अशोक कुमार पांडे जी ने मोहन भागवत के झूठ की धज्जियाँ उड़ा दी हैं. सच में सवाल उठता है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का प्रमुख भारत के लिए इतना महत्वपूर्ण कब और कैसे बना दिया गया?
झूठ और अफ़वाहों पर खड़ा यह RSS तंत्र देश को बाँटता है. और तिरंगे को दिल से राष्ट्रध्वज न मानने वाले और आरम्भ में तो तिरंगे के तीन रंगों को ‘अशुभ’ बताने वाले ये लोग आज देशभक्ति का पाठ किसे पढ़ाते हैं!!
इस झूठ पर सवार होकर ‘स्वर्ग’ तो नहीं ही जा सकते ऐसे लोग.
अरुणांचल के इस GEN Z को सुनें इस सरकार के नाकारेपन का पता चल जाएगा। सांसद पवन खेड़ा जी @Pawankhera लिखते हैं यह दुखद है कि अरुणाचल प्रदेश में चीन के अतिक्रमण को लेकर सरकार की चुप्पी और निष्क्रियता से यह युवक इतना निराश हो गया है कि उसने अपनी किस्मत को स्वीकार कर लिया है और भारत को अलविदा संदेश भेज दिया है।
सरकार इस पर क्या प्रतिक्रिया देगी?
▪️क्या वह अरुणाचल प्रदेश में चीनी अतिक्रमण से इनकार करेगी?
▪️क्या वह मेटा को फोन करके इस और ऐसे अन्य संदेशों को दबाएगी?
▪️क्या वह इस युवक को ढूंढकर उसका पीछा करेगी, उसे परेशान करेगी और उससे माफी मंगवाएगी - ताकि प्रधानमंत्री आधी रात को एक वीडियो बनाकर उसे "माफ़" कर सकें?
सच तो यह है कि एक देश के रूप में हम एक गंभीर खतरे का सामना कर रहे हैं। और यह सरकार इसका समाधान नहीं कर सकती क्योंकि वह इसे स्वीकार करने से भी इनकार करती है। क्योंकि ऐसा करने से उसकी अपनी अक्षमता और झूठ जगजाहिर हो जाएगी।
"जिंदगी की परीक्षा में सब कुछ आउट ऑफ सिलेबस होत��� है " @narendramodi जी
बिल्कुल सही मोदी जी
जिंदगी की परीक्षा में 👇
👉तानाशाह होता है
👉अमित शाह होता है
👉प्रधान होता है
👉ज्ञानेश कुमार होता
👉नितिन गडकरी होता
👉निर्मला सीतारमन होती है
👉हरदीप पूरी होता है
👉योगी आदित्यनाथ होता है
👉मोहन भागवत होता है
👉अदानी होता है
👉अंबानी होता है
👉गोदी मीडिया होता है
और इनसे से भी ऊपर
ट्रंप और एपस्टीन होता ....... 🙏
रुचिका सिंह ने Narendra Modi के बारे में अपनी राय दी है, जो आलोचना से ऊपर नहीं है। इसमें ग़लत क्या है?
अगर अपनी राय रखने पर FIR होती है, तो बोलने की आज़ादी पर गंभीर सवाल है।
आप किसी एक व्यक्ति को टारगेट कर सकते है।
आप उन लाखों लोगों को चुप नहीं करा सकते जो ऐसा ही सोचते है। 🔥
जो बात बड़े बड़े दिग्गज न समझा सके, उसे बड़ी आसान भाषा मे�� Gen-Z की इस लड़की ने समझा दी !
लोग Gen-Z को रील बनाने वाली बोलते हैं, लेकिन इस विडियो को देखकर आपको पता चलेगा इनके दिमाग का कोई तोड़ ही नही है !
यह है जगी हुई, सोचनेवाली, देश-दुनिया के बारे में सटीक अंतर्दृष्टि रखने वाली, लोकतंत्र और तानाशाही के फ़र्क़ को समझने वाली Gen-Z का एक नमूना।
शाबाश बहन💐
पत्रकार — Sonam Wangchuk ने अपना अनशन खत्म कर दिया है। अब आगे क्या?
छात्र — “अब इससे कोई फ़र्क नहीं पड़ता, हम उनके या CJP के लिए यहाँ नहीं हैं। हम शिक्षा के लिए यहाँ हैं।
और जब तक शिक्षा मंत्री इस्तीफ़ा नहीं देते, हम विरोध जारी रखेंगे।” 🔥
इलाहाबादी सब बहुत गुस्साए हैं भाई। कुछ दिनों पहले तक किसी ने कल्पना नहीं की थी कि वहां पर मोदी से इस्तीफा मांगा जाएगा, मगर मांगा जा रहा है। तेज आवाज में चोर चोर कहा जा रहा है।
आप जुमलों की क्रोनोलॉजी पर गौर फरमाएं
2024 में ही सख्त कार्रवाई हो चुकी है।
संसद में एक सख्त कानून भी बन चुका है।
नतीजा क्या हुआ? सिर्फ इसी जून में आधा दर्जन से ज्यादा पेपर में गड़बड़ी हुई।
असल मसला क्षमता और योग्यता का है। यह साबित हो चुका है कि यह सरकार सामान्य प्रशासन में भी फेल हो चुकी है।
कल रात जो घटनाएं घटी हैँ, वो बताती हैँ बीजेपी सारे खेल को तरीके से खेल रही है.
रात को 12 बजे सोनम का अनशन बीजेपी द्वारा तुड़वाना, मोदी का उसी वक़्त वीडियो बनाकर डालना, ये महज संयोग नहीं है.
6 जून को अभिजीत दीपके भारत आकर प्रदर्शन करता है.. 2000 लोग भी नहीं आते
20 दिन तक हाथ पैर मारने के ��ाद सोनम वांग��ुक
भूख हड़ताल पर बैठते हैँ
20 दिन की भूख हड़ताल देश दुनिया में खलबली मचा देती है, लोग समर्थन करते हैँ
मांग एक ही होती है, शिक्षा मन्त्री का इस्तीफा.
मगर 60 हज़ार छात्रों के जंतर मंतर पर आकर प्रदर्शन करने, लाठिया खाने से, रोने चीखने से फर्क नहीं पडा, लेकिन छात्रों के वहां बैठने से माहौल बनता जा रहा था.
किसान भी वहां पहुंच रहें थे, बेइज्जती हों रही थीं सो अलग. तो उस पूरे सिस्टम को फ्लॉप करने के लिए ये चाल चली गयी है.
क्या अब इस्तीफा हों गया? कहाँ गयी दोनों आदमियों की भूख हड़ताल? बीजेपी मन्त्री जाकर अनशन तुड़वाये हैँ समझ लीजिये इसका मतलब.
ये भूख हड़ताल नहीं थीं, इमेज चमकाऊ अभियान ज्यादा था.. चलो भाई सब अपने अपने घरों को 😊
आज सीनियर पॉलिटिकल एनालिस्ट एस विक्रम का सुबह फोन आया उन्होंने चौंकाने वाली लेकिन सटीक बात बताई।
उनका कहना था कि दरअसल भाजपा सरकार का पाला इस बार उस वर्ग से पड़ा है जो उसके ��ैरेटिव में कभी शामिल था ही नहीं। उसे पता ही नहीं कि हिन्दू मुस्लमान क्या है।
वह नहीं जानता भारत पाकिस्तान क्या है। वह टीवी चैनलों के एंकरों को नहीं जानता वह खबरें नहीं देखता। उसके पास क्रिएटिविटी सर्वाधिक है।
वह भाजपा के च्युतियापने से भरे आईटी सेल को बहुत पीछे छोड़ चुका है। वह इंस्टाग्राम की ताकत को समझने बुझने वाला है।
मैंने कहा यह बात शत प्रतिशत सच है। जो यूथ इस आंदोलन में शामिल है वह बीजेपी की नफरती राजनीति से वास्ता नहीं रखता। शायद यही वजह है कि बीजेपी यहां फेल हो गई।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज एक और रिकॉर्ड बनाया है
भारत के इतिहास मे ऐसा करने वाले वो पहले प्रधानमंत्री बने है,
लेकिन मुझे हैरानी है कि मिडिया ने अब तक इसे ऐतिहासिक दिन क्यों घोषित नहीं किया है
कल नरेंद्र मोदी ने सोशल मिडिया पर NEET पेपर लीक पर एक वीडियो प���स्ट किया था
इंस्टाग्राम पर उस वीडियो पर लगभग साढ़े 3 लाख कमेंट थे
X पर उस वीडियो पर लगभग 30 हज़ार कमेंट आये थे
आपको जानकर हैरानी होंगी इंस्टाग्राम पर 99% और X पर 98% लोगो ने पीएम मोदी को कमेंट्स मे गालिया दी है, मज़ाक बनाया है
इतिहास गवाह है भारत के किसी प्रधानमंत्री को एक ही दिन मे 2 अलग अलग सोशल मिडिया प्लेटफार्म पर कभी इतनी गालिया नहीं पड़ी है
इसके लिए बधाई तो बनती है...