What @AmitShah has achieved is remarkable - a near-total eradication of Naxalism, with a 90% drop in Naxal violence and hubs. But while many are celebrating, India must not lower its guard. Urban Naxals still exist and are eager to revive their field counterparts.
My views:
"Pakistan has implemented the Quran — India should bring it too, we demand this."
She is daughter of Nawab Malik who had financial connections with Dawood and Haseena Parkar.
She is a part of NDA govt in Maharashtra.
Shibu Soren took a 50 lac bribe to save the Congress govt. The case was so open & shut that a judge even ordered his bribe to be taxed. But the Supreme Court let him off as bribes came under Parliamentary privilege.
Yesterday, Mr Soren was posthumously awarded the Padmabhushan.
Why the long rope to them in Uttarakhand?
They are creating nuisance in Public Places
Being a Nihang does not give them the right to take law and order in their hands!
हिंदुओं को गुरुद्वारा जाने की चुल्ल मची रहती है, इसलिए ये लोग मारते हैं। वीर पुरुष हैं, निहंग हैं, निहत्थों पर वीरता ऐसे ही निकलती है। मज़ार और गुरुद्वारा जाना ही क्यों है? तुम्हारे मंदिर कम हो गए हैं? वो नहीं मानते तुम्हें अपना, तुम क्यों चिपकना चाहते हो? उनका समाज भी कभी इस पर सामूहिक रूप से नहीं बोलता।
उनके लिए तुम बिहारी, भैये और कुत्ते-सूअर जैसे हो। नस्लभेद, घटिया जातिवाद और क्षेत्रवाद का भौंडा प्रदर्शन हो रहा है।
I am not against any religion, but is it justifiable to slap someone over such trivial matters? Especially when you are armed with a sword and the other person is unarmed... Guru Sahib did not teach this in the Sikh faith. 🤔
एक एक शब्द ध्यान से सुन लीजिए
तब कांग्रेस की राजस्थान सरकार ने 15 लाख दिए थे
इस सरकारी जमीन पर बिल्डिंग मदरसा बनाने के लिए
सरकार ने ध्वस्त कर दिया
आज फिर मेरी बात सही निकली नेता और अधिकारियों ने खड़े हो कर क़ब्ज़े कराए है
अब भी शेयर नहीं कर सकते तो छोड़ दो सोशल मीडिया
1985 में अयोध्या को लेकर प्रस्ताव रखा गया था, लेकिन राम मंदिर का मामला 1950 से सुप्रीम कोर्ट तक लंबी कानूनी लड़ाई के बाद सुलझा। इसलिए “दे दिया गया” कहना पूरी प्रक्रिया को नहीं दर्शाता।
देख रहे हो इस खूंखार जानवर को
इसका नाम मोहम्मद अरमान निवासी अजमेर है
26 साल के इस इंसानी शैतान ने instagram पे
एक 12-13 साल की लड़की को आजादी के सपने दिखाए और फिर उसे स्कूल के बाद सुनसान जगह मिलने बुलाया...
लड़की आई तो उसे चॉकलेट में नसीला पदार्थ देकर बेहोश किया और कार की डिग्गी में डालकर सूरत से अजमेर ले आया...
जहाँ इसने और इसके दोस्तों ने लड़की के साथ कई दिनों तक दरिंदगी की.....
लेकिन शैतान का अंत सुनिश्चित होता है
और ये भी पकड़ा गया... हालांकि कुछ दिन बाद ये जमानत पर बाहर आ जायेगा और फिर अगला शिकार करेगा
क्यूंकि पकड़े जाने पर इसने बताय कि काफ़िर लड़की से हमबिस्तरी जन्नत का दरवाजा है और इसे जन्नत जाना है...
हिन्दुओं.... कैसे बचाओगे अपनी बच्चियां🖐️
सन 1988 से यह बुजुर्ग न्याय के लिए जिलाधिकारी कार्यालय के चक्कर काट रहा है, सोचिये पिछले 38 सालों में कितने DM आए और गए होंगे लेकिन इस गरीब बुजुर्ग का कोई न्याय नहीं दे पाया।
आपका नाम नितिन गडकरी है।
आप देश के परिवहन मंत्री हैं और आपको एथेनॉल से असीम प्रेम भी है।
20% एथेनॉल से शुरू हुआ “जनहित प्रयोग” अब 100% एथेनॉल तक पहुंच गया है।
जनता पूछ रही है - माइलेज घटेगी तो भरपाई कौन करेगा? इंजन पर असर पड़ेगा तो जिम्मेदारी किसकी होगी? पुराने वाहनों का क्या होगा?
लेकिन खैर , जनता सवाल पूछती रहे , नीति तो वही महान होती है जिसमें नुकसान आम आदमी का और प्रेजेंटेशन मंत्री जी का चमकदार हो।
आपकी सड़कें भी कमाल की हैं।
कागज पर स्पेस टेक्नोलॉजी से बनती हैं, उद्घाटन में वर्ल्ड क्लास दिखती हैं , और बारिश आते ही चार दिन में आत्मनिर्भर होकर हवा हो जाती हैं।
टोल टैक्स पूरा , सड़क अधूरी।
वादा एक्सप्रेसवे का , अनुभव ऑफ-रोडिंग का।
ऊपर से एथेनॉल ऐसा कि गाड़ी भी सोचती होगी मुझे चलाना है या प्रयोगशाला में जमा करना है?
लेकिन कोई बात नहीं।
दुनिया क्या कहती है , उससे मतलब नहीं।
इंसान को खुद की नजर में अच्छा होना चाहिए।
और अगर एथेनॉल , टोल और टूटती सड़कें भी खुश हैं , तो फिर विकास सच में हाईवे पर दौड़ रहा है।