छुआरे के लिए युद्ध
संभल, यूपी में निकाह के बाद छुआरे बा��टे जा रहे थे। कुछ युवकों ने छुआरे के पैकेट लूटने की कोशिश की। लड़की पक्ष ने आपत्ति जताई। विवाद शुरू हुआ। बस फिर क्या...लाठी-डंडे, कुर्सी, बेल्ट, लात-घूंसे चले। भगदड़ मच गई। पुलिस ने पहुंचकर युद्ध काबू में किया।
Gall Bladder stones(पित्ताशय की पथरी) आज के समय में एक आम समस्या है।
आज इस पोस्ट में जानते है इस से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण तथ्य!👇
🟢पित्ताशय एक छोटा, नाशपाती के आकार का अंग है जो पेट के दाईं ओर, यकृत के ठीक नीचे स्थित होता है। यह यकृत से पित्त को संग्रहीत और केंद्रित ��रता है।
🟢शरीर को आंत में वसा को पचाने के लिए पित्त की आवश्यकता होती है। यह पानी और कई अन्य पदार्थों से बना होता है, जिनमें से कुछ पानी में नहीं घुलते हैं। यदि ये पदार्थ आपस में चिपक जाते हैं तो पित्त की पथरी बन जाती है। अधिकांश पित्त की पथरी मुख्य रूप से कोलेस्ट्रॉल से बनी होती है। अन्य, कम आम, प्रकार के पित्त की पथरी को पिगमेंट स्टोन के रूप में जाना जाता है। इनमें कैल्शियम और बिलीरुबिन होते है��, जो एक पीला रंगद्रव्य है जो लाल रक्त कोशिकाओं में हीमोग्लोबिन के टूटने पर बनता है।
🔴Risk Factors(जोखिम कारक)
-महिला होना
-40 वर्ष या उससे अधिक उम्र का होना
-अधिक वजन या मोटापा होना
-सीडेंट्री लाइफस्टाइल होना
-गर्भवती होना
-उच्च वसा वाला आहार खाना
-उच्च कोलेस्ट्रॉल वाला आहार खाना
-कम फाइबर वाला आहार खाना
-पित्त पथरी का पारिवा��िक इतिहास होना
-मधुमेह रोग होना
-कुछ रक्त विकार होना, जैसे सिकल सेल एनीमिया या ल्यूकेमिया
-बहुत जल्दी वजन कम होना
-ऐसी दवाएँ लेना जिनमें एस्ट्रोजन होता है, जैसे मौखिक गर्भनिरोधक या हार्मोन थेरेपी दवाएँ
-यकृत (liver) रोग होना
🔵लक्षण 👇
-पेट दर्द
-उल्टी होना, जी मचलाना
-पेट में गैस बनना, पाचन ख़राब होना
-पीलिया होना इत्यादि सामान्य लक्षण है ।
अगले पोस्ट में इसके Treatment और Complications के बारे में साझा करें���े ।
🔴5 सुपरफूड जो आपको हर्ट अटैक से बचाएंगे I
👉बूढ़ों के साथ-साथ युवाओं में भी हार्ट अटैक के मामले बढ़ रहे हैं। इस महत्वप��र्ण अंग की देखभाल आपकी सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
👉ट्रांस फैट /वसा और कोलेस्ट्रॉल से भरपूर आहार आपको दिल के दौरे दे सकता हैI
👉दूसरी ओर, कम सोडियम, उच्च फाइबर, ओमेगा -3 फैटी एसिड, विटामिन, एंटीऑक्सिडेंट, नट्स और बीज वाला आहार इंफ्लमैशन और ट्राइग्लिसराइड के स्तर को कम करकेहार्ट अटैक रिस्क को काम करता है I
आपके हृदय स्वास्थ्य के लिए 5 सुपर फ़ूड हैं।
1. Avocados /एवोकाडो- इस फल में मोनोसैचुरेटेड वसा होता है जो शरीर से खराब कोलेस्ट्रॉल को हटाता है, जिससे प्लाक/ब्लोक् बनने और उच्च रक्तचाप की संभावना कम हो जाती है। हृदय स्वास्थ्य के अलावा, एवोकाडो कैंसर, गठिया, डिप्रेशन /तनाव और सूजन को रोकने में भी मदद करता है।
2. Seeds / सीड्स -
a)चिया सीड्स
b)हेंप सीड्स ,
c)फ्लेक्स सीड्स
d)पंपकिन सीड्स
e)वॉलनट
इन् सीड्स में फाइबर, एंटीऑक्सिडेंट, और ओमेगा -3 फैटी ��सिड उच्च मात्रा में होते हैं जो हॉट अटैक के रिस्क को कई गुना काम करते हैं I
3.Cinnamon/दालचीनी -यह स्पाइस कोलेस्ट्रॉल और ब्लड ग्लूकोस लेवल को कम करता है I
4.Grapes/अंगूर - अंगूर पोटेशियम का भंडार है जो रक्तचाप को कम करता है I इनमें क्वेरसेटिन और रेस्वेराट्रोल जैसे पॉलीफेनोल्स सहित अद्भुत एंटीऑक्सीडेंट भी होते हैं। जो दिल के दौरे के खतरे क�� काम करता है I अंगूर के बीज के तेल में लिनोलिक एसिड भी होता है जो हृदय संबंधी समस्याओं को रोकता हैI
5.Walnuts/अखरोट - ओमेगा-3 फैटी एसिड, विशेष रूप से अल्फा-लिनोलेनिक एसिड से भरपूर अखरोट का सेवन आपके हृदय मैं हो रहे सूजन को काम करता है तथा ब्लड प्रेशर को भी काम करता है I
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NOTE;यह पोस्ट कार्डियोलॉजिस्ट एम सिंह के विचार विमर्श से बनाया गया है I #Health #heartbeat #HealthIsWealth
हेल्थ अपडेट 🔴
पैरासिटामोल समेत 53 दवाएं क्वालिटी चेक में फेल, CDSCO ने जारी की अलर्ट लिस्ट
केंद्रीय दवा मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) के रिपोर्ट के अनुसार 53 दवाएं क्वालिटी चेक में फेल हो गई हैं,इनमें कुछ ऐसी दवाएं शामिल हैं,जो अमूमन लोग इस्तेमाल करते हैं. जैसे पैरासिटामोल, कैल्शियम और विटामिन डीI( देखिए पूरी लिस्ट 👇)
हालांकि CDSCO ने 48 दावों की लिस्ट जारी की है पांच दवाओं की कंपनियों ने कहा है कि हमारे नाम पर नकली दवाई बनाई जा रही है I
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अगले पोस्ट में मैं बताऊंगा कि कैसे नकली दवाइयां की पहचान कैसे करें
प्रेत बाधा / भूत आना
आपने कई बार ये सुनो होगा कि किसी पर भूत का साया आ गया या किसी व्यक्ति में किसी मृत व्यक्ति की आत्मा आ गई।
कई लोग इससे निजात पाने के लिए बाबाओं के चक्कर काटते रहते हैं
पर क्या सच में ऐसा होता है??
दरअसल ये एक मनोवैज्ञानिक बीमारी है जिसे Dissociative Identity Disorder (DID) कहते हैं। इसे पहले मल्टीपल पर्सनालिटी डिसऑर्डर और Split Personality Disorder कहा जाता था।
इस बीमारी में व्यक्ति के पास दो या अधिक अलग-अलग पहचानें होती हैं।
"डिसोसिएट" का मतलब है अलग या विच्छिन्न होना।
DID से ग्रसित व्यक्ति कई अलग-अलग व्य��्तित्वों का अनुभव कर सकते हैं, जिन्हें आमतौर पर "Alters" कहा जाता है।
प्रत्येक पहचान के पास अलग-अलग व्यवहार, यादें, सोचने के तरीके, या भावनाएं हो सकती हैं। ये पहचान अलग-अलग लिंग, जातीयता और परिवेश के साथ बातचीत करने के तरीके को भी अपना सकते हैं।
ये पहचानें अलग-अलग समय पर व्यक्ति के व्यवहार को नियंत्रित कर सकती हैं। एक पहचान से दूसरी पहचान में यादें स्थानांतरित नहीं होती हैं, जिससे स्मृतिभ्रंश (Amnesia) हो सकता है।
स्मृतिभ्रंश की उपस्थिति अक्सर DID के निदान के लिए महत्वपूर्ण लक्षण मानी जाती है।
DID आपके दैनिक जीवन में कार्य करने की क्षमता में बाधा डालता है। यह आपके संबंधों, स्कूल या कार्यस्थल पर प्रदर्शन को प्रभावित कर सकता है।
ये विकार आपकी वास्तविकता से जुड़ने की क्षमता को प्रभावित करते हैं।
��िसोसिएटिव आइडेंटिटी डिसऑर्डर के प्रकार:
DID के दो प्रकार (या रूप) होते हैं:
1. Possession: इसमें ऐसा होता है जैसे कि कोई बाहरी शक्ति या आत्मा आपके शरीर पर नियंत्रण कर रही हो। आप अलग तरीके से बोल या व्यवहार कर सकते हैं, जिसे दूसरों के लिए समझना आसान होता है। यह एक अवांछित पहचान होती है और व्यक्तित्व का स्विच करना अनैच्छिक होता है।
2. Non-possession:
इसमें मरीज़ अचानक से अपनी पहचान में बदलाव महसूस कर सकते हैं, जैस�� कि आप खुद को एक फिल्म में देख रहे हैं (आउट-ऑफ-बॉडी एक्सपीरियंस) और अपने भाषण, भावनाओं या व्यवहार पर नियंत्रण नहीं कर पा रहे हैं।
DID के लक्षण:
- कम से कम दो पहचानें (व्यक्तित्व अवस्थाएँ) होती हैं, जो आपके व्यवहार, यादों, आत्म-धारणा और सोचने के तरीकों को प्रभावित करती हैं।
- - दैनिक गतिविधियों, व्यक्तिगत जानकारी और आघातपूर्ण घटनाओं के बारे में स्मृतिभ्रंश या यादों में अंतराल होता है।
- अलग-अलग पहचानें आपकी सामाजिक स्थिति या काम, घर या स्कूल में कार्य करने की क्षमता को प्रभावित करती हैं।
DID के साथ पाए जाने वाले अन्य मानसिक स्वास्थ्य लक्षण (जो हमेशा नहीं होते) में शामिल हो सकते हैं:
- चिंता (Anxiety)
- मिथ्या विश्वास (Delusions)
- अवसाद (Depression)
- स्वयं को नुकसान पहुँचाने की प्रवृत्ति (Self-harm)
- नशे की लत (Substance use disorder)
- आत्महत्या के विचार (Suicidal ideation)
DID का उपचार:
इसमें अवसाद और चिंता जैसे लक्षणों को ठीक करने के लिए दवाइयाँ दी जाती है और साथ ही साथ
मनोचिकित्सा (Psychotherapy), व��शेष रूप से Cognitive Behavioral Therapy की मदद ली जाती है।
अगर आप किसी भी ऐसे व्यक्ति को जानते हैं जिसमें ऐसे लक्षण हैं तो आप जल्द से जल्द उन्हें एक मनोचिकित्सक से इलाज कराने की सलाह दें।
🔷डेंगू बुखार - कारण, लक्षण, निदान और इलाज
🔷डेंगू कब जानलेवा होता है ?
🔷प्लेटलेट कैसे बढ़ाएं ?
🔷कब पड़ती है प्लेटलेट चढ़ाने की आवश्यकता ? इन सभी प्रश्नों
के उत्तर हम आज क��� पोस्ट में देखेंगे I
डेंगू किस कारण होता है?
डेंगू वायरस द्वारा होता है ,आम भाषा में इस बीमारी को हड्डी तोड़ बुखार कहा जाता है क्योंकि इसके कारण शरीर व जोड़ों में बहुत दर्द होता हैl
डेंगू फैलता कैसे हैं?
मलेरिया की तरह डेंगू बुखार भी मच्छरों के काटने से फैलता है इन म���्छरों को ‘एडीज मच्छर’(धारीदार मच्छर)कहते हैं l
डेंगू बुखार के लक्षण: लक्षण इस बात पर निर्भर करेंगे कि डेंगू बुखार किस प्रकार का है डेंगू बुखार तीन प्रकार के होते हैंl
1. क्लासिकल (साधारण) डेंगू बुखार
2. डेंगू हमरेजिक बुखार (DHF)
3. डेंगू शॉक सिंड्रोम (DSS)
क्लासिकल (साधारण )डेंगू बुखार एक स्वयं ठीक होने वाली बीमारी है तथा इससे मृत्यु नहीं होती है लेकिन DHF तथा DSS का तुरंत उपचार शुरू नहीं किया तो वह जानल��वा सिद्ध हो सकता हैl
इसलिए यह पहचान अत्यंत महत्वपूर्ण है कि साधारण डेंगू बुखार है या DHF अथवा DSS, नीचे दिए गए लक्षणों से इसे पहचान में सहायता मिल सकती हैl
1 क्लासिकल (साधारण) डेंगू बुखार
-ठंड लगने के साथ अचानक तेज बुखार चढ़ना
-सर मांसपेशियों तथा जोड़ों में दर्द होना
-आंखों के पिछले भाग में दर्द होना
-अत्यधिक कमजोरी भूख में बेहद कमी और जी मचलना
-मुंह का स्वाद खराब होना
-गले में हल्का सा दर्द होना
-��रीर पर लाल rash/ ददोरे
2. डेंगू हेमोरेजिक बुखार DHF
यदि साधारण डेंगू बुखार के साथ-साथ नाक ,मसूढ़ों से खून आना, शौच या उल्टी में खून आना, त्वचा में काले- नीले रंग का चिकत्ते पढ़ने लगे तो DHF होने का शक करना चाहिएl
3. डेंगू शॉक सिंड्रोम DSS
इसमें साधारण बुखार के लक्षण के साथ रोगी होश खोने लगता है, उसकी नाड़ी और ब्लड प्रेशर भी काफी कम हो जाती हैl
डेंगू बुखार के लिए जांच
-डेंगू NS1 एंटीजन टेस्ट
-डेंगू के लिए एंटीबॉडी टेस्ट(IgM.IgG)
-RT-PCR परीक्षण
उपचार
* स्वास्थ्य कर्मचारी की सलाह के अनुसार पेरासिटामोल की गोली
लेकर बुखार को कम रखें
* रोगी को डिस्प्रिन और एस्प्रिन कभी ना दें
* यदि बुखार 102 डिग्री फारेनहाइट से अधिक है तो बुखार को कम
करने के लिए पानी की पट्टी लगाई
* सामान्य रूप से भोजन देना जारी रखें
* हाइड्रेशन: डेंगू बुखार से निपटने के दौरान हाइड्रेटेड रहना
महत्वपूर्ण है।
* डॉक्टर के संपर्क में रहे और यदि DHF, DSS के लक्षण दिखे तो
अस्पताल में भर्ती हो जाए
प्लेटलेट्स बढ़ाने के उपाय
प्लेटलेट को बनने के लिए भरपूर मात्रा में पानी ,प्रोटीन विटामिन B12 विटामिन C,फोलेट (Folate),आयरन (Iron) की आवश्यकता पड़ती है अतः इन सभी तत्व से युक्त फल और सब्जियों का सेवन करें I
*घरेलू उपाए-पपीते के पत्ते का काढ़ा बनाकर पिएं(इसमें एसिटोजेनिन नामक फाइटोकेमिकल पाया जाता है, जो प्लेटलेट की संख्या को तेजी से बढ़ाने में कारगर है ( कं���्रोवर्सिअल - इसके लिए पर्याप्त स्टडी उपलब्ध नहीं है I)
*विटामिन बी-12 - अंडे ,दूध और पनीर
*विटामिन सी C-संतरा, आंवला, नींबू
*फोलेट - मूंगफली, राजमा, संतरे का रस
*आयरन - कद्दू के बीज, मसूर की दाल, मांस और फल
*बुखार को कम रखें
*पानी खूब पिए और
*खूब रेस्ट करें
प्लेटलेट चढ़ाने की आवश्यकता कब पड़ती है?
यह डॉक्टर डिस��इड करते हैं ,परंतु साधारण जानकारी
के लिए
-जब प्लेटलेट 20000 से कम हो जाए
-प्लेटलेट लगातार कम होता जा रहा हो जैसे 50k- 40k -30k
-ब्लीडिंग केलक्षण दिख रहे हो
Note:यह जानकारी जनरल फिजिशियन डॉ अनिल से विचार विमर्श करके दी गई है किसी भी प्रकार की बुखार होने से डॉक्टर से जरूर संपर्क करें यह पोस्ट सिर्फ जानकारी मात्र के लिए हैI
ऐसे ही जानकारी के लिए फॉलो करें
@drvikas1111 और इस ट्वीट को जनहित में रिपोस्ट करेंI
#Health #healthtips #dengue #denguefever
🟢सांप काट ले तो तुरंत करें उसका उपचार, इन गलतियों से बचें,
🟢कैसे पहचाने कि सांप जहरीला है या नहीं ?
🟢इस जानकारी को सेव कर ले और दूसरों तक शेयर करें, बरसात के मौसम में सांप काटने से जाने वाली जान इस सही जानकारी से बचाई जा सकती है I
सांप काटने पर सबसे जरूरी है कि उसके लक्षणों की पहचान कर उसका तुरंत उपचार करना।आजआपको बताएंगे कि यदि सांप काट ले तो क्या करेंऔर क्या ना करें। 👇👇
🟢सांप के ���ाटने पर क्या करें :
1.तुरंत एंबुलेंस को कॉल करें
2.व्यक्ति को सांप से दूर ले जाएं।
3.यदि घाव दिल के नीचे है तो व्यक्ति को लिटा दें।
4.व्यक्ति को शांत और आरामपूर्वक से रखें और जहर को फैलाने के लिए जितना संभव हो सके व्यक्ति को स्थिर रखें।
5.घाव को ढीली और साफ पट्टी से कवर करें।
6.प्रभावित हिस्से से किसी भी गहन��� या टाइट कपड़े को हटा दें।
7.यदि सांप ने पैर पर काटा है तो जूतों को निकाल दें।
9.सांप के काटने के समय का ध्यान रखें।
🟢क्या न करें
1.डॉ द्वारा निर्देशित किए जाने तक व्यक्ति को कोई दवा न दें।
2.यदि सांप के काटने का घाव व्यक्ति के दिल से ऊपर की ओर है
घाव को न काटें
3.जहर को बाहर चूसने का प्रयास न करें
4.घाव पर ठंडे संपीड़न, बर्फका प्रयोग न करें।
5.व्यक्ति को अल्कोहल या कैफीनयुक्त पेय न दें
6.पीड़ित को चलने न दें। उन्हें वाहन से ले कर जाएं।
7. सांप को मारने या पकड़ने का प्रयास न करें। यदि सम्भव हो तो सांप की तस्वीर ले।
8.किसी भी पंप सक्शन डिवाइस का उपयोग न करें।
🟢सांप के काटने के लक्षण क्या हैं?
उल्टी ,शॉक ,अकड़न या कंपकंपी एलर्जी
पलकों का गिरना ,घाव के चारों ओर सूजन, जलन और लाल होना
त्वचा के रंग में बदलाव ,दस्त बुखार पेट दर्द ,सिरदर्द जी मिचलाना
लकवा मारना ,पल्स (नब्ज) तेज होना ,थकान ��ांसपेशियों की कमजोरी ,प्यास लगना, लो BP
🟢कैसे पहचाने कि विषैला है या नहीं ?
भारत में सांपों की 250 प्रजातियां हैं, जिनमें से 4 सबसे अधिक घातक हैं Iकॉमन कोबरा (नाग ) ,सॉ-स्केल्ड वाइपर कॉमन क्रेट और रसेल वाइपर।
1.जहरीले सांप का शीर्ष बहुत विशाल(त्रिकोण)होता है जबकि गैर जहरीले सांप का शीर्ष सामान्य होता हैI (जैसा नीचे फोटो में दिखाया गया है )
2.आमतौर पर 2 दांत के निशान जहरीले सांप के होते हैं और छोटे-छोट��� बहुत सारे निशान गैर जहरीले सांप केI
स्वास्थ संबंधित जानकारी के लिए फॉलो करें
@drvikas1111
पोस्ट को रिट्वीट करें ताकि सही जानकारी से उनकी जान बचाई जा सके I
🟢सांप काटने पर फर्स्ट ऐड -
सांप काटने की जगह को साबुन और पानी से धोना चाहिए ,साथ ही उस पर साफ/स्टाइल कपड़े से ड्रेसिंग कर सकते हैं I
सांप काटने की जगह को ऊपर से बांध हैं सकते हैं परंतु ,ज्यादा जोर से बांधने पर पैर/हाथ की ब्लड सप्लाई रुक जाता है और ��ैर/हाथ काटने की नौबत आ जाती है I #HealthTips #snake
आवश्यक जानकारी :~
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अगर UPI या इंटरनेट बैंकिंग से पेमेंट करते समय आपका पैसा गलती से किसी दूसरे के अकाउंट में चला जाए तो आरबीआई द्वारा जारी गाइडलाइन के अनुसार आप तुरंत टोल फ्री नंबर 18001201740 पर शिकायत दर्ज कराए। आपका पैसा वापस आपके अकाउंट में आ जाएगा।
ध्यान रहे कि यूपीआई और नेट बैंकिंग से गलत खाता नंबर पर पेमेंट हो जाए तो सबसे पहले उपरोक्त नंबर पर इसकी शिकायत दर्ज कारें एवं इसके बाद संबंधित बैंक जाएं और फार्म भरकर इसकी जानकारी दें। अगर बैंक मदद करने से आनाकानी करे या मदद करने से मना करे तो उपरोक्त बैंक के खिलाफ https://t.co/75V16M1xL8 पर शिकायत करें।
विदित हो कि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की गाइडलाइन के अनुसार, ऑनलाइन पेमेंट के दौरान गलती से किसी ग्राहक के खाते की रकम किसी और के पास चली जाती है तो बैंक की जिम्मेदारी है कि वह शिकायत पर गौर करके 48 घंटे के भीतर रिफंड करे। याद रखें हमेशा यूपीआई और नेट बैंकिंग से पेमेंट करने के बाद फोन पर मिलने वाले मैसेज को डिलीट नहीं करें। ��स मैसेज में PPBL नंबर होता है, जिसकी शिकायत के समय जरूरत पड़ती है। गलत ऑनलाइन पेमेंट होने पर बैंक में कॉल कर सारी जानकारी के साथ PPBL नंबर दर्ज करवा कर 3 दिन के अंदर बैंक में जाएं और वहां अपनी लिखित शिकायत दर्ज करें। बैंक को दिए जाने वाला फार्म में ट्रांजेक्शन रेफरेंस नंबर, तारीख, रकम और जिस गलत खाते में पैसे गए उसकी जानकारी अवश्य दें।
साँप अगर काट ले तो क्या बचाव करें
1. मरीज़ को स्थिर करें और सांत्वना दें की 70% फ़ीसदी साँप ज़हरीले नहीं होते
2. साँप को मारने या पकड़ने की कोशिश न करें और ना किसी ओझा या तांत्रिक के पास जाएँ। साँप को वापस काटने की कोशिश तो हरगिज़ ना करें।
3. बेल्ट, आभूषण, घड़ी, अंगूठियां आदि हटा दें क्योंकि काटे गए क्षेत्र में सूजन आ सकती है।
4.पीडि़त के शरीर पर कोई भी कसाव वाली वस्तु न रहने दें।
5.काटे गए स्थान पर ब्लेड व धारीदार वस्तु से न काटे।
6. पीडि़त को जितनी जल्दी हो सके, पास के स्वास्थ्य केंद्र ले जाएं, डॉक्टरी उपचार करवाएं, एंटी वेनम लगवाएं। किसी भी झाड़/फूंक के चक्कर ने समय ना गवाएँ।
#healthandsafety
#HealthAwareness
#Health
सर्प दंश के काफ़ी मामले अगस्त में आते हैं।
सरकार को इन सब चीज़ों पर ध्यान देना चाहिए।
1) सभी स्वास्थ्य केंद्रो (PHC में भी) में Anti Snake Venom की पर्याप्त अनिवार्य उपलब्धता सुनिश्चित करनी चाहिए।
2) सभी प्राइवेट अस्पतालों को भी निर्देश निर्गत करे कि वो अपने इमरजेंसी में अनिवार्य तौर से ASV रखें।
3) राज्य के सभी PHC स्टाफ को सर्प दंश के इलाज कि उपयुक्त ट्रेनिंग दें।
4) लोगों में सर्प दंश से जुड़ी भ्रांतियों को लेकर जागरूकता अभियान चलाए।
@PMOIndia@MoHFW_INDIA@SethSanjayMP@JharkhandCMO
आंखों की एक्सरसाइज/योगा
👉 इससे आपकीआंखों की स्ट्रेस कम होती हैI
👉ब्लड सर्कुलेशन इंप्रूव होती है I
👉आंखों की सारी समस्याओं का प्रतीक बचाव होता है।
👉रोजाना करने से आंखें साफ और चमकदार बनती हैं।
👉इससे स्मृति और एकाग्र���ा भी बढ़ती है।
#Health #HealthTips #eyes
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