Pause to Think Before You React.
हर उस तबके की आवाज़ जिनको उम्मीद हैं एक आवाज़ की
Tenacious । Maverick । Environmental । Scientific - Because Saint Jambho ji ।
12th May 2025💔
कुछ खिलाड़ी सिर्फ शानदार खेलते ही नहीं है..…बल्कि वो यादें, जज़्बात और एक पूरा दौर दे जाते हैं। 🤍
Virat Kohli के टेस्ट क्रिकेट से रिटायर होने की खबर भी कुछ ऐसी ही थी…
ये सिर्फ़ एक न्यूज नहीं लगी,
ये लगा जैसे हमारे जीवन का एक हिस्सा चुपचाप हमसे दूर हो गया हो।
अब वो व्हाइट जर्सी में आग जैसी एग्रेशन नहीं दिखेगी…
ना वो दबाव में भी बेखौफ कवर ड्राइव…
ना वो सेंचुरी के बाद आसमान की तरफ़ देखकर जश्न, जैसे पूरा भारत उसके साथ सांस ले रहा हो।
टेस्ट क्रिकेट कई फैंस के लिए सिर्फ़ एक फॉर्मेट नहीं था…
वो विराट कोहली था।
और शायद इसलिए ये विदाई सबसे ज्यादा चुभती है…
क्योंकि कुछ अलविदा रिटायरमेंट नहीं लगते…
वो एक पूरे युग के खत्म होने जैसा महसूस होते हैं।
नेहरू जी की पूरी वसीयत..जो कि हर हिंदुस्तानी को पढ़नी ��ाहिए...
उनके प्रशंसक और उनके हेटर्स को भी..
फिर पता चलेगा कि नेहरू क्या थे और कैसे उनकी छवि कैसे जानबूझकर खराब की जा रही है...
मेरे घर में उनकी वसीयत फ्रेम की गई है...
देश के युवाओं के सामने एक गंभीर बात रखना चाहता हूँ।
एक काम कीजिए - खुद Google कीजिए: “NEET 2024 की भयंकर चोरी के दौरान NTA का DG कौन था, और मोदी सरकार ने उसे आज कहां बैठाया है?”
देखा? समझ आया?
BJP इसी तरह आप जैसे लाखों मेहनती व��द्यार्थियों के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों को इनाम देती है - उनकी रक्षा करती है, ऊपर से उन्हें तरक्की देती है।
साफ़ है - मोदी जी और भाजपा आपके भविष्य की चोरी में ख़ुद साझेदार हैं।
जिस बाज़ार में आपकी मेहनत, आपके सपने नीलाम हो रहे हैं, उसका एक ही उसूल है - जितनी बड़ी चोरी, उतना बड़ा इनाम।
वन्यजीवों के घर तोड़ने ओर पेड़ काटने का सिलसिला निरंतर जारी है ओर ये दृश्य बेहद डरावने है।
ये विकास किसी भी किमत पर हमें मंजूर नहीं ह���।
@BhajanlalBjp माननीय मुख्यमंत्री जी ये सब विनाश मत कीजिए प्रकृति माफ नहीं करती है आपके इन पापो का बदला हमें भी भुगतना पड़ेगा।जो ये वन्यजीव तड़प रहे हैं बेहद शर्मनाक है हमारे लिये।
आपका नाम राजू नारायणस्वामी है।
1991 में आपने UPSC में AIR 1 हासिल की थी। पूरे देश में पहला स्थान।
आप IIT मद्रास से कंप्यूटर साइं��� ग्रेजुएट थे। MIT ने स्कॉलरशिप ऑफर की। लेकिन आपने ठुकरा दी। आपने कहा — IIT की पढ़ाई गरीब भारतीयों के टैक्स से हुई है, अब देश को लौटाना मेरा कर्तव्य है।
फिर आपने IAS जॉइन किया।
पहली पोस्टिंग में एक बिल्डर धान के खेत को भरना चाहता था। 60 गरीब परिवारों ने कहा इससे उनका इलाका डूब जाएगा। आपने अनुमति नहीं दी। आपका ट्रांसफर हो गया।
केरल के PWD मंत्री के बच्चों के अवैध जमीन सौदे उजागर किए। मंत्री को इस्तीफा देना पड़ा। आपका ट्रांसफर हो गया।
Coconut Development Board में भ्रष्टाचार पकड़ा। अफसर सस्पेंड हुए। आपका ट्रांसफर हो गया।
सिविल सप्लाई विभाग में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई शुरू की। जांच पूरी होने से पहले हटा दिए गए।
34 साल की सेवा में 32 ट्रांसफर।
एक बार आपने सरकार को चिट्ठी लिखकर पूछा “जब मुझे कोई काम ही नहीं दिया जा रहा, तो मुझे वेतन क्यों दिया जा रहा है?”
2025 में सुप्रीम कोर्ट ���े उनकी Chief Secretary पदोन्नति की याचिका खारिज कर दी।
AIR 1 होने के बावजूद।
30 साल की ईमानदार सेवा के बावजूद।
उन्होंने 34 किताबें भी लिखीं। साहित्य अकादमी पुरस्कार जीता। कानून में PhD की।
MIT उन्हें अमेरिका देना चाहता था।
उन्होंने भारत के लोगों को चुना।
लेकिन भारत की व्यवस्था ने उन्हें 34 साल तक सिर्फ एक संदेश दिया
“ईमानदारी की कीमत सब कुछ खोकर चुकानी पड़��ी है।”
और उन्होंने हर बार वो कीमत चुकाई।
ऐसी कहानियों के लिए फॉलो करें, जिन्हें भारत की सुर्खियाँ कभी जगह नहीं देतीं।
सुप्रिया जी;- राहुल जी के फॉलोअर्स भले कम हों पर उनका एंगेजमेंट और इंप्रेशन ज्यादा है।।।
अंजना जी;- पर मोदी जी के फॉलोअर्स ज्यादा है एंगेजमेंट और इंप्रेशन स�� फर्क नहीं पड़ता उनका payout आ रहा है।।।🤣🤣
@LegalAdvisour भैया ये गुत्थी सुलझाइए मामला फंस गया है 🤣🤣
Enjoy 🍻
Hello Friends
���गभग 3 महीने के बाद मेरी ब्लू टिक के साथ वापसी हुई है अब नए सिरे से काम करना है
क्योंकि शुरुआत जीरो से हो रही है इसलिए हम कुछ नए दोस्तों के साथ जुड़कर काम करना चाहते हैं
जो भी दोस्त चाहते हैं कि मैं उनका नोटिफिकेशन ऑन करूं और वह मेरा ताकि एक दूसरे को फॉर यू के ज़रिए ऑथेंटिक सपोर्ट किया जा सके तो प्लीज अपनी राय दें
U are most Welcome...
Never Blame Anyone In Your life!
Good people give you happiness😆!
Bad people give you experience🤔!
Worst people give you a lesson😔!
And Best People give you memories 🫂❤️🥰💗.
🙏🌹Good morning Everyone ❤️🙏
श्रीलंका से भारत तक तैरकर पहुंचे बेंगलुरु के कपल, 10 घंटे में पूरा किया समुद्री रास्ता..
बेंगलुरु के रहने वाले दानिश अब्दी और वृषाली प्रसाद ने श्रीलंका के तलाईमन्नार से भारत ��े धनुषकोडी तक 32 किलोमीटर की दूरी समुद्र में तैरकर तय की.
इन लोगों ने श्रीलंका से भारत तक लगभग 32 किलोमीटर लंबी समुद्री दूरी तैरकर पूरी की. तेज धाराओं, थकान और समुद्री लहरों के बीच उन्होंने 10 घंटे 45 मिनट मिनट तक लगातार तैरते हुए यह मुश्किल सफर तय किया.
Hii 🙋
I'm Back......
क्या राय है दोस्तो blue tick 🔵 वापस से लिया जाय या यूं ही जिंदगी के मज़े लें ??
पता है दिक्कत क्या है !!!
ब्लू टिक के बाद तो मस्क अंकल Blue Tick वालों के मज़े लेते है बस !!!! 🤣🤣🤣
लगभग 11% की विकास दर फिर भी M. K. Stalin तमिलनाडु हार गए.!
उस लड़के के सामने, जिसने एक रियल टाइम हीरो की तरह एंट्री मारी और सबको पछाड़ दिया.
उस हीरो ने सत्ता से रोजगार का मतलब पूछा
सैलरी कम होने का सवाल उठाया और 12–14 घंटे की नौकरी को शोषण माना.
स्टालिन की ऊंची विकास दर का बुलबुला फट गया
स्टालिन की डीएमके तो भारत की औसत विकास दर से भी तिगुने ऊंचे शिखर पर थी फिर क्या हुआ..?
यहां वर्गवाद आड़े आया
वह पिछड़ा वर्ग, जो मज़दूरी कर सपने पालता है अपने परिवार की बेहतरी के लिए उसी को डीएमके ने शोषण का जरिया बना दिया.
इस पिछड़े तबके की लाखों अंडर ग्रेजुएट लड़कियां आज भी फैक्ट्रियों में 12 घंटे से ज्यादा मेहनत करती हैं, लेकिन विजय की दीवानी हैं.
कोयंबटूर और तिरुप्पुर के टेक्सटाइल बेल्ट को देखें सवाल वहां भी हैं.
ये सवाल 2014 से विजय की हर उस फिल्म से टकराते हैं, जो उसने पूछे, बगावत की, और जीतकर लौटा.
2024 में सैमसंग की हड़ताल को याद कीजिए
कर्मचारियों ��े काम के खराब हालात और सालों से वेतन न बढ़ाने की शिकायत की थी.
बीजेपी की सत्ता ल!ठियों से इसका जवाब देती है.
लेकिन, उत्तर भारत में कोई विजय नहीं है. और विजय का कोई सवाल ही नहीं.
डीएमके उस अमीर वर्ग के इशारों पर चली, जो उसे मालामाल करते हैं.
सत्ता और कॉरपोरेट्स के रिश्तों को मजबूत करते हैं.
डीएमके कॉरपोरेट्स के उसी पैसे से संस्थानों को कंट्रोल करती रही.मीडिया को भी
एआईएडीएमके ने इसी साल जनवर�� में 4 लाख करोड़ के सरकारी ठेकों में भेदभाव का आरोप लगाया था.
ये सच है कि स्टालिन ने कुछ कॉरपोरेट्स को ठेके दिए.
नतीज़ा यह रहा कि एआईएडीएमके को वंचित कॉरपोरेट्स का खूब पैसा मिला.
सियासत में चाणक्य वही होता है, जिसके पास अर्थ, यानी पैसा हो यही चाणक्य नीति है.
इस कश्मकश का सबसे ज्यादा फायदा म!रण भाइयों ने उठाया, जो डीएमके और एआईएडीएमके दोनों तरफ से खेले.
��समान छूते विकास की आड़ में तमाम गुन!ह दब गए और विजय जीत गए.
बंगाल में टीएमसी से इतने फिल्म स्टारों को माथे पर बिठाया, लेकिन कोई भी समाज के सवालों की जड़ तक नहीं पहुंच पाया.
आज टीएमसी और डीएमके दोनों अपनी गलतियों को देख पा रही है.
ममता दीदी की लोक केंद्रित योजनाओं में भी वही सवाल छिपे हैं, जो विजय पूछ रहे हैं.
इन सवालों को 3, 5, 10 हजार रुपए देकर ढका नहीं जा सकता था.
अब या तो जेन ज़ी किसी विजय का इंतज़ार करे या फिर खुद को विजय में बदल दे.
यही आज के लोकतंत्र की संजीवनी है, वरना सब तबाह है..!!
नींद भी खुली न थी कि हाय धूप ढल गयी
पाँव जब तलक उठें कि ज़िन्दगी फिसल गयी
पात-पात झर गए कि शाख-शाख जल गयी
चाह तो सकी निकल न पर उमर निकल गयी
गीत अश्क़ बन गए
छंद हो हवन गए
साथ के सभी दिए, धुआँ पहन-पहन चले
और हम झुके-झुके
मोड़ पर रुके-रुके
उम्र के चढ़ाव का उतार देखते रहे
कारवाँ गुज़र गया गुबार देखते रहे!
गोपाल दास नीरज
मध्यप्रदेश के बरगी डैम में हुआ क्रूज़ हादसा…
नौ शव बरामद…
चार अभी भी लापता…
एक माँ ��ा बेटे को सीने से लगाए हुए शव बरामद…
ये दृश्य देखकर हर कोई गमगीन हो गया…!!
रात की तलछटें हैं, अंधेरा भी है,
सुबह का कुछ उजाला, उजाला भी है
हमदमो!
हाथ में हाथ दो
सूए-मंजिल चलो
मंजिलें प्यार की
मंजिलें दार की
कूए-दिलदार की मंजिलें
दोश पर अपनी अपनी सलीबें उठाए चलो !
मख़दूम मोहिउद्दीन
तुमसे एक शाम को चाय पर मुलाकात हुई थी
हम तुम साथ थे, जिंदगी से मुलाकात हुई थी
फिर से मिलो किसी शाम को चाय पर
हल्की सी बूंदें हो बारिश की, जैसे उस शाम हुई थी..
@Priy2007
ऐसा निशानेबाज़ न पहले कोई पैदा हुआ, न आगे कभी होगा।।।
फ़क़ीर काला ख़ान मरी बलोच एक सूफ़ी स्वभाव के बहादुर इंसान थे।।।
जब अंग्रेज़ों ने 1870 में बलूचिस्तान पर हमला किया, तब फ़क़ी�� काला ख़ान ने तस्बीह छोड़कर बंदूक उठा ली और प्रतिरोध का इतिहास रच दिया।।।वर्तमान बलूचिस्तान के ज़िला कोह्लू की तहसील काहान की एक पहाड़ी पर उन्होंने अंग्रेज़ सेना को चार साल तक रोके रखा।।।
ब्रिटिश सेना तोपों और बंदूकों से लैस होकर उन्हें चारों ओर से घेरती रही।।। महीनों तक चले घेराव और सैकड़ों सैनिकों की मौत के बाद जब पहाड़ी पर कब्ज़ा किया गया, तब भूख से कमजोर पड़े काला ख़ान मरी बलोच अपने दो साथियों जलामी बलोच और रहीम अली बलोच समेत गिरफ्तार किए गए।।।
उन पर मुकद��ा चलाया गया और फाँसी की सज़ा सुनाई गई। यह तस्वीर 1891 में फाँसी से पहले ली गई थी, जिसमें काला ख़ान मरी बलोच अपने साथियों सहित कैद नज़र आते हैं।।।
सवाल यह है कि हम अपने ही नायकों से अनजान क्यों हैं? जानबूझकर उनकी तारीख़ क़ौम से क्यों छिपाई गई? उन पर फ़िल्में और ड्रामे क्यों नहीं बने?
काला ख़ान बलोच को फाँसी देने के बाद कलकत्ता जो तार भेजा गया, उसमें लिखा था
ऐसा निशानेबाज़ न पहले कोई पैदा हुआ, न आगे कभी होगा।