ये भगवान #श्री_कृष्ण (भारतवर्ष🇮🇳) शिशुपाल (राजनीति👎) के द्वारा #भारत_माँ🚩 को दी जा रही गालियां गिन रहे है..!
जिस दिन 100 हो जाएगी, #शिशुपाल की #गर्दन काट🗡️ दी जाएगी !👍
#महाभारत 🚩🇮🇳
कल तक जो लोग प्रधानमंत्री की स्वर्गीय मां को अपशब्द और गलियां देने पर तालियां बजा रहे थे, इसे जस्टिफाई कर रहे थे, जब उनको कुछ कह दिया तो तुरंत अजीत भारती पर SC/ST एक्ट लगा कर केस कर दिया। इतनी दोगलाई कहां से लाते हो भाई ?
SC/ST एक्ट के दुरुपयोग पर सवाल आज का नहीं, दैनिक जागरण की 2018 की इस रिपोर्ट में पाँच वर्षों में सामने आए 60 फर्जी मामलों का जिक्र है। कानून न्याय के लिए हो, किसी निर्दोष को फँसाने का हथियार नहीं।
कौन-सा संघर्ष रहा रामविलास पासवान जी का? यही न कि कैसे UPA में भी मंत्री बनें और कैसे NDA का भी हिस्सा बन जाएँ?
पासवान और चमार, बिहार का सबसे अधिक SC आरक्षण पाते रहे हैं। आप स्वयं अपना विकास आरक्षित सीट से कर रहे हैं। आपने मुसहर, डोम, चंडाल, भुइयाँ के कितने नेताओं को आगे बढ़ाया है?
मैं भी बिहार से हूँ। हाँफ-हाँफ कर मोदी जी का नाम लेने से कुछ नहीं होता।
बकवास बंद कीजिए और महादलितों का हक दीजिए। अब बहुत हो गया। पर आपका सही है, सत्ता बदलेगी फिर भी आप मंत्री बन ही जाओगे! आपको कुछ भी कहना बेकार ही है।
सामान्य वर्ग के बड़े बड़े सांसदों और विधायकों से बढ़िया काम ये दो लोग कर रहे है।
इन्हें अकेला मत छोड़िये।
जैसे SC/ST अपना नेता चुनते है, अब आपको भी वैसा ही जातिवादी बनना चाहिये।
यह ऐतिहासिक आंदोलन है। 🔥✅
#StopMisuseOfSCSTAct
जो वकील अपने चैंबर में जज बनाने के लिए कुख्यात है, वो भोंसड़ीवाला भी मर्यादा पर ज्ञान चोद रहा है। लाल जंघिए में आर्गुमेंट करने वाले लोग, जिनके इनकम टैक्स के पेपर दीमक चर जाते हैं, वो साले मोरेलिटी का हमें ज्ञान देंगे?
साले सही पैसे दूँ तो रिरियाता हुआ ‘जी सर’ बोल कर तू मुझे डिफेंड करने आ जाएगा।
पुनः कहूँगा, जिन हराम के पिल्लों को लगता है कि मेरी (या किसी भी व्यक्ति की) माँ-बहन किसी अनपढ़-गँवार-जातिवादी कीड़े के डिजिटल भोग की विषयवस्तु है, मैं उनकी पिछवाड़े में बाँस डाल कर खड़ा कर दूँगा।
मेरे लिए मेरे परिजनों का सम्मान सर्वोपरि है, और उस पर कोई कॉम्प्रोमाइज नहीं। चाहे वो भारत का प्रधानमंत्री हो या अमेरिका का राष्ट्रपति, मुझे झाँट भर फर्क नहीं पड़ता तुम्हारी पहचान क्या है।
मैं अपने प्रत्युत्तर में तीक्ष्ण, तीव्र और डिस्प्रपॉर्शनेट ही रहूँगा।
गडकरी ने नागपुर के एक कार्यक्रम में कहा कि 30 वर्षों से पब्लिक लाइफ में हैं, अब वो थक गए हैं इसलिए नई पीढ़ी को अवसर मिलना चाहिए।
सरकार के सारे गुडविल की वाट लगा कर, ये और प्रधान जैसे लोग अब हज के लिए निकल रहे हैं। अगस्त 2025 से मैं एथनॉल और उसे 80% नॉन-कम्प्लायंट गाड़ियों में डालने का विरोध कर रहा हूँ। सरकार पेट्रोल पम्प पर हो रही मिलावट पर भी चुप ही रही है।
जब इन्होंने गन्ने के शीरे की जगह, सारा जूस ही एथनॉल को दे दिया और कॉस्मेटिक, फार्मा सेक्टर को अमेरिका से इंपोर्ट को विवश किया, तो आज न तो जनता को उचित मूल्य पर पेट्रोल मिल रहा है, न ही चीनी।
ऐसे मंत्री की विदाई के लिए माहौल लंबे समय से बन रहा था, और अब स्वयं संकेत दे रहे हैं। क्या आवश्यकता थी कि 2030 के टारगेट को 2025 में पूरा करके नाचने की? गाड़ियाँ बनी नहीं, सड़कों पर करोड़ों गाड़ियाँ पुराने इंजन की हैं और इनको छाती ठोकनी थी।
The SC/ST Act used against Ajeet Bharti is draconian
RT if you support him and if you want amendments in the SC/ST Law
This case should be made an example of how the SC/ST Act is misused