अमित माली
सादगी मेरी पहचान है,
सेवा मेरा स्वभाव है,
और समाज का सम्मान मेरा अभिमान है।
अशोक गहलोत जी की विचारधारा से प्रेरित,
हमेशा विकास, एकता और जनसेवा के
यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि देश के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी सरकारी कार्यक्रमों में भी भाजपा नेता बनकर ही व्यवहार करते हैं। आज प्रधानमंत्री जी ने रिफाइनरी के उद्घाटन पर कहा कि 2018 से 2023 तक कांग्रेस सरकार के दौरान रिफाइनरी का काम ठप रहा और भाजपा के ढाई साल में पूरा काम हुआ। ऐसी बातें सुनने में हास्यास्पद लगती हैं।
प्रधानमंत्री जी, आपको रिफाइनरी के काम से जुड़े लोगों से पूछना चाहिए था। वे आपको बताते कि कांग्रेस सरकार में कोविड जैसी मुश्किल परिस्थिति में भी यहां काम नहीं रुका और रिफाइनरी का 85% काम 2018 से 2023 के बीच पूरा हुआ। भाजपा सरकार ने तो बजट में अगस्त 2025 तक काम पूरा करने की घोषणा की थी जो करीब एक साल देरी से हुआ है।
@narendramodi@PMOIndia
@VGurjar099@RahulSharm48632@ashokgehlot51 ₹2500 करोड़ का मनगढ़ंत आंकड़ा लाने के बजाय अपनी भाजपा सरकार से पूछो कि 5 साल तक प्रोजेक्ट क्यों लटकाया? गहलोत सरकार ने तो ईमानदारी से काम कराकर इसे 90% पूरा किया। बिना सिर-पैर के झूठ फैलाना बंद करो।
@VGurjar099@AshishMehr6059@ashokgehlot51 5 साल तक काम रोककर लागत बढ़ाने का काम भाजपा ने किया और श्रेय लेने आज सबसे आगे खड़े हैं। गहलोत सरकार ने तो ठप पड़े काम को री-स्टार्ट करवाकर पूरा कराया।
@mind2608@ashokgehlot51 इतिहास और फाइलों को वही लोग दबाना चाहते हैं जिन्हें दूसरों की मेहनत पर केवल फीता काटने की आदत होती है।
अगर 2013 में गहलोत जी ने दूरदर्शिता दिखाकर इस प्रोजेक्ट की नींव न रखी होती और जमीन आवंटित न की होती तो आज भाजपा को सिर्फ खाली जमीन पर भाषण देना पड़ता।
@RudraBainszw@ashokgehlot51 पेपर लीक पर देश का सबसे सख्त कानून गहलोत जी ने ही बनाया और माफियाओं को जेल भेजा। रही बात युवाओं की तो कांग्रेस राज में रिकॉर्ड 3 लाख से ज्यादा नौकरियां मिलीं।आज केंद्र की नीट परीक्षा से लेकर भाजपा शासित राज्यों के पेपर लीक पर आपका यह ज्ञान कहाँ चला जाता है भाई?
@AshishMehr6059@ashokgehlot51 जमीन पर काम देखना है तो गहलोत सरकार की चिरंजीवी योजना ओपीएस और ₹500 में सिलेंडर को याद करो।
आज भी जनता इन ऐतिहासिक योजनाओं को बंद करने पर भाजपा को कोस रही है।
@manisha_gupta08@ashokgehlot51 मनीषा जी इसे तारीखों का खेल नहीं दूरदर्शिता कहते हैं। 2013 में सारे एग्रीमेंट होने के बाद वसुंधरा जी की भाजपा सरकार ने5 साल तक फाइलों को दबाकर इस प्रोजेक्ट को ठप रखा जिससे लागत बढ़ी। गहलोत सरकार ने तो 2018 में आते ही इस रुके हुए काम को री-स्टार्ट कराया और 90%से ज्यादा पूरा किया।
@RudraBainszw@ashokgehlot51 विज्ञापन नहीं धरातल पर सीधी राहत थी। इंदिरा रसोई मुफ्त बिजली और ओपीएस का फायदा लाखों परिवारों को मिला। भाजपा ने सोशल मीडिया पर केवल भ्रम फैलाया लेकिन आज राजस्थान की जनता समझ चुकी है कि जनहित के काम सिर्फ गहलोत सरकार ही कर सकती थी।
@RahulSharm48632@ashokgehlot51 परियोजनाएँ विज़न से बनती 2013 से 2018 तक भाजपा सरकार ने सिर्फ राजनीतिक द्वेष में इस रिफाइनरी का काम अटकाए रखा वरना यह बहुत पहले राष्ट्र को समर्पित हो चुकी होती। काम रोकना भाजपा का काम था विज़न कांग्रेस का था।
@VGurjar099@ashokgehlot51 16% हिस्सेदारी का झूठ कहाँ से पढ़ कर आए हो भाई? हिस्सेदारी हमेशा से 26% रही है।
बजट गहलोत जी ने नहीं खाया बल्कि 2013 से 2018 तक वसुंधरा जी की भाजपा सरकार ने इस प्रोजेक्ट को ठप रखकर इसकी लागत को बढ़वा दिया।
@mind2608@ashokgehlot51 रिकॉर्ड की बात मत करो मनीषा जी रिकॉर्ड तो यह कहता है कि 2013 में सारे वित्तीय एग्रीमेंट होने के बावजूद वसुंधरा जी की भाजपा सरकार ने सिर्फ राजनीतिक द्वेष में 5 साल तक रिफाइनरी का काम पूरी तरह ठप रखा। क्लीयरेंस और फाइलें किसने अटका रखी थीं यह राजस्थान की जनता अच्छे से जानती है।
@RudraBainszw@ashokgehlot51 बिना सिर-पैर के सिर्फ घोटाला-घोटाला चिल्लाने से कुछ नहीं होता गहलोत जी के कार्यकाल में जनता को ओपीएस चिरंजीवी योजना और 500 रुपये में सिलेंडर जैसी ऐतिहासिक सौगातें मिलीं।
@PreetSi25534734@hanumanbeniwal एक तरफ नागौर में जनता चोरों और अपराध से त्रस्त है और बेनीवाल जी सिर्फ पुलिस को कोस कर अपनी नाकामी छुपा रहे है।
दूसरी तरफ डोटासरा जी को जनता की सुरक्षा से ज्यादा सिर्फ अपने वोट बैंक की चिंता सता रही है।दोनो ही दल जनता को आपस में उलझाकर अपनी राजनीतिक गोटियां सेट करने में मस्त है।
@deeptisharr8lt@AnanyaMeen59477@PreetSi25534734@GovindDotasra लाठियां बेचारे भोले युवा खाएं और चुनाव आते ही मलाई भाईसाहब का परिवार बटोरे? दोनों पार्टियों को गाली देकर फिर उन्हीं के साथ राजनीतिक सेटिंग और गठबंधन का खेल खेलने में भाईसाहब हमेशा सबसे आगे खड़े मिलते हैं
@deeptisharr8lt@PreetSi25534734@GovindDotasra गजब का संघर्ष है संजना जाटव जैसी दलित महिला को मंच से नीचा दिखाना और हर चुनाव में अपनी सुविधा के अनुसार कभी बीजेपी तो कभी कांग्रेस से गठबंधन कर लेना ही भाईसाहब की धरातल की राजनीति है।
@deeptisharr8lt@AnanyaMeen59477@PreetSi25534734@GovindDotasra हाँ भाई, जानकारी पूरी है युवाओं के हक की असली लड़ाई तो वही है न—सुबह बीजेपी के साथ दोपहर में कांग्रेस के साथ और रात को खुद की राजनीति सेट
युवाओं के कंधों का इस्तेमाल करके भाई और पत्नी को टिकट दिलाना ही उनकी असली लड़ाई थी यह राजस्थान का युवा अब अच्छे से जान चुका है।
@choudhary_jaatt@PreetSi25534734@GovindDotasra भाई डोटासरा जी को बचाने के लिए गहलोत जी पर ठीकरा फोड़ना बंद करो शिक्षा विभाग डोटासरा जी का था और पेपर लीक उन्हीं के कार्यकाल में हुए।
गहलोत जी ने तो हमेशा कड़े फैसले लिए लेकिन डोटासरा जी अपनी नैतिक जिम्मेदारी से भाग रहे हैं।
@deeptisharr8lt@PreetSi25534734@GovindDotasra दलित समाज के मान-सम्मान की बात बेनीवाल जी के मुंह से शोभा नहीं देती। संजना जाटव के खिलाफ जो भाषा और अहंकार दिखाया गया था क्या वो दलित समाज का सम्मान था?
सच तो यह है कि जब भी कोई नया नेतृत्व उभरता है तो बेनीवाल जी का अहंकार उसे बर्दाश्त नहीं कर पाता।
@choudhary_jaatt@PreetSi25534734@GovindDotasra भाई डोटासरा जी के पास कोई वोट बैंक नहीं आ रहा बल्कि युवा यह समझ चुके हैं कि उनके राज में सिर्फ नाथी का बाड़ा चला और पेपर लीक माफिया फले-फूले।