हम एक UPI संकट में हैं।
अब आप कहीं भी जाएँ , एक QR कोड आपका इंतज़ार कर रहा है, आपकी जेब खाली करने के लिए।
सब्ज़ीवाले, रिक्शावाले, पान की दुकान, महंगे शोरूम, हर कोई बस एक स्कैन की दूरी पर है।
ना कोई झिझक, ना कोई सोच-विचार। सिर्फ दो टैप… और पैसे निकल गए।
हमेशा ऐसा नहीं था।
पैसे का एक वज़न हुआ करता था। आप उसे महसूस करते थे।
दस रुपए के नोट की बनावट, नए ₹500 के नोट को खर्च करते वक़्त होने वाली हिचक…
बटुआ खोलना और दो बार सोचना, यही था ‘विवेक’।
ये छोटी-सी रुकावट ही हमें बचाती थी।
वो एक पल जिसमें हम खुद से पूछते थे: क्या ये वाकई ज़रूरी है??
UPI ने वो रुकावट हटा दी।
और उसके साथ ही, दिमाग का एक जरूरी भावनात्मक हिस्सा भी चला गया।
Behavioural scientists इसे कहते हैं "the pain of paying",
वो हल्की-सी मनोवैज्ञानिक चुभन, जो हमें सोच-समझकर खर्च करने में मदद करती थी।
कैश में वो दर्द था।
UPI में नहीं।
आप अपने महीने का खर्चा ट्रैक करिए और देखेंगे तो आपके होश उड़ जाएंगे।
बेवजह की फूड डिलीवरी, बेकार के लेन-देन, भूली हुई सब्सक्रिप्शन, अचानक किए गए खर्च…
सबकुछ चुपचाप जुड़ते रहे , और आप सुविधा के नशे में सोते रहे।
महीने में एक बार पैसा निकाल कर खर्च करने के लिए पत्नी को देने का मनोविज्ञान बहुत अच्छा था और मितव्ययिता पर आधारित था।
UPI हमें एक झूठा भरोसा देता है, कि हम खर्च कर सकते हैं।
क्योंकि पैसे जाते नहीं दिखते।
अफसोस महसूस नहीं होता।
जबकि अफसोस कोई दुश्मन नहीं, वो एक फीडबैक है।
एक स्मृति।
इसके बिना खर्च का कोई अर्थ नहीं बचता।
और बिना अर्थ के पैसा, जीवन से कनेक्शन तोड़ देता है।
सुविधा की एक कीमत होती है।
वो कीमत है, जागरूकता।
कैशलेस का मतलब अक्सर बेशऊर खर्च होता है।
और एक बार खोई हुई चेतना…
वापस लाना बहुत महँगा पड़ता है।
यह पोस्ट तकनीक को दोष देने के लिए नहीं है बल्कि मैं तो तकनीक को साध कर आगे चलने वाला व्यक्ति हूं।
बल्कि यह पोस्ट आपको याद दिलाने के लिए है कि लेन-देन की रफ्तार, सोच की गति से तेज़ नहीं होनी चाहिए।
UPI रहेगा, और रहना भी चाहिए...
लेकिन वह धीमी-सी आवाज़ भी रहनी चाहिए, जो कहती थी: "फिर से सोचो!"
क्योंकि असली संकट बटुए में नहीं है,
बल्कि खर्च और एहसास के बीच आती शून्य में है।
क्या सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने देश के युवाओं को तिलचट्टा कहा था?
नहीं।
युवाओं को लेकर सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत के बयान को तोड-मरोड़ कर पेश किया गया था।
स्वयं न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने यह बात कही।
उन्होंने कहा “मुझे यह पढ़कर दुख हुआ कि मीडिया के एक हिस्से ने कल एक तुच्छ मामले की सुनवाई के दौरान मेरी मौखिक टिप्पणियों को किस तरह गलत तरीके से पेश किया है।”
“मैंने विशेष रूप से उन लोगों की आलोचना की थी, जिन्होंने फर्जी और नकली डिग्रियों की मदद से वकालत (कानूनी पेशा) जैसे व्यवसायों में प्रवेश किया है।”
“ऐसे ही लोग मीडिया, सोशल मीडिया और अन्य प्रतिष्ठित व्यवसायों में भी घुसपैठ कर चुके हैं, और इसलिए, वे परजीवी की तरह हैं।”
“यह कहना पूरी तरह से बेबुनियाद है कि मैंने हमारे देश के युवाओं की आलोचना की। मुझे न केवल हमारे वर्तमान और भविष्य के मानव संसाधन पर गर्व है, बल्कि भारत का हर युवा मुझे प्रेरित करता है।”
“यह कहना कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी कि भारतीय युवाओं के मन में मेरे लिए बहुत आदर और सम्मान है, और मैं भी उन्हें एक विकसित भारत के स्तंभों के रूप में देखता हूँ।”
https://t.co/Vmc0TlDuma
कल कॉकरोच पार्टी की प्रेस कांफ्रेंस कॉन्स्टीट्यूशन क्लब में हुई थी। कॉन्स्टीट्यूशन क्लब की बुकिंग सिर्फ़ सांसदों के नाम से हो सकती है।
कॉकरोच पार्टी ने राजद के राज्यसभा सांसद मनोज झा जी से बुकिंग करवाया।
आज मनोज झा जी बता रहे हैं कि उन को धोखे में रख कर उनसे बुकिंग करवाया गया। वह पिता को लेकर हॉस्पिटल में थे वहाँ उनसे बुकिंग लेटर पर रेकमेंडेशन लिया गया।
उनको बताया गया कि एक पत्रकार हैं जो कुछ इवेंट ऑर्गेनाइज़ करना चाहते हैं।
क्या यह धोखाधड़ी का मामला नहीं है..?
स्कैमरों ने शुरुआत ही स्कैम और फ्रॉड से किया है।
Noida के सेक्टर 75 के फ्लैट में आग लगी! नोएडा की फायर ब्रिगेड की गाड़ी का हाल देखिये…12वें फ्लोर पर आग लगी है और पानी जो छोड़ा जा रहा है वो बमुश्किल 5 या 6 मंजिल तक पहुंच रहा है! यानी फायर ब्रिगेड में सीढ़ी ना हो तो नोएडा में बहुमंज़िला इमारतों में जान-माल बचाना असंभव सा है!
ये हाल तब है जब नोएडा- साहिबाबाद- ग़ाज़ियाबाद में हज़ारों बहुमंज़िला इमारतों का अंबार है!
जो गाड़ियां अभी सड़क पर हैं उनके लिए उपयुक्त पेट्रोल की व्यवस्था नहीं है। जिस पेट्रोल की अभी व्यवस्था नहीं है वो गाड़ियां लॉन्च हो रही हैं। एक दिन ऐसा आएगा जब फ्लेक्स इंजन होगा, फ्लेक्स इंधन होगा, और दोनों का मिलन होगा। कितना सुंदर सपना अपना जीवन होगा।झिलमिल सितारों का आँगन होगा। रिमझिम बरसता सावन होगा।
You want the young officer to sacrifice his life for the love of the Nation, but you don’t want him to express his love for his fiancée.
In the Army we say ‘Youngster nahi karega, toh kaun karega’.
If you can not find a fault in his professional capabilities, don’t do this nuktachini for such a pure gesture of love and belonging.
Military equipment has been on display during many ‘Know your Army’ exhibitions around the country. The students and non military personnel have clicked pics with it showing pride and love for the Army. So, please don’t bring in the national security angle into this.
Let the young soldier do his national duty with pride and honour 👍
Jai Hind 🇮🇳
कर्मा सुना था! लेकिन इतना जल्दी फल देता है पहली बार देखा:-
- कल ये व्यक्ति अंजना को ओम कश्यप पर अभी टिप्पणी कर रहा था। बॉडी शेमिंग कर रहा रहा! सुनिए इसको एक और घिनौनी टिप्पणी।
- अपना चेहरा महीनों से भले ना देखा हो लेकिन उन्हें चेहरा देखने को बोल रहा था
- आज UP-बिहार वाले सब सोशल मीडिया पर इसे गरिया रहे हैं।
- टीचर रोशन यादव से विवाद के बाद बड़े-बड़े यादव इन्फ़्लुएंसर जो कल तक समर्थन कर रहे थे वही इसकी धोती खोल रहे हैं
- इसीलिए कहते हैं “अति सर्वत्र वर्जयेत्” इसने अति कर दिया था। भाषायी मर्यादा को तार तार कर दिया था।
- लफुआ की तरह सड़का छाप भाषा पर उतर आया था। आज लेफ्ट-राइट सब पोल खोल रहे हैं।
I shed no tears for the TMC’s self-destruction. My only hope is that the political culture of the vandals doesn’t start contaminating the W.Bengal BJP. We in the BJP have to be always wary of false friends who are today cosying up to us because they need to wash away their past sins. The detox of Bengal cannot be left incomplete.
होटल मालिक गिरफ़्तार हो गया..वो सारे अधिकारी/बाबू/नेता कब गिरफ़्तार होंगे जिनकी जेबें गर्म कर के,सारे नियम तोड़ के ये होटल चल रहा था? Arrest the corrupt OFFICIALS,Netas जिन तक "हिस्सा" पहुंचता था.. This is NOT a tragedy..Its a MURDER, but the hotel owner is not the ONLY culprit..Where are the MCD officials?The Hafta vasooli gang! जब तक ऐसे मामलों में इस देश के भ्रष्ट अधिकारी/बाबू/नेता गिरफ़्तार नहीं होंगे तब तक ये हत्याएं बंद नहीं होंगी 🙏 @CMODelhi@PMOIndia@HMOIndia #malviyanagar #corruption
Interesting!
Is Newslaundry defending NDTV in 2014 for asking Rahul G about taste of jalebi & samosa?
Just because NDTV labeled it as "light hearted moment"?
But the infamous "mango question" to PM Modi was also labeled as "non political interview"
Why did liberals cry?
In fact, the "mango question" came from Akshay Kumar ... literally every Indian knows that Akshay is not a journalist, but a movie star!
So why did liberals cry so much about that question?
मोदी सरकार का पिछले 12 साल का निष्पक्ष लेखा-जोखा समझना हो तो @RajeevKSachan सर का यह लेख पढ़िए। इसमें सरकार की सफलता को सफलता कहा गया है और विफलता को विफलता। @JagranNews
असद के पिता ने दी 2 बच्चों को धमकी
हिंदू महिला के कहा मुझ बोला जो सूर्या के साथ
जो हुआ वही तेरे 2 बच्चों के साथ होगा
मॉमेडियन महिलाएं भी दे रही धमकी बोल शांत
बैठ जा ज्यादा उड़ने को कोशिश मत कर
प्रशासन को इस पर तुरंत संज्ञान लेना चाहिए
Warning: Headphones ⚠️
Muslims of the area where Surya was brutally killed opposed bulldozer action on Asad's house saying, "Follow the Constitution"
Angered hindu men and women replied with volley of verbal tsunami on the sympathisers:
Was he murdered according to the Constitution...?
The whole plan was hatched on Eid day here. Why? What message you wanted to send?
Now in this alley not a single one of your shops should open!
Kapil Sibal was neither shocked nor shamed when Islamists raided Hindu Bengali homes in Murshidabad and burned women's clothes so that Hindu Bengali women and girls would have nothing to wear.
Bengal Home Minister Mamata Banerjee did nothing.
@KapilSibal@MamataOfficial
ब्रो का नाम : प्रवीण कुमार
ब्रो का पद : SE पंचायती राज निदेशालय UP
ब्रो का काम : ट्रांसफ़र पोस्टिंग करने के लिए पैसा लेना
ब्रो का रेट : लाखों में
ब्रो ख़ुद : करोड़ों में एक
ब्रो का सिस्टम : प्रिंसिपल सेक्रेटरी के नाम की उगाही करना
मस्त ट्रांसफर पोस्टिंग के नाम पे चाँप के पैसा कमा रहे, इधर उधर महँगी गाड़ियों से गेड़ी मार रहे, छोटे मोटे अधिकारियों को धेले बराबर सेंट रहे, और गर्मी में मस्ट लीची शेक पी रहे ,इसकी माका मज़े ही मज़े!