@iamnarendranath सिर्फ इतने से ही काम नहीं चलेगा। उस जज स��हेब को भी कुर्सी छोड़ना होगा जो बैंकों द्वारा किए जा रहे विरोध के बावजूद भी इस तरह के फैसले सुना रहे है।
@PMOIndia को इस मामले में अविलंब हस्तक्षेप करना चाहिए।
If True many congratulations to my friend Subhash.Banks and Government have admitted having recovered Rs 14,100 crores from me against a Judgement debt of Rs 6203 crores. Many more borrowers have settled at a fraction. Indian Debt Resolution Justice I presume. No media questions.
NCLT - “नेता-कंपनी लूट ट्रिब्यूनल”
किसान 50 हज़ार न चुकाए तो ज़मीन नीलाम हो जाती है। Salaried एक EMI न भर पाएं तो घर पर बैंक के गुंडे पहुंच जाते हैं। गरीब छात्रों को तो शिक्षा तक के लिए लोन नहीं मिलता।
मगर, चुनिंदा "मित्रों" के लिए बैंक का पैसा निजी संपत्ति है - कितना भी निकालो, जो मर्ज़ी चुकाओ।
म���दी सरकार ने देश में दो व्यवस्थाएं बना रखी हैं - एक चंद अरबपतियों के लिए, दूसरी बाक़ी सबके लिए।
. @JPNadda जी, यह सिर्फ़ मिलावट या कालाबाज़ारी का नहीं, बल्कि इंसान की ज़िंदगी से खिलवाड़ है।
एक Cancer patient और उसका परिवार लाखों रुपये जुटाकर जिस Injection को जिंदगी की उम्मीद समझकर खरीदता है, अगर उसमें दवा की जगह सिर्फ़ पानी निकलने का आरोप सामने आए, तो सोचिए कितने परिवारों ने अपनी जिंदगी की जमा-पूंजी, उम्मीद और शायद अपनों को खो दिया होगा।
उन Cancer patients और उनके परिवारों को न्याय कैसे मिलेगा जो इस कथित धोखाधड़ी के शिकार हुए?
देखो भाइयों, ये एक IAS है महाराष्ट्र में।
इसका मलतब ये है कि बाकी देश के भी फूड outlets का यही हाल है,
लेकिन बाकी किसी राज्य का कोई IAS चिल्लर bhar ka bhi काम करने के लिए तैयार है नहीं।
@TRAI TRAI, stop asking consumers questions while telecom companies keep hiking tariffs unchecked. If operators can charge whatever they want for the same basic service, what exactly is the regulator regulating?
शर्म बेच खायी है तुम लोगों ने,
>पूरा मानसून सत्र बिना काम के बह गया
>सांसद आए,और कैंटीन का खाना खाकर चलते बने,
>विपक्ष ने तुमको मुर्गा बना दिया
>जनता का पैसा फ्री में फूंक दिया
और अब मानसून सत्र के अंतिम दिन वीडियो डालकर जनता को बेवकूफ बना रहे हो।
~संसद का मानसून सत्र -2026
~अवधि - 20 जुलाई से 13 अगस्त
~बैठकें -19 प्रस्तावित
~खर्च - लगभग 200 करोड़
~लोकसभा की प्रोडक्टिविटी - सिर्फ 19%
~राज्यसभा की - 39%
200 करोड़ खर्च करने के बाद सिर्फ 19% काम हुआ, बांकी पैसा और समय सब पानी में बह गया।
ये भूरे अंग्रेजों ने जितना जनता का काटा है, उतना तो गोरे अंग्रेजों ने भी नहीं काटा।
ये सब के सब फ्री का पैसा कमाना चाहते हैं और ऐश की जिंदगी काटते हैं।
Jio वालों कान ख��लकर सुन लो 5g अनलिमिटेड का प्लान तुम अपने पास रखो नहीं चाहिए अब
15 अगस्त को रिचार्ज खत्म हो रहा है अब जीवन में कभी jio में रिचार्ज नहीं कराउंगी
और सबसे घटिया नेटवर्क तुम्हारा ही है सुन लो 😡
मैने जिओ नेटवर्क को लेकर मई में complain किया था तो 19 मई को हमारे घर पर 3 लोग आए थे
उन्होंने हमसे कहा था कि 5G पर काम चल रहा है और ये काम 1 महीने में पूरा हो जाएगा
अब लगभग 3 महीना होंगे वाला है मगर नेटवर्क देख लो इतना घटि���ा है
ये जिओ कंपनी बहुत ही घटिया है
मुझसे हर महीने 5g का प्लान बताकर रिचार्ज का पैसा लेता है और 4g भी ढंग से नहीं पकड़ता है
सुधर जाओ jio वालों झूठ की बनाई दीवार ज्यादा दिन नहीं टिकती है
अगर 5g का प्लान बेचते हो तो 5 g का नेटवर्क भी उपलब्ध करवाने की जिम्मेदारी रखो
नहीं तो साफ मना कर दो
@reliancejio @JioCare
TRAI आखिर कर क्या रही है?
कभी Connecting People जैसे campaigns थेआज सवाल यह है कि consumer के पास switch करने के लिए कितने मजबूत विकल्प बचे हैं?
Smart Phone अब सुविधा नहीं, हर महीने का अनिवार्य खर्च बनता जा रहा है। घर में 6 लोग हैं तो 6 अलग recharge… Wi-Fi होने के बावजूद।
#TRAI के पास tariff और consumer protection की जिम्मेदारी है, तो फिर आम आदमी की जेब और विकल्पों पर इतना दबाव क्यों?
क्या consumers को सिर्फ recharge करते रहना है और regulator को सिर्फ देखते रहना है?
आखिर आम ��दमी के हित में TRAI की जवाबदेही कब दिखाई देगी? @TRAI
इसका मतलब क्या है-सरकार UPI ट्रांजेक्श��� को हतोत्साहित करना चाहती है!
सीधी-सी बात है-छोटा दुकानदार या कारोबारी यह अतिरिक्त खर्च अपनी जेब से नहीं उठाएगा। वह इसे ग्राहक से ही वसूलेगा। क्रेडिट और डेबिट कार्ड का उदाहरण एकदम सही उदाहरण है।
Dear @NSitharaman,
If share trading is someone’s only source of income and they make ₹8 lakh profit in a year through short term trading:
STCG tax: 20%
₹8,00,000 × 20% = ₹1,60,000
4% cess = ₹6,400
Total tax = ₹1,66,400
This feels unfair for people who depend only on trading.
A salaried person earning ₹12 lakh pay zero income tax, while a trader making just ₹8 lakh profit has to pay ₹1.66 lakh in tax.
WOWOWOW.
जिनके नाम पर योजनाएँ, स्टेडियम, सड़कें कम पड़ गईं, अब मंदिर भी?
बना दो मंदिर। साहब को भगवान घोषित कर दो।पूजा अनिवार्य करदो ।
ताकि आने वाली पीढ़ियाँ इतिहास में पढ़ें कि एक दौर ऐसा भी था-
जब “भगवान” चुनाव लड़ते थे,
रैलियाँ करते थे,
वोट माँगते थे,
विपक्ष पर तीखा भाषण देते थे,
उनकी नीतियों के खिलाफ़ देशभर में paper leak ��ंदोलन हुआ था जिसमे उनको एक देवता को इस्तीफ़ा कराना पड़ा ।।
विदेश यात्राएँ करते थे भगवान
अब हर लोकप्रिय प्रधानमंत्री का मंदिर बनेगा, अगली सरकार आएगी तो नया मंदिर बनेगा, पुराना तुड़वाया जाएगा?
बस यही होता रहेगा - बेरोज़गारी, शिक्षा, स्वास्थ्य भाड़ में जाये, पहले मंदिर ��ी राजनीति पूरी कर लेते हैं।