लगते हैं।
ओडिशा में जीतू मुंडा को अपनी बहन के बैंक खाते से मात्र ₹19,300 निकालने के लिए उसकी कब्र खोदकर कंकाल कंधे पर ढोकर बैंक जाना पड़ा। सोचिए, एक इंसान को अपने ही हक के लिए इस हद तक जाना पड़े, इससे बड़ी विफलता और क्या हो सकती है? बैंकिंग व्यवस्था और सरकारी प्रक्रियाएं इतनी जटिल और अमानवीय हो चुकी हैं कि गरीब, खासकर आदिवासी समाज, अपने अधिकार तक पाने में असहाय हो जाता है।
एक तरफ ललित मोदी, नीरव मोदी, विजय माल्या जैसे लोग हजारों करोड़ लेकर भी कानून की पकड़ से बाहर हैं, और दूसरी तरफ एक गरीब भाई को अपनी बहन की कब्र तक खोदनी पड़ती है। यह “विकास” नहीं, यह गहरी असमानता और संवेदनहीनता का प्रमाण है। यह वह भारत है जिसे देखने से अक्सर हम नजरें चुरा लेते हैं।
आलीराजपुर जिले की बालिका #रोशनी_कलेश जो भोपाल #GMC मेडिकल कॉलेज की छात्रा थी जिसका शव बाथरूम में संदिग्ध परिस्थिति में मिला है..।
भोपाल प्रशासन, मध्यप्रदेश सरकार से हम मांग करते है कि मामले की निष्पक्ष जांच करके दोषियों के विरुद्ध विधिवत कार्यवाही करे.
#justiceforroshani
महान लडाका योद्धा 1857 के पहले 1840 से 1864 तक अंग्रेजी के खिलाफ हुवे युद्ध का नेतृत्व किया भील आदिवासियों का पहला लडाका योद्धा है जिसे अंडमान के काला पानी में 29 दिसंबर 1876 में फांसी दी गए ।
महान स्वतंत सेनानी के शहादत शत नमन जोहार 🙏
#भीमा_नायक_शहादत#जय_भील#जय_भीमा_नायक
धार के समीप ग्राम मोहनपुरा जोगड़ी कुंड पुलिया पर आए दिन हादसा हो रहा है क्योंकि इस पुलिया और रोड का टर्न है रात के समय और अनजान व्यक्ति को नहीं पता है कि पुलिया रोड के सीध में है या नहीं।। कृपया कर माननीय महोदय @neenavikramvarma,@DharPro,@collectordhar
इस मार्ग पर निर्णय ले।।
बच्चे मन के सच्चे....... बीजेपी हटाओ..... साफ है देश की आवाज है,
आज की सत्ता ने क्या दिन दिखा दिया है --
सबकी जिम्मेदारी अपनी आने वाली सांसों की और स्वच्छ जल, आपदा से सुरक्षित रहने की
आवाज दो.....
बीजेपी हटाओ..... पर्वत बचाओ..... जंगल बचाओ