अभिनय सर धज्जियाँ उड़ा कर रख देते हैं जब जवाब देते हैं !
"राहुल गांधी को क्यों नहीं घेरते?"
पत्रकार के सवाल पर अभिनव का सीधा जवाब
अभिनय सर: क्योंकि केंद्र और 21 राज्यों में BJP की सरकार है। मैं राहुल गांधी से सवाल क्यों करूं? उनकी पार्टी पिछले कई महीनों से अलग-अलग मंचों के माध्यम से पेपर लीक के मुद्दे पर लगातार आवाज़ उठा रही है।
हम सब इस लड़ाई में एक साथ हैं। हमें आपस में गुटों में बंटने के बजाय एकजुट रहना चाहिए।
They are now going to bulldoze a University!
That’s how vindictive this illiterate BJP-Sanghi brigade is.
They give a damn about education and the future of youth.
Bulldozing a university…pause and think!
19 दिनों से श्री सोनम वांगचुक जी अनशन पर हैं। यह केवल एक व्यक्ति का संघर्ष नहीं, बल्कि उन लाखों छात्रों और युवाओं की आवाज है जिनका भविष्य भाजपा सरकार की विफल परीक्षा व्यवस्था और लगातार हुए पेपर लीक से प्रभावित हुआ है।
नेता प्रतिपक्ष श्री @RahulGandhi जी ने भी लगातार छात्रों के अधिकारों की आवाज बुलंद करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री की जवाबदेही और इस्तीफे की मांग उठाई है। कांग्रेस पार्टी पिछले डेढ़ महीने से इसी मांग पर दृढ़ता से खड़ी है। जब तक जिम्मेदारी तय नहीं होगी, तब तक युवाओं का व्यवस्था पर विश्वास वापस नहीं लौटेगा।
मैं श्री @Wangchuk66 जी से उनके स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए अनशन समाप्त करने का आग्रह करती हूँ। उनकी चिंता हमारी भी चिंता है। छात्रों के भविष्य, पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था और जवाबदेही की इस लड़ाई को कांग्रेस पार्टी पूरी मजबूती के साथ आगे बढ़ाती रहेगी।
जो सत्ता विश्वविद्यालयों को चाहे बुलडोज़र से या प्रशासनिक दमन के ज़रिए मिटाना चाहती है, वह दरअसल केवल इमारतें नहीं गिराती, वह विचार, विवेक और भविष्य पर हमला करती है। शिक्षा से डरने वाली सत्ता ही विश्वविद्यालयों से डरती है, क्योंकि विश्वविद्यालय सवाल पूछना सिखाते हैं, सत्ता के सामने सच बोलने का साहस देते हैं और नागरिक चेतना का निर्माण करते हैं।
रामपुर के जौहर विश्वविद्यालय के साथ जो कुछ किया जा रहा है, वह किसी एक संस्थान का मामला नहीं है। यह उस राजनीति का विस्तार है जो ज्ञान की जगह प्रचार, संवाद की जगह भय और शिक्षा की जगह अधीनता को स्थापित करना चाहती है। ऐसे हमलों के पक्ष में कोई तर्क, कोई बहाना और कोई राजनीतिक औचित्य स्वीकार नहीं किया जा सकता।
सनद रहे !!!विश्वविद्यालय केवल डिग्रियाँ नहीं देते; वे लोकतंत्र की आत्मा को जीवित रखते हैं। जो राष्ट्र अपने विश्वविद्यालयों को कमज़ोर करता है, वह अपने युवाओं से उनका भविष्य और अपने संविधान से उसकी चेतना छीन लेता है।
जय हिन्द
हम संविधानवादी हैं, मानवतावादी हैं और न्यायवादी हैं। हम प्रत्येक नागरिक की आस्था का सम्मान करते हैं और सत्ताधारी दल से भी यही अपेक्षा करते हैं। राजनीति में हार-जीत लगी रहती है, सत्ताएं आती-जाती रहती हैं, लेकिन सबसे बड़ा सवाल देश के अस्तित्व का है। राजनीतिक दलों का वजूद देश से है, देश का वजूद दलों से नहीं। इसलिए हमारे लिए हमेशा.. 'देश प्रथम, दल बाद में'।
- प्रभारी, उत्तर प्रदेश कांग्रेस एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष- अनुसूचित जाति विभाग, AICC श्री राजेंद्र पाल गौतम (@AdvRajendraPal) जी
नया सफर,
नेता प्रतिपक्ष @RahulGandhi देश के छात्रों से लगातार संवाद कर रहे हैँ,
"छात्रों की गूंज " कार्यक्रम के माध्यम से वो
परीक्षाओं में अनियमितता, पेपर लीक, भर्ती परीक्षाओं में देरी और शिक्षा की बढ़ती लागत का मुद्दा लगातार उठा रहे हैँ,
कोटा के बाद " छात्रों की गूंज " कार्यक्रम का दूसरा पार्ट कल देहरादून में होना है,
तो धरातल पर इस कार्यक्रम की कितनी गूंज है,
यही जानने Team NEWS ON भी
देहरादून के सफर पर है,
सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉक्टर विकास सिंह आज जंतर-मंतर पहुंचे और सोनम वांगचुक से अनशन तोड़ने की अपील की...लेकिन इससे पहले उन्होंने एक चिट्ठी लिखी थी उसमें कुछ बातें पढ़ी जाने लायक हैं। डॉक्टर विकास सिंह लिखते हैं✍️
"वे दिन चले गए जब नेता या मंत्री नैतिक जिम्मेदारी लेते थे और अगर कुछ गलत होता तो इस्तीफा दे देते थे। आज उनकी भूमिका और भी संदिग्ध हो गई है। शिक्षा व्यवस्था में बड़े पैमाने पर संस्थागत विफलताएँ हो रही हैं, युवा जीवन बर्बाद हो रहे हैं, फिर भी सत्ता में बैठे लोग बिना किसी शर्म के इसे गलत ठहराते हैं। आज के राजनेताओं की नैतिकता तेजी से कम हो रही है, और संसद में गंभीर आपराधिक मामले वाले लोगों की संख्या इसकी गवाही देती है। किसी राजनेता से आज चेतना की उम्मीद करना असंभव है।"
#JantarMantar
#SonamWangchuk
हमने मध्यकाल में मंदिर लुटते हुए नहीं देखा था, अब देख लिया।
हमने मध्यकाल में विश्वविद्यालय ढहाते नहीं देखा था, अब वह भी देख लेंगे।
हम आप मध्यकाल में नहीं थे, हम 21वीं सदी में हैं लेकिन मध्यकाल का पूरा मजा ले रहे हैं। मध्यकाल की हर क्रूरता, हर धतकरम आपको इसी मृतकाल में दिख जाएगा। फलाने और ढकाने हैं तो यही सब मुमकिन है।
ख़बर है कि 120 से ज़्यादा वैज्ञानिकों ने इसरो छोड़ दिया। विज्ञान के दूसरे अनुसंधानों में क्या हो रहा है, इसकी तो किसी को जानकारी ही नहीं है; कितने वैज्ञानिकों ने छोड़ दिए, नहीं मालूम। यह सरकार वैज्ञानिक रिसर्च को तबाह कर रही है और इसका असर आने वाली नस्लों पर बहुत गहरा पड़ेगा, देश के भविष्य पर पड़ेगा।
इस सरकार से कोई उम्मीद नहीं है. वैज्ञानिक की हैसियत से विपक्ष से मेरी अपील है कि वह देश के वैज्ञानिक संस्थानों और विज्ञान को बचाने के लिए जनता को जागरूक करे।
पहले जम्मू में श्री माता वैष्णो देवी मेडिकल कॉलेज को बंद किया।
अब उत्तर प्रदेश की जौहर यूनिवर्सिटी को ध्वस्त किया जा रहा है।
यही नहीं, देश में रोज़ 13 सरकारी स्कूल बंद हो रहे हैं।
कितने ही मेडिकल कॉलेज, बी.एड. इंस्टिट्यूट, यूनिवर्सिटी सिर्फ़ काग़ज़ों पर है - बाबा आमटे दिव्यांग यूनिवर्सिटी, विश्वकर्मा स्किल यूनिवर्सिटी, श्री राम कॉलेज, भोपाल जैसे 32 UGC के उच्च शिक्षा संस्थान और न जाने कितने बी.एड. आदि के कॉलेज रिकॉर्ड में हैं तो, लेकिन कहीं नहीं है।
और आपको लगता है कि शिक्षा से इनका वैर सिर्फ़ पेपर लीक तक ही है!
#ChhatronKiGoonj
बहुत हुआ, चलो युवा,
हाथ से हाथ जोड़ के,
अन्याय का घड़ा फोड़ के।
हमें सुधारनी हैं गलतियाँ बिके हुए ईमान की,
हमें उठानी है वो बात, जो हर युवा के सम्मान की।
#ChhatronKiGoonj Anthem
न्याय अब दूर नहीं,
युवा अब मजबूर नहीं।
देहरादून के छात्र नेता प्रतिपक्ष श्री @RahulGandhi जी का बेसब्री से इंतज़ार कर रहे हैं।
मोदी सरकार और धामी सरकार की नाकामी ने पेपर लीक, भर्ती घोटालों और बदहाल शिक्षा व्यवस्था से लाखों युवाओं का भविष्य संकट में डाल दिया है। अब छात्र जवाब मांग रहे हैं और अपने अधिकारों की लड़ाई के लिए एकजुट हो रहे हैं।
“छात्रों की गूंज”
17 जुलाई । देहरादून
#ChhatronKiGoonj