यहां भाजपा इलेक्टेड प्रधानमंत्री की यानी जनता के द्वारा निर्वाचित प्रधानमंत्री की बात कर रही है
15 अगस्त 1947 को चुनाव के द्वारा यानी जनता के द्वारा नेहरू प्रधानमंत्री नहीं चुने गए थे बल्कि अंग्रेजों ने अपने वफादार नेहरू को प्रधानमंत्री मनोनीत किया था
नेहरू को अंग्रेजों की वफादारी का इनाम मिला था नेहरू को देश के तोड़ने में मदद करने का ईनाम प्रधानमंत्री पद दिया गया था
Ok, good that you are seeking feedback.
The video in which you pinpointed the vacation spot for Israelis in india was downright stupid. A lot of jews, who are not IDF, travel to India, Himachal.
An open announcement like this, jeopardizes their security.
Do you want an attack like Bondi beach on indian soil?
This is not dissent, this is provocation.
And trust me on this, I am anti-zionists as the next guy and post-Itan war, my views about that land have been even more negative to the extent that I now firmly believe that Israel cannot have a bomb. It's monkey and Ustara thing.
#2 In this video, someone made a comment about how there can be parallels drawn between the IDF in Gaza and the Indian Army in Kashmir. Again rinse-repeated Leftist talking points and with zero shred of evidence.
You really really need to think hard and get feedback from people whom you don't hang out with if these acts even made any sense whatsoever.
Brushing off Leftist stupidity by calling it dissent doesn't always fly.
In 1999, Giridhar Gamang became Odisha's CM but continued as MP.
Then Sonia directed him to vote against Atal Govt.
— A sitting CM voted in Loksabha & helped TOPPLE an elected govt by just ONE vote 🤯
Some political sins never expire.
Thousands of women are willing to show anything that a man wants to see on Instagram in 370 rupees subscription but you want me to take therapy just because I highlighted how women charged of abetment of suicide or filed false cases never lost their Job. Have you tried fair journalism ever Tanushree? Ever met families who lost their sons but the woman didn't face any consequences?
क्योंकि हमारी याददाश्त बहुत कमजोर होती है तो आप लोगों को याद दिला रहा हूं
मनमोहन सरकार ने तय किया था कि गांव में 16 रुपया और शहर में ₹32 कमाने वाला अमीर माना जाएगा
और उसे कोई भी सरकारी सहायता नहीं मिलेगी कोई सब्सिडी नहीं मिलेगी कोई राशन नहीं मिलेगा
इस पर जब देश में बवाल मचा तब कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता और सांसद राज बब्बर ने कहा कि ₹32 रुपए तो बहुत ज्यादा है आप ₹20 में मुंबई जैसे शहर में गुजारा कर सकते हैं मुंबई में ₹12 में भरपेट खाना मिलता है
और कांग्रेस के दूसरे राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉक्टर रशीद मसूद तो 100 कदम आगे बढ़कर बोले की रोज ₹10 कमाने वाला भी अमीर है क्योंकि यहां दिल्ली में तो ₹5 में भरपेट खाना मिलता है
और कांग्रेस ने यह बात 2014 में बोली थी
गरीब आदमी की मजदूरी मारने में लोगों को बड़ा आनंद आता हैं !
तस्वीर में दिख रहे दोनों शख्स दिल्ली से कैब बुक करके उत्तराखंड घूमने गए थे ,
जब उत्तराखंड घूम के वापस आने लगे तो कैब वाले ने पैसे की बात की तो कहने लगे कि बस आने जाने की देंगे , घुमाने और रुकने के नहीं देंगे !
जब ड्राइबर बोला कि क्यों नहीं दोगे तो बोलने लगे कि तुम्हारा बिहेवियर सही नहीं हैं !
गुस्से में आकर ड्राइवर ने इनको बीच रस्ते में ही उतार दिया और वीडियो बनाकर सभी टैक्सी वालों से अनुरोध किया कि इनको कोई टैक्सी वाला दिल्ली न ले जायें !
'...Yesterday she wore sindoor for me. Today Islamists force her to wear a hijab for another man...'
- Husband of Pak Hindu married woman Gauri who was abducted & converted to Islam for Nikah sl@very
पिछले 2 दिनों से जिस मामले में व्यस्त था आज अभी जाकर कम्प्लीट हुआ है।
मार पीट सब हुआ है मुझे भी लगी है,लेकिन मामला साल्व कर दिया है।
पेट मे ज्यादा लगी है कल जाकर अल्ट्रासाउंड करवाऊंगा।
लेकिन ये टास्क बहुत खतरनाक था,मुश्लिमो के गढ़ से हिन्दू लड़की लाना।
Uff
आप सबका धन्यवाद जय श्री राम
An empty DTC bus at 9 PM. Not because there are no passengers—hundreds were waiting at bus stops along the route. The driver simply wouldn't stop. Route 356STL Dwarka Cluster Depot 22 buses are notorious for this.
The only reason I managed to board was because, as I saw the driver not slowing down at my stop, so I pulled out my phone and started recording with flash. The driver immediately stopped.
For many Delhi residents, these are the everyday hurdles involved in something as basic as boarding a public bus, especially the old orange ones. Operator contracts need stricter infractions clauses for not stopping.
उत्तरप्रदेश के अंबेडकर नगर में एक मुस्लिम परिवार ने पहले तो मंदिर के पास रखा कूडेदान तोड़ा फिर मंदिर परिसर में फैंकने लगे कूड़ा।
एक हिंदू युवक ने जब विरोध किया तो तलवारें निकालकर पहुंच गये मंदिर को कहने लगे ये मस्जिद की जमीन है।
फिर कहते हैं मुस्लिमों पर अत्यचार होता है।🤬🤬
वाह दलाल महोदय
मतलब चुनाव आयोग और बीजेपी ने मीनाक्षी नटराजन से कहा था कि तुम्हारे ऊपर जो तेलंगाना में केस दर्ज है उसकी जानकारी अपने एफिडेविट में मत देना
गजब की दलाली करते हो यार
पेटीएम चेक कर लेना कांग्रेस के दफ्तर से पेमेंट आ गई होगी
@ajitanjum वाह दलाल महोदय
मतलब चुनाव आयोग और बीजेपी ने मीनाक्षी नटराजन से कहा था कि तुम्हारे ऊपर जो तेलंगाना में केस दर्ज है उसकी जानकारी अपने एफिडेविट में मत देना
गजब की दलाली करते हो यार
पेटीएम चेक कर लेना कांग्रेस के दफ्तर से पेमेंट आ गई होगी
@one_by_two Nehru agreed to the partition that wiped out the Sindhi community in Pakistan.
As a Sindhi, I hope you know and remember him for this genocide every single second of your existence.
BJP trapped Congress brilliantly in MP.
Congress was assured of one Rajya Sabha seat, yet BJP fielded three candidates. When asked how, MP CM Mohan Yadav confidently said, "All three BJP candidates will win."
Congress panicked, shifted its MLAs to Karnataka to prevent cross-voting, and still ended up losing the seat without a vote after its candidate Minakshi Natrajan's nomination was cancelled because of a criminal case against her..😹😹
जयंती नटराजन ने राज्यसभा उम्मीदवारी का फॉर्म और एफिडेविट भरा
किसी को नहीं पता कि उन्होंने अपने फार्म और एफिडेविट में क्या-क्या लिखा है
फिर कांग्रेस का एक नेता जिसको टिकट नहीं मिला था उसने यह बात कैलाश विजयवर्गीय को बता दिया की जयंती नटराजन ने अपने एफिडेविट में तेलंगाना में दर्ज अपने क्रिमिनल केस के बारे में नहीं बताया है
उसके बाद से बीजेपी के लोग निर्वाचन अधिकारी के पास गए तेलंगाना से दर्ज मामले का पूरा ब्यौरा मंगा लिया गया और फिर जब निर्वाचन अधिकारी ने जयंती नटराजन के एफिडेविट को चेक किया तब पता चला कि उन्होंने सच में अपने ऊपर तेलंगाना में दर्ज क्रिमिनल केस को नहीं बताया है
उसके बाद उनका नामांकन रद्द कर दिया गया
अब इस पर कांग्रेसी नेता छाती कूट रहे हैं कि हाय रे मोदी जी ने हमारा नामांकन रद्द करवा दिया
अब ऐसे मूर्ख कांग्रेसियों को क्या कहा जाए
Congress Rajya Sabha candidate Meenakshi Natarajan’s nomination was rejected for hiding a criminal case in her nomination papers.
BJP wins all 3 Rajya Sabha seats from Madhya Pradesh.
168 घंटे ..🎯
वो 3 भविष्यवाणियाँ और एक 'मास्टरस्ट्रोक' जिसने दिल्ली से लेकर बंगाल तक भूचाल ला दिया .. (पूरा पढ़े बिना रह नहीं पाएंगे)
कहते हैं कि राजनीति की बिसात पर जब मोहरें खुद को वज़ीर समझने लगें, तो समझ लेना चाहिए कि शह और मात का असली खेल बस शुरू ही होने वाला है ..
अभी सात दिन भी नहीं बीते थे .. दिल्ली के बंद कमरों से लेकर टीवी स्टूडियोज के चमचमाते कैमरों तक, एक ही शोर था: "यह सरकार बैसाखियों पर है .. एक साल में मोदी सरकार गिर जाएगी, मोदी जी को इस्तीफा देकर भागना पड़ेगा!"
दावे बड़े थे, छातियां चौड़ी थीं और स्क्रिप्ट पूरी तरह तैयार थी .. लेकिन फिर .. कालचक्र घूमा .. सिर्फ 168 घंटों के भीतर परदे के पीछे कुछ ऐसा हुआ कि जो लोग दूसरों के घर गिराने के सपने देख रहे थे, आज उनके खुद के आशियाने पर अपनों ने ही बुलडोजर चला दिया है!
आइए खोलते हैं इस महा-थ्रिलर के वो पन्ने, जो आपको हैरान कर देंगे ..
कहानी की शुरुआत होती है, तथाकथित 'मजबूत' विपक्षी गठबंधन (INDI Alliance) की उस हाई-प्रोफाइल बैठक से, जहाँ सरकार को गिराने का अंतिम ब्लूप्रिंट तैयार होना था .. मेज सजी थी, पानी के गिलास रखे थे, लेकिन जब नजरें घूमीं तो सन्नाटा पसर गया ..
DMK .. गायब!
आम आदमी पार्टी (AAP) .. गायब!
शिवसेना (UBT) .. गायब!
सस्पेंस तब गहरा गया जब केवल बैठक से दूरी ही नहीं बनी, बल्कि #DMK और #AapParty ने गठबंधन से अपने रास्ते अलग करने की औपचारिक घोषणा कर दी ..
ऋग्वेद का 'संगठन सूक्त' कहता है: "समानं मनः सह चित्तमेषाम्" (अर्थात जब तक मन और उद्देश्य एक न हों, संगठन टिक नहीं सकता) .. यहाँ उद्देश्य देश-निर्माण नहीं, सिर्फ एक व्यक्ति का विरोध था ..नतीजा ..? ताश के पत्तों की तरह बिखर गया वो कुनबा ..
लेकिन असली 'क्लाइमेक्स' अभी बाकी था ..
जब विपक्ष दिल्ली में बिखर रहा था, तब पश्चिम बंगाल के सियासी गलियारों में एक खामोश बवंडर उठ रहा था .. ममता बनर्जी के सबसे मजबूत किले (TMC) के भीतर एक ऐसी पटकथा लिखी जा चुकी थी, जिसकी भनक चाणक्य नीति के धुरंधरों को भी नहीं लगी ..
#TMC के 29 सांसदों में से 20 से ज्यादा सांसदों ने एक साथ, एक ही वक्त पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को एक गोपनीय पत्र सौंप दिया .. पत्र में जो लिखा था, उसने विपक्ष के पैरों के नीचे से जमीन खिसका दी .. उन सांसदों ने खुलेआम एनडीए (NDA) और मोदी सरकार को बिना शर्त समर्थन देने का ऐलान कर दिया ..🤝
यह राजनीति का वो 'विभीषण प्रसंग' था, जहाँ जब नेतृत्व केवल अपनी जिद और अहंकार में डूब जाता है, तो उसके अपने ही लोग राष्ट्र की स्थिरता के लिए पाला बदल लेते हैं ..
जो लोग एक हफ्ते पहले तक सरकार गिरने की तारीखें दे रहे थे, वे अब कैलकुलेटर लेकर बैठे हैं ..
1. पहले का आंकड़ा: NDA के पास 293 सीटें थीं (जो बहुमत से पार थीं) ..
2. TMC के झटके के बाद: यह संख्या बढ़कर 313 हो गई! यानी सरकार अब पहले से कहीं ज्यादा वज्र जैसी मजबूत हो चुकी है ..
3. अगला सस्पेंस: कयासों का बाजार गर्म है कि यदि DMK के 22 सांसद भी इसी हवा के रुख को भांपते हुए (जिसकी पूरी संभावना है) समर्थन दे देते हैं, तो यह आंकड़ा 335 पार कर जाएगा ..
यह महाभारत के उस दृश्य जैसा है, जहाँ कौरवों के पास 11 अक्षौहिणी सेना का 'घमंड' तो था, लेकिन पांडवों के पास श्रीकृष्ण की नीति और अर्जुन का अटूट संकल्प था .. जीत अंततः 'धर्म' और 'स्थिरता' की ही होती है ..
इस पूरे ड्रामे के केंद्र में जो व्यक्ति बैठा है, वह शांत है .. भगवद्गीता में भगवान श्रीकृष्ण ने कहा है ..
"दुःखेष्वनुद्विग्नमनाः सुखेषु विगतस्पृहः" (जो परिस्थितियों से विचलित न हो, वही स्थिर बुद्धि है) ..
जब विरोधी रोज़ सुबह उठकर पतन की भविष्यवाणियाँ कर रहे थे, अपशब्द कह रहे थे, तब वह कर्मयोगी चुपचाप अपनी नीति पर काम कर रहा था .. आज नतीजा सबके सामने है .. जो सिर्फ भौंक सकते हैं, वे आज भी सिर्फ शोर मचा रहे हैं; और जो राज करने के लिए पैदा हुआ है, उसका राज और मजबूती से चल रहा है ..
साफ संदेश है: जो मोदी सरकार को गिराने निकले थे, आज उनके खुद के घरवालों ने उनके मंसूबों पर बुलडोजर चला दिया है .. मोदी जी अजेय हैं, क्योंकि उनके पीछे सनातन का आशीर्वाद और देश की जनता का अटूट विश्वास है ..😍
नमो नमः! 🙏🚩
क्या आप भी इस राजनीतिक उलटफेर से हैरान हैं ..? अपनी राय कमेंट में बताएं और इस पोस्ट को शेयर करें ताकि सच हर आंख तक पहुंचे ..
This is the condition of the Punjab mansion of Hindu businessman Todar Mal who paid 7,800 gold coins and bought 4 yards of land from the Mughal emperor Aurangzeb to bury the bodies of the 2 young sons and mother of Guru Gobind Singh on December 13, 1705.
The Mughal faujdar Wazir Khan had ordered the two young children be bricked alive as they refused to accept Islam. When they died, their grandmother died of shock
The Mughals did not want to allow the cremation to humiliate the martyrs. They stipulated that the buyer can take only as much space as he could cover with give gold coins for the land. All the Sikh chiefs just stood helplessly
That's when Todar Mal produced the coins and bought the piece of land, and cremated the three bodies.
This is biggest irony of life, India is only country where its true heritage is hidden from next generation and falsehood Is taught.
वक्फ संपत्ति पर मद्रास हाई कोर्ट का बड़ा फैसला कहा
"हर कब्र और मजार, दरगाह वक्फ बोर्ड की संपत्ति नहीं हो सकती।" मद्रास हाई कोर्ट ने कहा कि केवल किसी स्थान पर दरगाह होने भर से उस जमीन पर वक्फ बोर्ड का अधिकार स्थापित नहीं हो जाता। वक्फ संपत्ति का दावा करने के लिए सर्वेक्षण, अधिसूचना, पंजीकरण और वैध दस्तावेज आवश्यक हैं।
ट्रिप्लिकेन (थिरुवल्लिकेनी) चेन्नई (तमिलनाडु) के सबसे पुराने और ऐतिहासिक मोहल्लों में से एक 240 साल पुरानी दरगाह से जुड़े मामले में कोर्ट ने वक्फ बोर्ड का दावा खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि कानूनन स्वामित्व साबित किए बिना किसी भूमि पर अधिकार नहीं जताया जा सकता। कोर्ट ने साफ और स्पष्ट संदेश दिया है कि धार्मिक पहचान से नहीं, बल्कि कानूनी प्रमाण ही संपत्ति के अधिकार का आधार होंगे।
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