सवर्ण हितों के सरंक्षक सर्वेश पांडे बहराइच को फर्जी एससी एक्ट में फंसाने का विरोध और मामला योगी जी तक पहुंचाना चाहिए उनकी छवि खराब करने की साज़िश लगती है
@RailMinIndia की लापरवाही से कई महीनों से बहराइच 40C क्रॉसिंग पर ओवरब्रिज निर्माण कार्य बंद।
@RailwaySeva प्रशासन की वजह से 41c क्रासिंग पर 3 मौतें हुई।
@drmljn जी निर्माण कार्य समय पर होता तो मौतें न होती
@AshwiniVaishnaw जी लाखों लोगों की ज़िंदगी से खिलवाड़ पर चुप्पी क्यों?
बहराइच के चांदमारी वार्ड को जाने वाली मुख्य सड़क पर @UPPCLLKO के अधिकारियों की बड़ी लापरवाही देखें।
जलभराव के बीचोंबीच बिजली बाक्स खुलें है रोज दुर्घटना हो रही है।
गाय,अन्य पशु व बच्चों की वैन हो चुकी है शिकार
@MVVNLHQ@mvvnlbahraich@aksharmaBharat जी बाक्स सड़क से दूर कराएं।
@RailMinIndia की लापरवाही से कई महीनों से बहराइच 40C क्रॉसिंग पर ओवरब्रिज निर्माण कार्य बंद।
@RailwaySeva प्रशासन की वजह से 41c क्रासिंग पर 3 मौतें हुई।
@drmljn जी निर्माण कार्य समय पर होता तो मौतें न होती
@AshwiniVaishnaw जी लाखों लोगों की ज़िंदगी से खिलवाड़ पर चुप्पी क्यों?
@RailMinIndia@RailwaySeva महोदय, स्क्रीन शाट दो मई का है और वीडियो कल का । आपके आदेश पर बहराइच में क्रासिंग सं 42 सी पर कार्य तो हुआ पर फिर वैसी ही स्थिति हो गयी है । आम जन को आवागमन में भारी असुविधा है कृपया स्थायी समाधान करवा दें।
बेसिक शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारी कह रहे हैं कि हमने प्रधान अध्यापकों के पद समाप्त नहीं किए हैं
हम कह रह कि पद यदि समाप्त नहीं है तो स्वीकृत पदों के सापेक्ष नियुक्त प्रधान अध्यापक को सप्लस क्यों घोषित किया जा रहा है
तो अधिकारी का कहना है कि नियुक्ति बहीं होगी जहाँ पीएस में 150 तथा यूपीएस में 100 छात्र संख्या होगी क्योंकि आर टी ई के अनुसार बहाँ प्र अ नहीं होगा तो ऐसे पदों का शिक्षक क्या करेंगे ।
आर टी इ वर्ष 2009 में आया और उत्तर प्रदेश सरकार ने वर्ष 2011 में लागू किया
2011 से 2012 तक की सरकार में तत्कालीन शिक्षा मंत्री जी से अनुरोध किया गया कि यदि किसी विद्यालय में आपको न्यून तम २ स अ रखने हैं तो एक प्र अ एवं एक स अ रखिए तो उस सरकार ने इस सुझाव को माना और किसी भी प्र अ को नहीं हटाया गया
2012 से 2017 तक की सरकार में तत्कालीन शिक्षा मंत्री श्री राम गोबिंद चौधरी जी के समय भारत सरकार से आर टी ई के अनुसार शिक्षक तैनाती की बात जब आई तो उन्होंने संघ को वार्ता को बुलाया और चर्चा के बाद निर्णय लिया कि प्रत्येक विद्यालय में एक प्रधान अध्यापक अवश्य नियुक्त करेंगे उसके बाद उन्होंने प्र अध्यापकों की कमी को पूरा करने के लिए प्रा वि के प्र अध्यापक के पद पर पदोन्नति हेतु आवश्यक न्यूनतम सेवा अवधि 5 वर्ष को घटाकर 3 वर्ष कराया और लगभग एक लाख शिक्षकों की पदोन्नति हुई
यही बात आज भी विभाग से कह रहे हैं कि प्रत्येक विद्यालय में एक प्र अध्यापक अवश्य रखिए लेकिन यह मानने को तैयार नहीं है
वर्ष 2015 से आज तक एक भी शिक्षक की पदोन्नति नहीं हुई ।
कोई भी विभाग,संस्था या सरकार बिना मुखिया के नहीं चलता लेकिन यह विद्यालय विना हेड मास्टर के चलायेंगे और हेड काम सहायक अध्यापक से लेंगे वो भी हेड के पद का वेतन दिए बिना ।यह तानाशाही नहीं तो क्या है ।
जब तमाम तथाकथित संघ केवल एक ही मुद्दों पर शिक्षकों को आंदोलन को सपोर्ट करने की बात करते थे तो हमने सदैव कहा कि शिक्षकों की प्रत्येक समस्या के निराकरण को प्राथमिकता में नहीं रखा तो यह सब छीन लेंगे
आज बही दिन हम सबके सामने है
हजारों प्रधान अध्यापकों को सरप्लस घोषित कर दिया गया अर्थात उन विद्यालयों में प्रधान अध्यापक के पद समाप्त कर दिये गये ।आप हेड मास्टर के पद माँग रहे थे तो उन्होंने हजारों विद्यालय बंद करने का निर्णय ले लिया ।
इसलिए आवश्यक है कि आम शिक्षक को इस मनमानी से अवगत कराए
शिक्षकों के हितों पर कुठाराघात सहन नहीं किया जायेगा ।
#Justiceforschoolschildren
सरकार 50 से कम छात्रों वाले स्कूलों को बंद करके ग्रामीण बच्चों को शिक्षा से वंचित कर रही है ।साथ ही 149 तक की छात्र संख्या वाले प्राथमिक एवं 99 तक की संख्या वाले उच्च प्राथमिक स्कूलों में प्रधानाध्यापक के पद समाप्त कर रही है अर्थात् अब स्कूल बिना हेड मास्टर के चलाने की योजना है,जिससे शिक्षकों की पदोन्नति के अवसर ही समाप्त हो गए हैं ।स्कूल बंद होने से हजारों रसोइयों की सेवा समाप्त होगी साथ ही भविष्य में शिक्षक बनने की उम्मीद लगाये बैठे DelEd/बीटीसी उत्तीर्ण अभ्यर्थियों की भर्ती नहीं हो पायेगी ।
प्रत्येक तिमाही पर रिकॉर्ड जीएसटी संग्रह पर गर्व करने वाली सरकार को इस प्रकार का निर्दयी /कठोर निर्णय वापिस लेना चाहिए ।
हमारी माँग है कि कोई भी विद्यालय बंद न किया जाये ।यदि सरकार वास्तव में शिक्षा का हित चाहती है तो प्रत्येक कक्षा पर एक सहायक अध्यापक एवं प्रत्येक विद्यालय में एक प्रधानाध्यापक अनिवार्य रूप से नियुक्त किया जाये ।
सरकार के इस निर्णय से प्रभावित सभी साथियों से अनुरोध है कि 8 जुलाई को संबंधित जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के कार्यालय पर प्रस्तावित धरने में उपस्थित होकर अपनी मांगों का समर्थन करें ।
@RailMinIndia महोदय, बहराइच की बंद रेलवेक्रासिंग सं 41सी पर पटरियों को पार करते समय एक बुजुर्ग महिला की मौत हो गयी । यह रेलवे क्रासिंग बंद होने से बहुत लोगों की जान जा रही है । आप से निवेदन है कि रेलवे क्रासिंग 41 सी खोल दें । मरीज छात्र और बुजुर्गों का जीवन बचा लीजिए
बहराइच: 41सी क्रासिंग हुई 2 मौत से लगातार आक्रोशित नागरिकों ने की पूर्वोत्तर रेलवे के डिप्टी चीफ निर्माण से की मुलाकात ।
रेलवे क्रासिंग 41 सी पर @drmljn द्वारा प्रस्तावित LHS को बनवाने की रखी मांग
मांग पूरी न होने पर @RailMinIndia को दी आंदोलन की चेतावनी।
@AshwiniVaishnaw
जनपद बहराइच के रेलवे क्रासिंग 41सी पर क्षेत्रवासियों ने किया विरोध प्रदर्शन।
@RailMinIndia की तानाशाही से हुई मौत के बाद लोगों में गुस्सा,सैकड़ों लोग सड़कों पर।
41c पर अंडरपास की हुई मांग ।
@gmner_gkp@drmljn@AshwiniVaishnaw जी लोगों को अंडर पास नहीं मिला तो आंदोलन तेज होगा।
क्रासिंग 41c बंद कर,वैकल्पिक मार्ग ओवरब्रिज निर्माण से 3 साल से बंद है,2 जानें भी चली गई,4 वार्डों व 3-4गांव के लोग परेशान,हजारों पोस्ट अंडर पास की मांग हेतु किए गए @RailMinIndia की तानाशाही देखें,1 ज़वाब तक नहीं दिया।
@PMOIndia@anupmajaisbjp@anandkumar1974@AshwiniVaishnaw