माननीय न्यायालय द्वारा बार-बार अपने आदेशों और व्याख्याओं के माध्यम से अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजातियों अत्याचार निवारण अधिनियम को कमजोर करने का काम किया जा रहा है। यह बेहद चिंताजनक और दुर्भावनापूर्ण है।
दिनांक 11 मई को माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा दिए गए आदेश में “सार्वजनिक दृष्टि” की शर्त लगाकर जातिसूचक गाली को अपराध की परिभाषा से बाहर किया गया। वहीं, कुछ महीनों पूर्व दिसंबर 2025 में कलकत्ता उच्च न्यायालय ने यह कहा कि फोन पर 'जातिसूचक' गाली-गलौज किए जाने पर SC/ST एक्ट के प्रावधान लागू नहीं होते, जो कि न्याय की मूल भावना के खिलाफ है।
मेरा सवाल है माननीय न्यायालय से- क्या अब दलितों का अपमान “लोकेशन” और “माध्यम” देखकर तय होगा? क्या चारदीवारी के भीतर या फोन पर किया गया जातीय अपमान अपराध नहीं माना जाएगा?
ऐसे फैसले यह संकेत देते हैं कि न्यायिक व्याख्या के जरिए इस सशक्त कानून के प्रभाव को सीमित किया जा रहा है, जिससे पीड़ितों को न्याय मिलने में और अधिक कठिनाई उत्पन्न हो सकती है।
हम न्यायपालिका का सम्मान करते हैं, लेकिन संविधान और सामाजिक न्याय के मूल सिद्धांतों की रक्षा के लिए ऐसे फैसलों पर सवाल उठाना भी उतना ही आवश्यक है।हम इस संबंध में शीघ्र ही माननीय उच्चतम न्यायालय में पुनरीक्षण याचिका दायर करेंगे।
विजय थलपति जी को मुख्यमंत्री बनने पर हार्दिक बधाई एवं मंगलकामनाएं।
आशा है कि आप बहुजन महापुरुषों की विचारधारा को आगे बढ़ाते हुए तमिलनाडु को समानता, न्याय और विकास के पथ पर अग्रसर करेंगे।
@TVKVijayHQ@actorvijay
कांग्रेस जिला अध्यक्ष महेंद्र सिंह गुर्जर जवाब दो आपके महिला पदाधिकारी यूजीसी एक्ट का विरोध कर रहे.. आप ओर कांग्रेस के एक मात्र विधायक @Vipinjain_ चुप हे... इनके ऊपर कोई कार्यवाही होगी या नहीं..? पूरा बहुजन समाज देख रहा हे ओर ये याद भी रखेगा..! @INCMP@jitupatwari
भानपुरा में अनेकों जनसमस्या को लेकर भीम आर्मी/जयस का धरना जारी जिम्मेदार अधिकारी गहरी नींद से जागे,जनता के अधिकारो के लिए इस तनाशाही सत्ता के खिलाफ धरने प्रदर्शन करने पड़ रहे. न्याय की आवाज बुलंद करने के लिए साथियों के साथ पूरा संघटन मजबूती से खड़ा हे। @BhimArmyChief@CMandsaur
ऊंच-नीच, अमीर-गरीब और जातपात के भेद से परे बेगमपुरा राज की संकल्पना करने वाले परम ज्ञानी, संत शिरोमणि जगतगुरु सतगुरु रविदास महाराज जी के प्रकाश पर्व पर आप सभी को हार्दिक बधाई एवं मंगलकामनाये।
बेगमपुरा - ऐसा चाहूँ राज मैं, जहाँ मिलै सबन को अन्न।
छोट बड़ो सब सम बसै, रैदास रहें प्रसन्न।
#रविदास_जयंती #ravidasjayanti
CM हेल्पलाइन पर शिकायत करने पर छात्रों के खिलाफ हुई FIR...
मध्यप्रदेश के मंदसौर जिले में छात्रावास में बुनियादी सुविधाएं न होने के कारण छात्रों ने CM Helpline पर शिकायत की,प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा छात्रों से बदले की भावना से उनके साथियों पर दबाव बनाकर शिकायत करने वाले छात्रों के खिलाफ FIR कर दी..
@DrMohanYadav51, @CMMadhyaPradesh जी संज्ञान लीजिए,क्या मध्यप्रदेश में पीड़ित को ही प्रताड़ित किया जाएगा..?
@jitupatwari@UmangSinghar
@digvijaya_28 @TheSootr@BansalNewsMPCG@ips_kmak@Anurag_Dwary@ReporterRavish
गलत पर पर्दा डालकर फरियादी को ही आरोपी बनाया निष्पक्ष जांच कर के @CMandsaur आदिम जाति कल्याण विभाग जिला संयोजक को हटाया जाए पूर्व में भी शिकायत पर आवेदन लेने से मना किया था, कार्रवाई पर जीरो, बोला था आवक जावक में दो यहां पर तुम्हारा आवेदन लेने के लिए नहीं बैठी हूं
@JansamparkMP
"स्थान, समय, राज्य और सरकारें बदलती हैं, पर दलितों की दशा नहीं।"
राजस्थान के बाड़मेर जिले के गुड़ामालानी थाना क्षेत्र के भाखरपुरा गांव में दलित युवक के साथ हुई इस अमानवीय घटना ने राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर गहरा सवाल खड़ा कर दिया है। युवक के हाथ-पैर बांधकर उसे पेड़ से उलटा लटकाकर जिस तरह बर्बरता पूर्वक उसकी पिटाई की गई, वह न केवल मानवता को शर्मसार करने वाला है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि दलितों पर अत्याचार थमने का नाम नहीं ले रहे हैं।
हर चुनाव में हर राजनीतिक दल दलितों के अधिकारों और उनके उत्थान की बड़ी-बड़ी बातें करते हैं। परंतु सत्ता में आने के बाद यही वादे खोखले साबित होते हैं। दलितों के साथ अत्याचार, शोषण और भेदभाव की घटनाएं समाज में गहरी जड़ें जमा चुकी असमानता को उजागर करती हैं।
जब तक राजनीतिक दलों की नीतियों में वास्तविक इच्छाशक्ति नहीं आएगी, तब तक "विकास" और "न्याय" के दावे दलित समाज के लिए सिर्फ खोखले शब्द बने रहेंगे। दलितों को न्याय तभी मिलेगा जब सत्ता में बैठे लोग उनके अधिकारों को सिर्फ वोट बैंक के चश्मे से नहीं, बल्कि इंसानियत के नजरिए से देखना शुरू करेंगे या दलित ही सत्ता में नहीं आ जाते।
अब वक्त आ गया है कि समाज जागें, अन्यथा यह व्यवस्था परिवर्तन का सपना हमेशा अधूरा रहेगा। दलितों को नारों के बहकावे में आने की कोई आवश्यकता नहीं है, बल्कि सत्ता पर कब्ज़ा करने की आवश्यकता है क्योंकि हमारे परम पूज्य बाबा साहेब ने कहा था, "राजनीतिक सत्ता वो चाबी है, जिससे सभी समस्याओं का समाधान संभव है।"
आज सुवासरा में भीम आर्मी आजाद समाज पार्टी, मेघवाल समाज विकास परिषद द्वारा सुवासरा थाने का घेराव किया गया, जिसमें हाल ही में हुई घटना को लेकर आक्रोश प्रदर्शन किया गया और आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्यवाही की मांग को लेकर SP महोदय के नाम से ज्ञापन सौंपा गया।
छोटे भाई केशव सिंह यादव जी को आज़ाद समाज पार्टी (कांशीराम) का ग्वालियर संभाग अध्यक्ष नियुक्त किए जाने पर हार्दिक शुभकामनाएँ एवं आत्मीय शुभकामनाएँ…!
हमे इस बात का पूर्ण विश्वास है कि आपके नेतृत्व से ग्वालियर संभाग में पार्टी को नवीन मजबूती मिलेगी।
इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी के लिए मैं सांसद भाई चंद्रशेखर आज़ाद जी का आभार व्यक्त करता हूँ।
छत्तीसगढ़ में पत्रकार मुकेश चंद्राकर की इसलिए बेरहमी से हत्या कर दी गयी क्यों कि उन्होंने सड़क निर्माण में भ्रष्टाचार को उजागर किया.
56 करोड़ की सड़क को 102 करोड़ दिखाकर भ्रष्टाचार किया गया. इस भ्रष्टाचार में मुकेश के सगे संबंधी भी लिप्त थे.
आज कल के पत्रकार कॉम्फोर्ट जोन में काम कर रहे हैं. एसी न्यूज़ रूम में बैठकर एंकर प्रोपागेंडा चला रहे हैं. मुकेश चंद्राकर ने आदिवासियों की समस्या पर रिपोर्टिंग कर और भ्रष्टाचार उजागर कर पत्रकारिता को जिंदा रखा था.
लेकिन इस ईमानदार पत्रकार को तड़पा तड़पा के कुल्हाड़ी से मारा गया. देश खामोश है, नेता खामोश हैं, बड़े पत्रकार खामोश हैं.
मेरी उम्र बहुत कम है, लंबे सपने लेकर आया हूं बहुत काम करना जिसका फल भविष्य में बहुजन समाज को मिलेगा। माननीय चन्द्र शेखर आजाद सांसद जी।
@BhimArmyChief@AzadSamajParty
शौर्य और स्वाभिमान से भरपूर हमारी नई जनरेशन तैयार हो रही है, मनुवाद का खात्मा ही अंतिम लक्ष्य है और संविधान पूर्ण रूप से लागू करवाना।
25-30 लाख लोगों भीमा कोरेगांव आए और अपने आत्मसम्मान की लड़ाई लड़नें वाले वीरों को नमन किया। #bhimakoregaon