मुसलमानो के प्रति फैली नफरत और अदालतो द्वारा सलेक्टिव जस्टिस की वजह से
लोगो मे मुसलमानो के प्रति हिंसा करने का साहस बढ़ रहा लोनी मे कार टक्कर की वजह से राहुल ने जैद को मार डाला
राहुल का इनकाउंटर होगा या जैद के साथ सलेक्टिव जस्टिस कर फिर मुसलमानो के प्रति हिंसा को बढ़ाया जाएगा
ज़ैद को पीट-पीट कर मार डालने वाले राहुल और उसके दोस्तों का अभी तक एनकाउंटर नहीं किया गया है। अभी तक हत्यारों के घरों पर बुलडोज़र नहीं चलाया गया है। @myogiadityanath की ज़ीरो टोलरेंस नीति यही है? यदि हत्यारे ‘दूसरे’ हों तो एनकाउंटर करा दो, बुलडोज़र चलवा दो पीड़ित को मुआवज़ा दे दो। लेकिन अगर पीड़ित ‘दूसरा’ हो तब? तब यह सब कार्रावाई क्यों नहीं होती? तब जीरो टोलरेंस नीति बदल जाती है?
ये SI शिवम् तौमर हैं वे कह रहे हैं, सत्ता में कोई भी सरकार हो......... बीजेपी हो, कांग्रेस हो, सपा हो, कोई भी पार्टी हो, अगर इन पार्टी का फैसला देशहित में है, तो उनका समर्थन करें, अगर इनका फैसला देशहित में नहीं है, तो उसका खुलकर विरोध करें, देशभक्त बनें, किसी भी पार्टी के भक्त नहीं!
Nazia Elahi Khan has been suspended from x
Lekin awaz dabni nahi chahiye girftari to hokar rahegi #ArrestNaziyailahi sabhi log is tag ko jarur copy paste karen....
सीधा सीधा इस्लाम्फोबिया का केस है, इसकी हिम्मत देखिए ज़ैद को ले गया और अपने ऑफिस में ले जाकर उसका क़त्ल कर दिया।कब चलेगा इसके घर पर बुलडोजर? कब मारेगी पुलिस इसके पैर में गोली? कब बनेगी इसलंगड़ा कर चलने वाला वीडियो?
2021 मे शरजील उस्मानी के सड़ा हुआ समाज कहने पर गिरफ्तारी के लिए फ़ौरन टीम गठित हो गयी थी
2022 मे ज़ुबैर द्वारा हिंदुत्व उग्रवाद कहने पर SIT गठित कर दी गई थी
आज नाजिया इलाही द्वारा हमारे नबी साहब के बेअदबी पे दर्जनो FIR के बावजूद कोई एक्शन नही मुसलमानो के भावनाओ का कोई मोल नहीं
यह तस्वीर मोहम्मद ज़ैद की है। ज़ैद अब दुनिया में नहीं है। ज़ैद दिल्ली के मुस्तफाबाद के रहने वाले थे। यह इलाक़ा लोनी बॉर्डर पर है। लोनी यूपी के गाजियाबाद में आता है। ज़ैद अपने दो दोस्तों, नदीम और इब्राहिम के साथ मोटरसाइकिल पर सवार होकर बेहटा स्थित एक स्विमिंग पूल में नहाने के लिए जा रहे थे। वो जैसे ही लोनी मेन रोड से बेहटा रोड की तरफ मुड़े, तभी एक एक कार से उनकी बाइक की हल्की सी टक्कर हो गई। इसके बाद कार में बैठा राहुल अपने दोस्त के साथ उतरा और जैद को को पीटना शुरू कर दिया। बात सिर्फ यही तक नहीं रही बल्कि राहुल अपने दोस्त के साथ ज़ैद को जबरन जैद कार में भरकर मनीष प्रॉपर्टीज नामी ऑफिस ले गया, वहां उन्होंने ज़ैद को बेरहमी से पीटा।
जब जैद के दोस्त नदीम और इब्राहिम बाइक लेकर वहां पहुंचे तो उन्होंने देखा कि जैद बेहोशी के हाल में ज़मीन पर पड़ा हुआ है, और राहुल नामी युवक लगातार गाली-गलौज करते हुए उसे लातों से बेरहमी से पीट रहा है। राहुल ने ज़ैद के दोस्त नदीम और इब्राहिम को धमकी देते हुए कहा कि इसे ले जाओ, नहीं तो तुम्हारा भी यही हाल होगा। वो दोनों दोस्त जैद को उठाकर अस्पताल लेकर पहुंचे, वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद जैद को मृत घोषित कर दिया।
पिछले कुछ वर्षों में एक बुलडोज़र और एनकाउंटर का चलन देखा गया है। दिल्ली में तरुण की हत्या हुई तो उसे इंसाफ दिलाने के नाम पर आरोपितों के घर को तोड़ दिया गया। उसके बाद दिल्ली से सटे खोड़ा में सूर्य की हत्या हुई तो हत्यारोपी का चौबीस घंटे के भीतर एनकाउंटर कर दिया गया। अब सवाल ज़ैद को इंसाफ दिलाने का है। जब हत्या के बदले एनकाउंटर और बुलडोज़र का ही चलन शुरू हो चुका है, तब ज़ैद के हत्यारोपी का एनकाउंटर क्यों नहीं किया जा रहा? उनके घरों पर बुलडोज़र क्यों नहीं चलाया जा रहा? सूर्या और तरुण की हत्या के बाद सत्ताधारी दल के अनुषांगिक संगठनों और नेताओं ने किस तरह बयानबाज़ी करके आपसी रंजिश में हुई इन हत्याओं को ‘दूसरा’ रंग दिया था, यह पूरे देश ने देखा है। खोड़ा और उत्तम नगर की गलियों में घूमते नफ़रती यू-ट्यूबिए किस तरह इन हत्याओं का दोष पूरे समुदाय पर मढ़ रहे थे, यह भी पूरे देश ने देखा है। सवाल फिर वही है कि जब किसी हिंदू के ग़ैर हिंदू हत्यारे के खिलाफ पुलिस और सरकार बुलडोज़र और एनकाउंटर एक्शन को अमल में लाती है, तब ज़ैद के हत्यारों पर यह कार्रावाई क्यों नहीं होनी चाहिए? हत्यारों से निपटने का यह फॉर्मूला सरकार और पुलिस ने खुद शुरू किया है, तो इसमें भेदभाव क्यों?
सरकार ने तरुण और सूर्या के परिजनों को मुआवज़ा दिया है। तरुण के हत्यारोपितों का घर गिराया है, तो सूर्या मर्डर के नाबालिग आरोपी को एनकाउंटर में मारा है। अब सवाल है कि यह त्वरित ‘इंसाफ’ ज़ैद को क्यों नहीं? क्या वो इंसान नहीं? क्या वो भारतीय नागरिक नहीं? उसके परिवारजनों को मुआवज़ा क्यों नहीं? उसके हत्यारोपितों का एनकाउंटर क्यों नहीं? बुलडोज़र एक्शन क्यों नहीं? क्या इस देश में दो कानून हैं? जब बुलडोज़र और एनकाउंटर चलन शुरू हो ही चुका है, तब इसमें भेदभाव क्यों? क्या मदर ऑफ डेमोक्रेसी में सब कुछ नाम के आधार पर होता है?
दिल्ली की धड़कन कनॉट प्लेस में भी अब मुसलमान सुरक्षित नहीं रहा, CP पार्क में कपिल कुमार नामक गुंडा अपने साथियों के साथ मिलकर एक मुस्लिम लड़के इमरान के साथ बेरहमी से मारपीट कर रहा है, कभी उसको लात, घूसों, थप्पड़ तो कभी जूतों और बेल्टों से उसकी पिटाई की जा रही हैं ।
कपिल ने मुस्लिम लड़के पर पार्क में लड़की का पीछा करने का आरोप लगाया और झूठी हमदर्दी बटोरने के लिए मासूम के साथ बेरहमी से मारपीट की गई। लड़की कपिल से कहती रही कि "मैं ठीक हूं मेरे साथ कुछ भी नहीं हुआ है" लेकिन गुंडा मासूम के साथ सिर्फ़ इसलिए बेरहमी से मारपीट करता रहा क्योंकि मासूम कुर्ते पायजामे में था जिसको देखने के बाद गुंडों में दोगुनी ताक़त आ जानी तय होती हैं।
@PMOIndia@HMOIndia@DelhiPolice@CMODelhi
लोकेशन: सेंट्रल पार्क कनॉट प्लेस
हमारे नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम" ﷺ की शान में गुस्ताखी करने वाली शैतान नाज़िया इलाही के खिलाफ शाहीन बाग़ थाने में शिकायत दर्ज कारवाई है।
हम आशिक़े रसूल अपने नबी की शान में गुस्ताखी किसी हाल में बर्दाश्त नहीं करेंगे, नाज़िया इलाही जैसे लोग देश के दुश्मन है,कानूनी व्यवस्था के दुश्मन है|
गुस्ताखे रसूल नाज़िया इलाही!
आरफ़ा ख़ानम (ओखला)
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