आप इतने कष्ट सहकर केदारनाथ आई हो तो बहन सब्र रखिए , इतनी भीड़ में सरलता से दर्शन होना संभव ही नहीं है । बाकी आपकी रील तो बन ही गई हैं और व्यूज भी मिल ही गए होंगे । हिमालय की यात्रा है तो आसान कैसे हो सकती है । बाकी सरकार की यात्रा व्यवस्था तो सबको पता है ।
आज के समय में सबके पास मोबाइल फोन हैं और केदारनाथ की ऐसी बहुत सारी वीडियो सबके पास पहुंच रही होंगी फिर भी आप सबको ऐसी परिस्थितियों से भिड़ने वहां जाना है।केदारनाथ प्रभु वही पर हैं और वहीं पर रहेंगे,आप सुरक्षित रहेंगे तो भीड़ कम होने पर भी यात्रा की जा सकती है ।
आज बाबा केदार की चल विग्रह उत्सव डोली विधिवत मंत्रोच्चार के साथ ऊखीमठ ओंकारेश्वर मंदिर से अपने धाम के लिए रवाना हो गई 🙏 आप सभी भोलेनाथ के भक्तों का हार्दिक स्वागत है कृपया सुरक्षित ढंग से आएं एवं अपने साथ पोलीथीन ना लाएं 🙏 आप सभी की यात्रा मंगलमय हो 🙏
🙏🙏हर हर महादेव 🙏🙏
जोशीमठ प्रखंड के अंतर्गत आने वाले नीति गांव के समीप विद्यमान बाबा भोलेनाथ का मनमोहक नजारा बिल्कुल बाबा अमरनाथ जैसा दिखाई देता है यहां भोलेनाथ का वही बर्फीला स्वरूप विद्यमान है जो कि अमरनाथ यात्रा के दौरान नजर आता है।
🙏🙏टिम्मरसैण महादेव🙏🙏
सिलक्यारा के बोखा नाग मे 2 महीने तक पूजा उस जर्मनी के इंजिनियर ने की थी जिसको न इंगलिश आती थी न हिंदी। पर उसे समझ आ गया था कि माधो सिंह को अपने पुत्र की बलि क्यों देनी पड़ी। कुल्लू दशहरा मे देव स्थान पर जूते पहने तहसीलदार को घसीटते हुए देवडोली ने क्या किया था सबको पता है
आप कब तक उसे "धरम की आड़ मे अराजकता" बता कर डिफेंड करेंगे।
हमारे देवताओ के नियम अलग है मर्यादा अलग और क्रोध अलग, किसी को मुनि महाराज या उनके गणो के लिए ये लग रहा कि वो बस दो दिन मे दोष कर देंगे तों आप गलत है।। उस मैदान मे उपस्थित हर वो व्यक्ति जो भले अपनी ड्यूटी निभा रहा हो
उत्तराखंड का हो या उससे बाहर का दोष का भागीदार बराबर होगा और ये दंड आज नही कल नही अगले साल नही 12 सालो मे चुभेगा। जैसे काँटा आज घुसा पर उसका असर बाद मे होता है।
हमारे देवताओ का दोष कोरी कोरी के कोनो कोनो मे बैठेगा।। संभल जाओ 🙏ये देवभूमि है 🙏
ये खबर जनपद चमोली से आ रही है जहां विद्यालय में भालू ने बच्चों को विद्यालय प्रांगण से उठाकर दूर झाड़ी में ले गया और बच्चे पर नाखून मारे हैं और कपड़े फाड़े हैं जिसको बचाने के लिए एक छात्रा और शिक्षक भागे और छात्र को झाड़ी से निकाला गया। @pushkardhami जी पहाड़ों की जनता की 1/2
सुध लीजिए। वो जनता केवल वोट के लिए ही उपयोग होगी क्या , जब ऐसे गुलदार और भालू लोगों को निवाला बनाएंगे तो वोट लेने भी कहां जाएंगी आपकी सरकार । वोट मांगने तो नेता लोग बड़े से बड़ा पहाड़ चढ़ लेते हैं जनता की सुध लेने भी जाइए पहाड़ों में , कैसे दहशत में जी रहे हैं लोग????
एक आवश्यक सूचना
सोमेश्वर घाटी के भैसड़गांव निवासी श्री बलवंत सिंह जी की पुत्री सिया गंभीर बीमारी (Hydrocephalus – सिर में पानी भरने की बीमारी) से जूझ रही है।
सिया को वर्तमान में देहरादून स्थित हिमालयन अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
माता-पिता अब तक जो भी जमा-पूंजी थी,॥
एक आवश्यक सूचना
सोमेश्वर घाटी के भैसड़गांव निवासी श्री बलवंत सिंह जी की पुत्री सिया गंभीर बीमारी (Hydrocephalus – सिर में पानी भरने की बीमारी) से जूझ रही है।
सिया को वर्तमान में देहरादून स्थित हिमालयन अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
माता-पिता अब तक जो भी जमा-पूंजी थी,॥
वह उपचार में खर्च कर चुके हैं, लेकिन एक महत्वपूर्ण ऑपरेशन अभी शेष है, जिसके लिए आर्थिक सहयोग की अत्यंत आवश्यकता है।
आप सभी से नम्र निवेदन है कि इस बच्ची को नया जीवन देने हेतु, जितना संभव हो सके मदद अवश्य करें। आपका छोटा सा सहयोग भी सिया के लिए बड़ा सहारा बन सकता है।
📱 Google Pay / PhonePe / UPI
8449031365 (नाम: BALAVANT SINGH)
🏦 बैंक डिटेल
खाता संख्या: 20109022069
IFSC Code: SBIN0003390
बैंक: SBI, सोमेश्वर
आपका योगदान सिया की जिंदगी बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
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उत्तराखंड सरकार और नेता सो रहे हैं क्या, इन खतरनाक जंगली जानवरों को जहां से उठाकर पहाड़ों में झोंक दिया वापस वही ले जाओ, ये इंसानो से ज्यादा क़ीमती हो गए हैं क्या, इतने जंगली जानवर उत्तराखंड में कहाँ से आ रहे हैं , चाहे गुलदार हो, बाघ हो, भालू हो या बंदर हो
शाम को 5 बजते ही हम लोग घरों में दुबक जाते हैं , कोई नहीं है सुध लेने वाला । उस पर भी अगर कोई जानवर हमला करता है तो प्राथमिक उपचार कितने पास उपलब्ध हो पाएगा उसकी कोई गारंटी नहीं है @pushkardhami जी हर रोज कम से कम 4 या 5 ऐसी खबरें हैं । कुछ कीजिए 🙏