अल्लाह पाक फ़रमाते हैं, शरीर को मत चमकाओ
इसे तो एक दिन मिट्टी में मिल जाना है।
चमकाना है, तो रूह को चमकाओ,
क्योंकि उसी को अल्लाह के पास जाना है।
ये शरीर तो बस एक लिफ़ाफ़ा है,
जिसे यहीं फाड़ कर फेक दिया जायेगा।
असली ख़त तो रूह है,
जिसे एक दिन अल्लाह पढ़ेगा।
ताजमहल सिर्फ बादशाह शाहजहां की अपनी बीवी से मुहब्बत की ही निशानी नहीं है बल्कि उनके अपने मजहब के प्रति जो बेशुमार मुहब्बत थी वो भी ताजमहल के रूप में दिखाई देती है।
आज ताजमहल पर बनाई कुरानिक आयतों की कैलीग्राफी को उर्दू तर्जुमे के साथ समझे।
ये आदमी कह रहा है कि मैं हरियाणवी फिल्म मंथन का हीरो था और डायरेक्टर था दो-दो फैक्ट्री थी मेरी
लेकिन आज मैं भीख मांग कर खा रहा हूं मेरी पत्नी ने मुझे धोखा दे दिया राजस्थान का रहने वाला हूं राजस्थान में मेरी दो फैक्ट्री थी