सरस्वती की तरह एक रोज़
नाम रह जाएगा बस
सूख जाएगा भीतर का पानी
जो कुछ बचेगा
मुट्ठी भर राख होगी केवल
गंगा में मत बहाना उसे
सुस्ताने देना अपनी जगह
इंतज़ार करना किसी कोसी का
जो रास्ता बदलकर पहनने आए मुझे
बहुत लोगों को जिया है मैंने
चाहता हूँ, कोई जिए मुझे।
- अंजुम शर्मा 🌷
बदलाव की शुरुआत खुद से करनी
होगी.....
यह तस्वीर आज के समाज का वो आईना है जिसे हम अक्सर अनदेखा कर देते हैं।
एक तरफ लड़की के परिवार पर भारी सामान और दिखावे का बोझ डाला जाता है, तो दूसरी तरफ लड़के की काबिलियत को सिर्फ उसकी 'Salary Slip' से तौला जाता है।
प्यार, समझदारी और सम्मान के बिना सिर्फ पैसों और सामान के दम पर खड़ी की गई शादियां कभी खुशहाल नहीं हो सकतीं।
इस दिखावे की संस्कृति / Show-off Culture को पीछे छोड़िए और रिश्तों की असली कीमत को समझिए....
अपनी राय बताइए 👇
लड़की वालों पर दहेज का बोझ या लड़के पर मोटी सैलरी का दबाव... समाज की सबसे खराब सोच कौन सी है?
दिल्ली CM रेखा gupta को सुनिए👇
"बहुत ज़्यादा गर्मी की वजह से, हम जो पानी बांटते हैं, वह रास्ते में ही भाप बन जाता है, इसीलिए दिल्ली में पानी की कमी हो गई है"
CM रेखा गुप्ता जी दिल्ली में पानी की कमी को ऐसे सही ठहरा रही है।
#RekhaGupta#DelhiCM
इन उम्र से लंबी सड़कों को, मंज़िल पे पहुँचते देखा नहीं
बस दौड़ती-फिरती रहती हैं, हमने तो ठहरते देखा नहीं...
इस अजनबी से शहर में जाना-पहचाना ढूँढता है...
हम कितने अशांत समय में
कितनी अशांत आत्मा लिए जीते हैं
कि मरने वालों के लिए हम पहली दुआ
उनकी आत्मा की शांति के लिए करते हैं
ज़रूरत मृतकों से ज़्यादा उसकी
जबकि होती हमें है।
- प्रदीप सैनी 🌷
#सोशल_मीडिया 🙇🏽♀️
यहां महिलाएं और लड़कियां प्रेम-विरह के ऊपर ज्यादा लिखती हैं तो इसका ये मतलब नहीं है कि
किसी के मन में पढ़ कर मेढ़क उछलने लगे और बढ़ती उम्र के साथ अपनी भावनाओं पर अंकुश लगाना बहुत ही आवश्यक है।
किसी को पसंद करना तो ठीक है क्योंकि ये आपकी भावनाएं हैं लेकिन उसे अपना बनाने के बारे में सोचना भी गुनाह है। अपने घर-परिवार पर ध्यान दें और अपने जीवन साथी का ख्याल रखिए। वरना ऐसा ना हो कि आपका बेकाबू मन
आपकी इज्जत की धज्जियां हीं उड़ा दें।
हमारे ससुर जी कहते थे कि - "समझदार को इशारा काफी होता है।" 😊
रिश्ते केवल साथ होने का नाम नहीं,
वे आत्माओं के मिलन की भाषा है।
कभी-कभी लोग बहुत पास होकर भी
एक-दूसरे तक नहीं पहुँच पाते।
~अर्चना अनिरुद्ध
#archana_anirudh
Ujjain : उज्जैन की युवा कलाकार दीक्षा कुशवाह ने माइक्रो आर्ट में अनोखा कीर्तिमान स्थापित किया है।
उन्होंने मात्र 8 मिमी की चने की दाल पर भगवान शिव के सभी 12 ज्योतिर्लिंग उकेरकर अपनी अद्भुत प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
यह कलाकृति 13 अप्रैल 2026 को केवल 22 मिनट में तैयार की गई।
शिप्रा फाइन आर्ट कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अभिषेक तोमर के सानिध्य में यह उपलब्धि हासिल हुई।
केदारनाथ, बद्रीनाथ और महाकाल दर्शन से प्रेरित होकर दीक्षा ने इस चुनौतीपूर्ण कला को साकार किया।
उनकी यह उपलब्धि उज्जैन और पूरे प्रदेश के लिए गर्व का विषय बन गई है।