शाहरुख पठान की अंतरिम जमानत अर्जी वापस, जमानत से कड़कड़डूमा कोर्ट ने क���या इनकार।
2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों से जुड़े मामले में न्यायिक हिरासत में बंद शाहरुख पठान ने अपनी चचेरी बहन की शादी में शामिल होने के लिए कड़कड़डूमा कोर्ट में तीन दिन की अंतरिम जमानत की अर्जी दाखिल की थी।
5 सितंबर को सुनवाई के दौरान शाहरुख पठान की ओर से उनके वकील ने अर्जी वापस लेने की जानकारी अदालत को दी। इसके बाद अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश समीर बाजपेयी ने मामले का निपटारा कर दिया। यानी इस मामले में अदालत ने तीन दिन की अंतरिम जमानत मंजूर नहीं की।
शाहरुख पठान फरवरी 2020 में जाफराबाद थाना क्षेत्र में दर्ज दंगा, हत्या के प्रयास समेत कई आरोपों से जुड़े मामले में न्यायिक हिरासत में हैं। 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों के दौरान एक पुलिसकर्मी की ओर पिस���तौल ताने उनकी तस्वीर सामने आने के बाद यह मामला व्यापक रूप से चर्चा में आया था।
वहीं, जनवरी 2020 में जामिया के पास CAA विरोधी प्रदर्शन के दौरान गोली चलाने वाले रामभक्त गोपाल शर्मा ने एक छात्र को घायल किया था और उसे पुलिस ने मौके से हिरासत में लिया था। हालांकि, उसके मामले में कुछ रिपोर्ट के अनुसार “21 दिनों के अंदर ही जमानत” मिल गई थी।
सवाल यही है - अलग-अलग मामलों में अंतरिम जमानत और न्यायिक राहत के लिए अदालतें किन कानूनी परिस्थितियों और आधारों को देखती हैं?
#ShahrukhPathan #DelhiRiots #KarkardoomaCourt #DelhiNews #RedChilliLive
When Netanyahu took the UN stage, these were the only Muslim-majority nations that didn't walk out:
🇦🇪 UAE
🇧🇭 Bahrain
🇲🇦 Morocco
🇦🇿 Azerbaijan
🇰🇿 Kazakhstan
🇸🇳 Senegal
🇦🇱 Albania
106 Muslim homes illegally bulldozed in Surat, Gujarat, hundreds rendered homeless. High Court the action was illegal, five officers suspended...Will this rebuild their homes?
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हज़रात, हज़रात, हज़रात... हज 2027 को लेकर अबतक की सबसे चौंकाने वाली बात की जानकारी आपको है?
हज 2027 कॉन्ट्रैक्ट विवाद से तो आप वाक़िफ हो ही चुके होंगे। जैसा कि पहले बताया गया, हज सेवाओं के लिए इस साल:
- Ithra Al Khair ने सबसे महंगी बोली लगाई — SAR 9,777 प्रति हाजी, स्कोर 90.16 (L3)।
- Mashariq Al-Mutamayiza की बोली थी SAR 8,717, स्कोर 92.13 (L1)। इसको को “Abnormally Low Bid” कहकर रिजेक्ट कर दिया गया।
- मक्का और मदीना रिहायिश के रेट्स भी Ithra के ज़्यादा थे, फिर भी मंत्रालय ने उसे चुना।
अब आते हैं एक बहुत ही सनसनीख़ेज़ तथ्य पर। क्या इस साल भारत से सिर्फ 90 हज़ार हाजी ही ज़ियारत के लिए जा पाएंगे?
प्राप्त दस्तावेज़ों के मुताबिक़ Ithra Al Khair की कुल क्षमता सिर्फ़ 90,000 हाजियों की है। यह कोटा इस कंपनी की financial capability और इसके Haj 2026 के परफॉरमेंस के आधार पर सऊदी सरकार ने तय किया है।
इस बात की जानकारी सीजीआई जद्दाह @CGIJeddah को पहले से थी मगर उनके निजी हित सच्चाई पर हावी हो गए। तो जानकारी के बावजूद @MOMAIndia ने @ithraalkhair को 1.23 लाख हाजियों (SAR 9,7777 X 1,22,518 हाजी = SAR 119,78,58,486 = INR 3,114,43,20,636 का कॉन्ट्रैक्ट थमा दिया)
पहले लगा कि पिछले साल की तरह चार की जगह एक कमरे में 6-8 हाजी ठूंसकर काम चला लेंगे। लेकिन Ithra Al-Khair की घटिया सेवाओं और फर्ज़ी इन्वेंट्री की जानकारी सऊदी Ministry of Hajj and Umrah @Mohu_INTL तक पहले ह�� थी । उसने सख़्ती से rationing व्यवस्था लागू की और इसका कोटा 90,000 ही सीमित करने का फैसला किया। मज़ेदार बात ये है कि जिस कंपनी का कोटा 1,40,000 है उसे अल्पसंख्यक कल्याण मंत्रालय ने पहले ही ब्लैकलिस्ट कर रखा है ।
��हरहाल, क़ानून ये कहता है कि L1 से बचा कोटा L2 या L3 को दे दिया जाए, मगर यहां तो ठेका ही L3 को मिला है। इस बीच L1, l2 ने दूसरे देशों के साथ कांट्रैक्ट करके अपना कोटा पूरा कर लिया। अब अल्पसंख्यक कल्याण मंत्रालय, हज कमेटी और विदेश मंत्रालय की गर्दन फंस गई है। बचा कोटा किसे दें?
इसके बाद सवाल ये उठते हैं कि:
- क्या अब नया टेंडर निकलेगा?
- या फिर कोई और “ग़ैरक़ानूनी रास्ता” निकाला जाएगा?
- या इंडिया से इस साल सिर्फ़ 90,000 हाजी ही ज़ियारत के लिए जा पाएंगे?
मसला गंभीर है। टूर ऑपरेटरों में खलबली मची है। हालांकि मुंबई का हज माफिया माना जाने वाला एक ऑपरेटर सबको All is Well का दिलासा दे रहा है लेकिन मामला इतना आसान नहीं है।
इस मसले पर पैरवी कर रहे लोगों की अभी सऊदी सरकार और भारत में सऊदी मिशन में इस घोटाले से जुड़े दस्तावेज़ देने की तैयारी है। यहां इंसाफ न हुआ तो वहां होगा। ��हीं न हुआ तो ऊपर वाला तो है ही।
ख़ैर, एक बात साफ है। मंत्री या कोई दूसरा सियासी व्यक्ति किसी घोटाले की ज़िम्मेदारी अपने सिर नहीं लेगा। इस मामले में भी राजनीतिक दबाव और ज़िम्मेदारी CG Jeddah , एक JS और @Hajcommitttee के CEO के सिर ही आएगी। हालांकि राज्य हज कमेटी से जुड़े एक भाजपा नेता, और उनके सहयोगी अफ़सर के ज़रूर फंसने के इमकान हैं क्योंकि एक तो वो मुसलमान, ऊपर से QCBS तकनीक को रिकमेंड करने वाली समिति के सदस्य।
ये यक़ीन है कि आज नहीं कल, मामला @CBIHEADQUARTERS , @dir_ed, @EoWDelhi के पास तक ज़रूर पहुंचेगा। मामला दर्ज होगा और कार्रवाई होगी। बचेगा सेलिब्रिटी टूर ऑपरेटर भी नहीं, मुंबई में प्रापर्टी ख़रीदने वाला उसका रिश्तेदार और... और दुबई में लेने वाला नक्शा नवीस भी नहीं। और वो भी नहीं जिसने घोटाले के पैसे से बेंगलुरू में आलीशान घर ख़रीदा है।
अब सोचिए, हज घोटाले में शामिल अधिकारीगण अगले Gyanesh Kumar बन गए— जिन्हें राजनीतिक नेतृत्व की एंटी‑करप्शन कार्रवाइयों का सामना करने के लिए अकेला छोड़ दिया? और दलाल हाथ झाड़कर खड़े हो गए? तो?
ख़ैर...
My daughter is going to university..
She needs a mobile phone for e-learning as all universities and schools in Gaza are either partially or completely destroyed..
Cost of used iPhone 13 is $2,300.. It used to be far cheaper than this, but it’s become expensive due to Israeli ban on entry of electronics and electricity sets
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#MobLynching | #Book |
2014 में राजनीतिक वेव के साथ-साथ एक रैडिकल वेव खड़ी की गई। उसका उरूज 2019 में देखने को मिला।
कोशिश थी कि भारत को एक मोनोलिथिक देश बनाया जाए। जैसे इज़राइल। और बनाया भी जा सकता था।
पर हमारे संविधान, हमारे मूल्यों और हमारी विविधता की जड़ें इतनी मज़बूत हैं क�� उस क��्टरपंथी आंधी को न सिर्फ़ शॉक एब्जॉर्बर की तरह झेल लिया, बल्कि
जिस समुदाय को वे कट्टर बनाना चाहते थे, उसी समुदाय से प्रतिरोध आया।
उसका एक उदाहरण @DayashankarMi जैसे लोग हैं, जिन्होंने अपना करियर दाँव पर लगाकर मॉब लिंचिंग जैसे विषय पर “अख़लाक़” किताब लिखी।
ऐसे प्रतिरोध के लाखों उदाहरण हैं। कईयों ने अपनी जानें दी।
इसी तरह के प्रतिरोध ने आज उस कट्टरपंथी आंदोलन को न सिर्फ़ कमज़ोर कर दिया, बल्कि उसे ए��� धुंध में तब्दील कर दिया।
भोपाल में “अख़लाक़” पर चर्चा।
जय हिन्द।
Amnesty International has called for the immediate and unconditional release of Umar Khalid, stating that his prolonged detention and harassment are an example of the derailing of India’s justice system, as they make a mockery of international human rights principles.
#ReleaseUmarKhalid
मकतूब के ख़िलाफ़ वेस्ट बंगाल पुलिस ने दर्ज की FIR, ‘X’ से मांगी अकाउंट की जानकारी
वेस्ट बंगाल पुलिस ने TMC सांसद महुआ ���ोइत्रा के उन आरोपों से जुड़ी रिपोर्टिंग को लेकर Maktoob के ख़िलाफ़ FIR दर्ज की है, जिसमें अमित शाह के बंगाल दौरों के दौरान मुस्लिम IPS अधिकारियों को कथित तौर पर बैठकों से बाहर रखने की बात कही गई थी. आपको बता दें कि इन आरोपों पर अब तक कोई आधिकारिक खंडन सामने नहीं आया है. वहीं, राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग ने मामले में पश्चिम बंगाल सरकार से रिपोर्ट मांगी है.
इस तथाकथित साधु का नाम हिम्मत गिरी है। यह दरिंदा जाने कितनी ही महिलाओं को अपनी हवस का शिकार बना चुका है। यह निःसंतान महिलाओं को संतान प्राप्ती के उपाय हेतू बुलाता था, और फिर उनके साथ शारीरिक संबंध बना��ा था।
यह कथित साधु संबंध बनाने के साथ-साथ महिलाओं के आपत्तिजनक वीडियो भी बना लेता था। इसके बाद वह इन वीडियो के जरिए महिलाओं को ब्लैकमेल करता था। बदनामी के डर से कई महिलाएं उसके खिलाफ शिकायत दर्ज कराने से कतराती थी। जब साधु की हरकतें अत्यधिक बढ़ गई, तो महिलाओं के साथ मारपीट की शिकायतें भी सामने आने लगीं।
पीड़ित महिलाओं ने इसे योजना बनाकर वृंदावन बुलाया यह वृंदावन के चैतन्य बिहार स्थित एक ��ेस्ट हाउस पहुंचा, पीड़ित महिलाएं भी वहां पहुंच गई। महिलाओं ने इसके बाल पकड़े, चप्पलों और लाठी-डंडों से उसकी धुनाई कर दी। इसके बाद उसे कमरे से खींचकर गेस्ट हाउस के बाहर लाया गया, जहां लात घूंसो से उसकी पिटाई की गई। पुलिस ने आरोपी को लिया हिरासत में घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने साधु हिम्मत गिरी को अपनी ह��रासत में ले लिया और आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए उसे वृंदावन को कोतवाली ले गई है।
अब सवाल यह इस तरह के दरिंदों के खिलाफ ‘जागा हुआ हिंदू’ प्रदर्शन क्यों नहीं करता? वो पीड़ित महिलाओं को इंसाफ दिलाने के लिए आगे क्यों नहीं आता? जिन महिलाओं के साथ इसने नाजायज ताअल्लुकात बनाए हैं, वो भी तो हिंदू ही हैं! तब जागा हुआ उग्र हिंदू उन्हें इंसाफ दिलाने के लिए आगे क्यों नहीं आता? अक्सर खबरें आती रहती हैं, अगर हिंदू युवती किसी ‘दूसरे’ समुदाय के अपने दोस्त के घूम रही है, रेस्टोरेंट आदि में खाना भी खा रही है, और वहां पर हिन्दुवादी फ्रिंज एलिमेंट पहुंचकर उस युवती के दोस्त के साथ हिंसा करते हैं। लेकिन उन्हीं हिंदूवादी संगठनों के फ्रिंज एलिमेंट्स ऐसे दरिंदों के खिलाफ कभी कोई विरोध प्रदर्शन नहीं करते!
Municipal authorities in Delhi, India deployed bulldozers under the cover of night to demolish the Medina Mosque in Shalimar Bagh on September 22. Footage shows demolitions began despite individuals remaining inside the mosque, raising safety concerns among local residents. Local residents allege no prior notice or court order was presented before the destruction began.
The incident comes amid growing anti-Muslim discrimination under India’s BJP-led government and a wider pattern of demolitions targeting Muslim homes, businesses and places of worship
🇵🇸 🇫🇷 “But what is our credibility worth if we remain inactive on Gaza? Some claim that peace has been achieved, but this has not opened up humanitarian deliveries. The spectacle, the spectacle, it is shameful. Shame on all of us.
Look at what's happening in the West Bank, where day in, day out, we are seeing violations. And in the name of what?
What we need is respect for the legitimate rights of the Palestinian people, their legitimate right to exist.”
President @drpezeshkian spoke not just for a government, but for a 3,000-year-old civilization. He was the powerful voice of courage, resilience, and strength for the Islamic Republic of Iran. Long live the proud, resistant nation of Iran.