I honestly DO NOT like the anxiety that comes with corporate life. It is 4pm on Sunday evening and I can already feel the pressure of the week ahead breathing down my neck.
छात्र किसी भी देश की सबसे बड़ी उम्मीद होते हैं। उनकी आवाज़ को सुना जाना चाहिए, समझा जाना चाहिए और उसका सम्मान होना चाहिए।
मेरी केवल एक प्रार्थना है—अपनी लड़ाई, अपना मुद्दा और अपनी सोच किसी और के हाथों का औज़ार मत बनने दीजिए।
यह संदेश किसी के पक्ष या विपक्ष में नहीं, बल्कि हमारे युवाओं के भविष्य के पक्ष में है।
सुरक्षित रहिए, जागरूक रहिए और अपने विवेक पर हमेशा भरोसा रखिए। जय हिन्द! ❤️🇮🇳🙏