.@RahulGandhi जी और @PriyankaGandhi जी को दिल्ली पुलिस को यह भी याद दिलाना पड़ रहा है कि राष्ट्रीय ध्वज का सम्मान और संविधान में मिले अधिकार सभी के लिए हैं।
BJP के पास सवालों के जवाब नहीं होते, तो वह पुलिस के दबाव और लाठी-डंडे का सहारा लेती है।
श्री @RahulGandhi शांतिपूर्ण तरीके से धरने पर बैठकर निर्वाचन आयोग से मिलने की माँग कर रहे थे। शांतिपूर्ण विरोध दर्ज कराना उनका संवैधानिक अधिकार है।
इसके बावजूद नेता प्रतिपक्ष को अमित शाह द्वारा नियंत्रित दिल्ली पुलिस द्वारा जबरन हिरासत में लेना संविधान और लोकतांत्रिक अधिकारों पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
प्रधानमंत्री और गृहमंत्री के व्यवहार में काफ़ी घबराहट दिखाई दे रहा है।
याद रखिए—लोकतंत्र में अंतिम शक्ति जनता के पास होती है। जनता हर कार्रवाई का हिसाब लेती है।
ब्रेकिंग न्यूज 🚨
राहुल गांधी को इस तरह हिरासत में ले लिया गया है।
आकाशवाणी के ऑफिस के बाहर धरना प्रदर्शन नहीं करने दिया जा रहा है , जबकि राहुल गांधी ने पुलिस से कहा भी कि,
आप ही कोई जगह बता दीजिए जहाँ हम बैठ कर धरना प्रदर्शन कर सकें लेकिन किसी ने कुछ नहीं बताया।
लोकतंत्र को बचाने के लिए उठे हमारे कदम अब रुकने वाले नहीं हैं। हमारी आवाज़ को दबाया नहीं जा सकता।
जो संकल्प लिया है, उसे हर हाल में पूरा करके रहेंगे।
@RahulGandhi@priyankagandhi
दिल्ली में इस वक़्त जो हो रहा है, उसका एक ही पैटर्न है - जो औरत सवाल पूछे, उसे चुप कराओ।
जंतर-मंतर पर सैकड़ों लोग हिरासत में लिए गए। महिला प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि पुरुष पुलिसकर्मियों ने उनके साथ बदसलूकी की। महिला पत्रकारों के कैमरे छीने गए, उन्हें घसीटा गया। एक पत्रकार की शिकायत पर FIR तक दर्ज नहीं हुई।
कुछ हफ्तों पहले शाहीन और नफ़ीसा ने साकेत थाने के अंदर अपने साथ हुई हिंसा और बदसलूकी की आपबीती सुनाई है। सोचिए, थाने के अंदर - वो जगह जहां महिलाएं शिकायत लेकर जाती हैं।
जिन पर महिलाओं की रक्षा की ज़िम्मेदारी है, वही आज उनके लिए ख़तरा बन रहे हैं। और दिल्ली पुलिस किसके अधीन है - यह पूरा देश जानता है।
साकेत थाने का पूरा CCTV फुटेज सार्वजनिक किया जाए। दोषी पुलिसकर्मियों पर तुरंत कार्रवाई हो। शाहीन, नफ़ीसा और जिनके साथ भी दिल्ली पुलिस ने हिंसा और बदतमीज़ी की है उनको न्याय मिले।
अमित शाह जी - आप और आपकी पुलिस महिलाओं से डरती क्यों है?
केकड़ी नगरपालिका में कांग्रेस से नवनिर्वाचित सभापति अनिल मित्तल जी जब अपने नगरपालिका सभापति चैंबर में गए, तो उन्होंने पाया कि चैंबर ताला जड़ा हुआ है।
भाजपा को समझना चाहिए कि जनता द्वारा चुने गए जनप्रतिनिधि के कार्यभार संभालने में अड़चन डालकर क्या हासिल करेंगे?
इस मामले में प्रशासन को गंभीरता दिखाते हुए संज्ञान लेना चाहिए और सभापति का चैंबर उन्हें सुपुर्द करवाना चाहिए। नगरपालिका का यह कार्यालय जनता की सेवा के लिए है।
@RaghusharmaINC
नगर निकाय चुनावों में तानाशाही के दम पर लोकतंत्र को कुचलने का प्रयास करने वाली भाजपा सरकार अब जनता के चुने हुए जनप्रतिनिधियों से उनका अधिकार भी छीनने का प्रयास कर रही है।
अजमेर जिले की केकड़ी नगरपालिका में कांग्रेस प्रत्याशी श्री अनिल मित्तल जी सभापति निर्वाचित हुए, लेकिन आज जब वे नगरपालिका पहुंचे तो उनके लिए सभापति का कक्ष खोलने से मना कर दिया गया कि स्थानीय भाजपा विधायक द्वारा उसी कक्ष में जनसुनवाई केंद्र चलाया जा रहा है।
भाजपा नेताओं से हार बर्दाश्त नहीं हो रही है। जनता ने जिसे सभापति चुना, उसे अपने ही दफ्तर में बैठने के लिए तरसना पड़ रहा है और सत्ता के अहंकार में भाजपा विधायक कुर्सी छोड़ने को तैयार नहीं हैं। आखिर प्रदेश में यह कैसा मजाक चल रहा है?
इसके विरोध में पूर्व मंत्री डॉ. रघु शर्मा जी के साथ कांग्रेस नेता धरने पर बैठे हैं और निर्वाचित सभापति को उनका दफ्तर तत्काल सौंपने की मांग कर रहे हैं। नगरपालिका के अधिकारी भी सत्ताधारी दल के आगे नतमस्तक हैं। चुनाव का नतीजा जनता ने दिया है, उसे सत्ता और कुर्सी के बल पर बदला नहीं जा सकता। यह जनमत और लोकतंत्र का अपमान है। भाजपा समझ ले, हार के बाद कुर्सी पर कब्जा जमाने से जनादेश नहीं बदलता।
मेरी जिलाधिकारी से मांग है कि मामले में तत्काल संज्ञान लें और सभापति का कक्ष खाली करवाकर नवनिर्वाचित सभापति श्री अनिल मित्तल जी को तुरंत सुपुर्द करवाएं।
@RaghusharmaINC@RajCMO@INCRajasthan
नगर निकाय चुनाव में तानाशाही से लोकतंत्र को कुचलने का प्रयास करने वाली भाजपा सरकार अब जनता के चुने हुए जन-प्रतिनिधियों से उनका अधिकार भी छीनना चाहती है।
अजमेर जिले की केकड़ी नगर पालिका के नवनिर्वाचित अध्यक्ष, कांग्रेस नेता अनिल मित्तल जी के लिए नगर पालिका में अध्यक्ष का कक्ष खोलने से मना करना एवं स्थानीय विधायक द्वारा उस कक्ष पर पिछले कुछ समय से अवैध रूप से बिना नियमों के जनसुनवाई केंद्र बनाना दुर्भाग्यपूर्ण है !
नगर पालिका स्वायत्त संस्था है, उस पर किसी भी अन्य जनप्रतिनिधि द्वारा इस तरह से कब्जा जमा लेना नियमों के विरुद्ध है। अगर नगर पालिका अध्यक्ष उसके कक्ष में नहीं बैठेगा, तो कहाँ बैठेगा ??
इसके खिलाफ वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री डॉ. रघु शर्मा जी, नवनिर्वाचित नगर पालिका अध्यक्ष, पार्षदगण और कांग्रेस कार्यकर्ता धरने पर बैठे हैं।
अगर शीघ्र ही वह कक्ष नगर पालिका अध्यक्ष के लिए नहीं खोला गया तो पूरे जिले का कांग्रेस कार्यकर्ता केकड़ी कूच करेगा !!
केकड़ी में निर्वाचित चेयरमैन को उनके अधिकृत चैंबर में बैठने से रोकना लोकतांत्रिक व्यवस्था और जनादेश का अपमान है।
तहसीलदार, केकड़ी द्वारा कहा जा रहा है कि कलेक्टर, अजमेर के आदेश के कारण चेयरमैन को चैंबर उपलब्ध नहीं कराया जा सकता। यदि ऐसा कोई आदेश है तो उसे सार्वजनिक किया जाए।
भाजपा सरकार से मांग है कि प्रशासनिक मनमानी और इस तरह की दुर्भावनापूर्ण कार्रवाई पर तुरंत रोक लगाई जाए तथा निर्वाचित चेयरमैन को उनका चैंबर उपलब्ध कराया जाए।
जनादेश का सम्मान करना सरकार की जिम्मेदारी है।
केकड़ी में जनता के आशीर्वाद से कांग्रेस के अनिल मित्तल जी जीत हासिल कर नगरपालिका अध्यक्ष पद निर्वाचित हुए। लेकिन भाजपा इस जनादेश को पचा नहीं पा रही है।
हार स्वीकार करने के बजाय निर्वाचित अध्यक्ष के चैंबर पर ताला लगाना आखिर कैसी मानसिकता है? विधायक जी को लोकतंत्र की मर्यादा समझनी चाहिए। जनता ने जिसे चुना है, उसका सम्मान करना ही लोकतांत्रिक व्यवस्था का तकाजा है।
भाजपा को अपनी हार स्वीकार करनी चाहिए और जनादेश का सम्मान करते हुए नवनिर्वाचित अध्यक्ष अनिल मित्तल जी को सम्मानपूर्वक उनके स्थान पर कार्य करने देना चाहिए।
@RajCMO
केकड़ी नगरपालिका में सभापति पद पर कांग्रेस प्रत्याशी श्री अनिल मित्तल की कल विजय हुई थी। लेकिन जब वे नगरपालिका में अपने चैंबर में गए तो जानकारी मिली कि सभापति के चैंबर पर तो भाजपा विधायक का ही कब्जा है। यह हास्यास्पद है कि निर्वाचित सभापति को अपने ही दफ्तर में बैठने के लिए तरसना पड़ रहा है और भाजपा विधायक कुर्सी छोड़ने को तैयार नहीं। इसके विरोध में पूर्व मंत्री श्री रघु शर्मा समेत तमाम कांग्रेस नेता धरने पर बैठे हैं। नगरपालिका के अधिकारी सत्ताधारी दल के आगे नतमस्तक होकर चुनाव के नतीजे को मानने से ही इनकार कर रहे हैं। अभी सभापति ने काम शुरू भी नहीं किया और अभी से उनके काम में अड़चन डालने का सिलसिला शुरू कर दिया गया है। जिलाधिकारी को तत्काल हस्तक्षेप कर यह सुनिश्चित करना चाहिए कि भाजपा विधायक निर्वाचित सभापति को उनका चैंबर तुरंत सुपुर्द करें, यह जनमत का सीधा अपमान है।
@RaghusharmaINC
छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल जी को जन्मदिवस की हार्दिक बधाई व शुभकामनाएँ।
मैं ईश्वर से आपके उत्तम स्वास्थ्य व दीर्घायु जीवन की कामना करता हूं। @bhupeshbaghel
आज राजस्थान विधानसभा में प्रदेश की जनता, युवाओं, विद्यार्थियों और महिलाओं से जुड़े गंभीर मुद्दों को लेकर सरकार के खिलाफ रोष प्रकट कर आवाज बुलंद की।
प्रदेश का युवा रोजगार और पारदर्शी भर्ती चाहता है, OMR शीट घोटाले ने विद्यार्थियों को चोट पहुंचाई है, छात्र-युवा अपने लोकतांत्रिक अधिकार छात्रसंघ चुनाव की बहाली की मांग कर रहे हैं और आमजन लचर कानून व्यवस्था की जगह सुरक्षित एवं जवाबदेह शासन चाहता है।
विधानसभा लोकतंत्र का सबसे बड़ा मंच है और यहां जनता की आवाज उठाना हमारा दायित्व है। सरकार को स्कूलों की बदहाली, महिला सुरक्षा, कानून-व्यवस्था, भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं और छात्रसंघ चुनाव जैसे हर मुद्दे पर जवाब देना होगा। @RahulGandhi@SachinPilot@INCIndia@INCRajasthan