🌹ॐ नमो भगवते वासुदेवाय नमः।🌹
कायेन वाचा मनसेन्द्रियैर्वा बुद्ध्यात्मना वा प्रकृतेः स्वभावात्।
करोमि यद्यत्सकल परस्मै नारायणायेति समर्पयामि॥
अपने दिनभर के हर कर्म को ईश्वर को समर्पित कर जीवन में सकारात्मकता और परम शांति का अनुभव करें। 🔱🌺
भाई, नचनिया-गवैया के खानदान से किसी को चुनकर लाओगे, तो यही हाल होगा। यूक्रेन की बर्बादी का भी यही कारण था। बस, भारत देश को बख्श देना। यहाँ के Gen Z से यही अपील है...
गुलाबी, पीली, हरी T-shirt पहनने और किसी लड़की से गालों पर किस करवा लेने से देश नहीं चलता, भाई...
कोविड काल में सही प्रबंधन करना, वैश्विक आपदा के बाद भी पेट्रोल, डीजल और गैस उचित दरों पर उपलब्ध कराना, देशभर में बम विस्फोट ���ी घटनाओं में 95% से अधिक की कमी लाना, ये सब ऐसी बातें हैं जो किसी हसीनाओं के चहेते के बस की बात नहीं हैं...
कमियाँ हर शासक में होती हैं, लेकिन जंगल का राज किसी गीदड़ को सौंप देने से कमियाँ खत्म नहीं होतीं। उल्टा, सौ नई समस्याएँ और बढ़ जाती हैं।
नेपाल की बर्बादी का किस्सा वहाँ के Gen Z लिख चुके हैं। अब भारत के Gen Z से बस इतनी अपील है कि देश के भविष्य के साथ प्रयोग मत करना।
🌹जो शिव का हो जाता है,
उसे किसी और सहारे की ज़रूरत नहीं रहती।🌹
🌹महादेव की कृपा से हर संकट दूर हो और जीवन सुख, शांति व सफलता से भर जाए।🌹
���र हर महादेव 🚩 🙏🏻
🌹��� ॐ नमो भगवते वासुदेवाय 🌸🌹
हरि नाम के स्मरण से मन को शांति और जीवन को नई ऊर्जा मिलती है।
भगवान विष्णु की कृपा से आपके जीवन में प्रेम, सुख और मंगल का वास हो। 🙏
🙏🏼🪷 जय श्री हरि विष्णु 🪷🙏🏼
चीनी पर ₹20 क्या बढ़े, लोग घबरा गये! देशहित में ₹20 इतने बड़े हो गये कि मोदी जी का साथ छोड़ने की धमकी देने लगे। मित्रों, 2047 का लक्ष्य याद रखिये—तब तक साथ निभाना ही पड़ेगा।
₹500 का पिज़्ज़ा बच्चों को खिला देंगे, ₹150 का क्वार्टर हल्दीराम भुजिया के साथ पी लेंगे, ₹25 का विमल पान मसाला भी ख��� लेंगे, पंद्रह की छोटी एडवांस भी फूंक लेंगे लेकिन ₹20 महंगी चीनी नहीं खरीद सकते! शेर पालना महंगा तो पड़ता ही है, महंगे शौक जिगर वालों के होते हैं।
सौ-पचास रुपये के लिए मोदी जी का साथ नहीं छोड़ना है। 2047 ज़ेहन में उतार लो।
याद रखो दोस्तों—
कट जाओगे, मिट जाओगे, हो जाएगा अंत,
फिर न मिलेगा इस भारत को मोदी ज��सा संत।🙏🙏
आदरणीय गृह मंत्री श्री @AmitShah जी का CWC के देशविरोधी फैसले पर सीधा और करारा प्रहार!
1937 में भी इसी मुस्लिम तुष्टिकरण के लिए कांग्रेस ने ‘वंदे मातरम’ के टुकड़े करके देश के विभाजन की नींव रखी थी।
आज राहुल गांधी के नेतृत्व में वही कांग्रेस फिर से संसद के कानून और राष्ट्रगीत को नकार कर लाखों बलिदानियों और बंकिम बाबू का घोर अपमान कर रही है।
वोटबैंक के लालच में देश को फिर से बांटने की यह तुष्टिकरण वाली राजनीति अब भारत बर्दाश्त नहीं करेगा!
कल कांग्रेस पार्टी की कार्यसमिति ने एक आश्चर्यजनक और देशविरोधी फैसला लिया है। उन्होंने अपनी पार्टी के 1937 के Resolution को फॉलो करते हुए महान वंदे मातरम् गीत के दो ही छंद गाने का फैसला लिया है।
मैं पूरे देश को याद दिलाना चाहता हूं, 1937 में कांग्रेस पार्टी ने मुस्लिम तुष्टिकरण के लिए वंदे मातरम् के दो टुकड़े कर देश के विभाजन की नींव डाली थी और वहीं से द्वि-राष्ट्र सिद्धांत को ताकत मिली थी। अंततोगत्वा देश का विभाजन हुआ और पाकिस्तान का जन्म हुआ।
आज जब उस ऐतिहासिक गलती को वंदे मातरम् गीत के प्राकट्य के 150वें साल में सुधार कर बंकिम बाबू की इस अमर कृति को पू���ा गीत गाकर राष्ट्रीय एकात्मता को सुदृढ़ करने का ��्रयास किया गया है, और सभी सरकारी कार्यक्रमों में इसे पूर्ण रूप से गाने का निर्णय किया गया है और इस निर्णय को कानूनी जामा भी पहनाया गया है।
इसी की अवहेलना करने का निर्णय कांग्रेस ने कल किया है। कांग्रेस का यह निर्णय केवल और केवल इनकी घोर तुष्टिकरण की नीति की पुष्टि करता है। वोट बैंक के लिए इन्होंने न सिर्फ बंकिम बाबू की इस अमर कृति का अपमान किया, बल्कि उन लाखों शहीदों का भी अपमान किया, जो वंदे ��ातरम् का नारा लगाते हुए देश की आजादी के लिए फांसी पर चढ़ गए।
आज कांग्रेस पार्टी 1937 के अपनी पार्टी के Resolution को मान रही है और पार्लियामेंट के एक्ट को नकार रही है। राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी फिर एक बार तुष्टिकरण की राजनीति को पुरजोर तरीके से आगे बढ़ा रही है।
गृहमंत्री श्री @AmitShah
ओमर अब्दुल्ला का राहुल गांधी पर करारा तंज!
“मेरी आदत नहीं कि मैं अपने देश की शिकायत किसी दूसरे देश के राजदूत से करूँ।”
बिना नाम लिए बहुत कुछ कह गए उमर साहब। कुछ नेताओं को यह बात जरूर सुननी चाहिए।
वन्दे मातरम् का अपमान, यही है कांग्रेस की पहचान।
2026 में पारित कानून के सामने कांग्रेस 1937 की अपनी विभाजनकारी सोच और नीतियों को लेकर संविधान और संसद का अपमान कर रही है।
'संविधान' की प्रति लेकर देशवासियों को गुमराह करने वाली कांग्रेसी पार्टी की यही असली सच्चाई है।
गृहमंत्री श्री अमित शाह जी ने कहा वन्दे मातरम् पर कांग्रेस का रवैया उसके पुराने तुष्टिकरण की राजनीति की याद दिलाता है, जिसने 1937 में देश के विभाजन की नींव रखी।
वन्दे मातरम् किसी दल की जागीर नहीं, यह भारत की स्वतंत्रता, बलिदान और राष्ट्रभावना का प्रतीक है।
�� कांग्रेस संविधान से ऊपर है, न संसद से और न राष्ट्र से।
वन्दे मातरम् 🇮🇳