CJP को यह अधिकार किसने दिया है कि वे केवल BJP शासित राज्यों में जाकर स्कूलों का निरीक्षण करें? पंजाब और झारखंड जैसे राज्यों के वास्तविक और गंभीर मुद्दों पर उनका ध्यान क्यों नहीं गया?
ऐसा लगता है कि एक विरोध-प्रदर्शन को ही आधार बनाकर उन्होंने अपनी कहानी और प्रचार फैलाने की कोशिश