मेरी देश के लोगों की तरफ से सरकार से 3 मांगें हैं..
1) पेट्रोल पंप पर E20 और प्योर पेट्रोल का ऑप्शन होना चाहिए
2) प्योर पेट्रोल से E20 सस्ता होना चाहिए
3) पेट्रोल का दाम 84 रुपए/लीटर से कम होना चाहिए
मोदी जी, अपने "फ्रैंड" को एक मंत्रालय से हटाकर दूसरे में बैठाकर बचाने की आपकी साज़िश देश के छात्रों और भारत की जनता को मंज़ूर नहीं।
धर्मेंद्र प्रधान भ्रष्टाचार और देश की education system की बर्बादी के चिन्ह और अनेक छात्रों की मौतों के ज़िम्मेदार हैं।
उन्हें अब किसी और की ज़िंदगी उजाड़ने नहीं देंगे। धर्मेंद्र प्रधान को कैबिनेट से जाना ही पड़ेगा - ये non-negotiable demand है।
मेट्रो बंद करो।
रास्ते बंद करो।
दुकानें बंद करो।
Internet बंद करो।
खाना बंद करो।
अपना हक़ मांग रहे छात्रों के ख़िलाफ़ सरकार ने ये क्रूर कदम उठाए।
बस एक चीज़ बंद नहीं कर पाए, मोदी जी - पेपर लीक।
मोदी जी, अहंकार छोड़िए।
छात्रों की गूंज सुनिए, उनकी 3 मांगें पूरी कीजिए।
- नाकाम शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से तत्काल इस्तीफा लीजिए।
- छात्रों पर बर्बरता करने वाले गुनहगारों की जवाबदेही तय कीजिए।
- छात्रों के साथ हुए हर अन्याय के लिए उनसे माफ़ी मांगिए।
मैं, कांग्रेस पार्टी और पूरा विपक्ष छात्रों और उनकी इन मांगों के साथ मजबूती से खड़े हैं।
BJP-RSS के लोग बिना बैज के पुलिस के बीच काम करते हैं। ये लोग अप्रत्यक्ष रूप से छात्रों और कांग्रेस नेताओं को डराने-धमकाने का काम कर रहे हैं।
छात्रों के साथ अगर ये सरकार हमारे वरिष्ठ नेताओं को कुचलने की कोशिश करेगी तो देश में लाखों लोग खड़े होंगे, फिर ये नियंत्रित नहीं कर पाएंगे।
फिर ये सरकार पछताएगी कि उन्होंने राहुल गांधी जी, प्रियंका गांधी जी और बाक़ी नेताओं के साथ ऐसा क्यों किया।
मगर हम डरेंगे नहीं, हम लड़ते रहेंगे। कांग्रेस पार्टी और INDIA गठबंधन के लोग लड़ाई जारी रखेंगे।
छात्रों की माँग को लेकर धरने पर बैठे राहुल गांधी जी, सांसदों और विपक्ष के नेताओं को जिस प्रकार से प्रधानमंत्री आवास के सामने से गिरफ्तार किया गया है, उसकी मैं कड़े शब्दों में निंदा करता हूँ।
छात्रों और युवाओं के कदम अब पीछे हटने वाले नहीं हैं। पिछले एक महीने से लाखों छात्र और युवा NEET परीक्षा में हुई अनियमितताओं और पेपर लीक के खिलाफ न्याय की मांग कर रहे हैं। उनकी पहली और सबसे बड़ी मांग थी कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें। लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण है कि सरकार छात्रों और युवाओं की आवाज़ सुनने के बजाय उनकी आवाज़ दबाने और दमनकारी रवैया अपनाने में लगी हुई है।
पेपर लीक का मुद्दा घर-घर की चर्चा बन चुका है। पूरा देश चाहता है कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों पर जवाबदेही तय हो, सख्त कार्रवाई हो और दोषियों को कठोर सज़ा मिले। लेकिन इस भावना के ठीक विपरीत प्रधानमंत्री मोदी और सरकार अपने मंत्री को बचाने में लगी हुई है।
छात्रों और युवाओं के साथ हो रहे इस अन्याय का जवाब भाजपा को ज़रूर मिलेगा।
We have marched to PM Modi’s house to demand answers from him for the brutalities against young students yesterday.
The Government doesn’t want to take any accountability or does it want to have a debate on it in Parliament.
PM and HM must resign for destroying the future of India’s youth.