जो एकादशी के दिन चावल खाते हैं उनको शारीरिक दोष तो प्राप्त होता है बीमारियां आदि, लेकिन मानसिक खिन्नता भी उनकी बढ़ती है एकादशी के दिन चावल खाना निषेध कहा गया शास्त्रों में और एकादशी के दिन उपवास रखने का बड़ा भारी माहात्म्य कहा गया है।
#AsharamjiBapuQuotes#निर्जला_एकादशी
आसाराम बापू ने दशकों तक समाज सुधार, व्यसन मुक्ति और बच्चों में उच्च संस्कारों के लिए काम किया है। उनके इस योगदान को भूलना नहीं चाहिए।
#EqualJusticeForAll
#EqualJusticeForAll 85 वर्ष से अधिक की आयु और गिरते स्वास्थ्य के बावजूद संत श्री आशारामजी बापू को लगातार बेल या पैरोल से वंचित रखा जा रहा है।कानून सबके लिए समान होना चाहिए। जब अन्य कैदियों को मानवीय आधार पर राहत मिलती है, तो बापूजी को क्यों नहीं?
पूज्य Sant Shri Asharamji Bapu की प्रेरणा से आयोजित Meditation Camps विद्यार्थियों के जीवन में बड़ा बदलाव ला रहे हैं। यहाँ उन्हें एकाग्रता और सफलता की अनमोल कुंजियाँ मिलती हैं। #SpiritualAwakening 🚩
आसक्ति ही दुख देती है। जितने भी अनर्थ होते हैं, आसक्ति के कारण होते हैं। तो आसक्ति का रंग बदलो। जो आसक्ति संसार में है, वो आसक्ति भगवान के नाम-जप में कर दो, वो सेवा-कार्य में कर दो और भगवान को बार-बार पकड़ो कि, "महाराज! हम जैसे-जैसे तुम्हारे हैं, तुम्हारे हैं, तुम्हारे हैं।" सिर खपा दो उनका। और उनका सिर ऐसा है कि खप ही नहीं सकता। आपका अहम् खप जाएगा।
#AsharamjiBapu
#न्याय_या_अन्याय
Sant Shri Asharamji Bapu को फर्जी केस में एक तो उम्रकैद दी गयी, उनकी निर्दोषता, इग्नोर, उनकी 57 + देश, धर्म, संस्कृतिरक्षण सेवाएं टोटल इग्नोर, संतों की भूमि भारत मे दोषियों को आज़ादी मिल रही है और निर्दोष संत को जेल , ये घोर अन्याय है, न्यायतंत्र का।
Crores of devotees across the world want to know why injustice is continuing against Asaram Bapu under a Sanatani government. Truth and justice must prevail for every saint. #InnocenceUnderFire
13 मई को अपरा एकादशी है । यह केवल व्रत नहीं..आत्मशुद्धि, संयम और पापों से मुक्ति का दिव्य अवसर है। इस पावन दिन क्रोध, आलस्य और बुरे विचारों का त्याग करें, भक्ति, जप और सत्कर्म को अपनाएँ।
#Ekadashi#अपरा_एकादशी#एकादशी
अवतार उसे कहा जाता है जो ऊपर की स्थिति को छोड़कर, नीचे आकर सुव्यवस्था जमा दे, उसे अवतार कहते हैं।
अवतरति इति अवतारः।
रामावतार का, कृष्णावतार का अथवा संत अवतरण का, अथवा संत अंतःकरण का उपयोग करके भगवान सुव्यवस्था करते रहते हैं।
संतों को नित्य अवतार में माना गया है कि कभी ना कभी, कहीं ना कहीं संत होंगे और उनके हृदय में भगवान अवतरित होकर समाज को सही ज्ञान और सही आनंद का धोत फैलाते हैं।
संत अवतरण के कारण ये समाज में भगवत सत्ता, भगवत् प्रीति, भगवत् ज्ञान, भगवत् अर्पण बुद्धि के कर्मों का सिलसिला भगवान चलवाते रहते हैं।
#AsharamjiBapu
सिंधु नदी के किनारे बसने वाले सिंधी भाइयों ने रत्नानी की आगेवाणी में दरिया किनारे, समुद्र किनारे, एक टक देखते-देखते, तुम अब रक्षा करोगे। मृख बादशाह तो धर्मांधता में है और उसका मूर्ख वजीर आहा, दोनों तुले हैं कि हिंदू धर्म नष्ट करना है।
लेकिन प्रभु, हिंदू धर्म नष्ट हो जाएगा तो मानवता की महानता उजागर करने वाली रीति-रिवाज सब चली जाएगी। आप ही धर्म की रक्षा के लिए युग-युग में अवतरित होते हो। किसी भी रूप में प्रभु हमारी रक्षा करो।
रक्षमाम् रक्षमाम्, ओम ,फिर शांत होते हैं। तो इंद्रियां मन में गई और मन बुद्धि में गया और बुद्धि भगवान में शांत हुई। वही भगवान की सत्ता से अवतार हुआ। उसको बोलेंगे झूलेलाल अवतार।
#AsharamjiBapu
20 मार्च : चेटीचंड,श्री झूलेलालजी जयंती
झूलेलालजी का वरुण अवतार यह खबर देता है कि कोई तुम्हारे को धनबल, सत्ताबल अथवा डंडे के बल से अपने धर्म से गिराना चाहता हो तो आप 'धड़ दीजिये धर्म न छोड़िये।'
- पूज्य बापूजी
अंक 255, मार्च 2014, पृष्ठ 4
#RishiPrasad#AsharamjiBapu#ChetiChand
अभी वैज्ञानिक कहते हैं कि हरि के साथ ॐ का उच्चारण मिला दिया जाए तो पांच ज्ञानेद्रियों पर उसकी अच्छी असर होती है। मंत्रशक्ति अपने आप में बड़ा महत्वपूर्ण काम करती है। लक्ष्मण का मंत्र सिद्ध था, लक्ष्मणरेखा खिंच गया तो रावण लक्ष्मणरेखा उल्लंघन करने में असमर्थ था।
#AsharamjiBapuQuotes
#HinduNavVarsh की शुभकामनाएं!
आज से चैत्र Navratri का भी आरंभ होता है। ब्रह्माजी ने जब सृष्टि का आरम्भ किया उस समय इस तिथि को 'प्रवरा' (सर्वोत्तम) तिथि सूचित किया था। इसमें व्यावहारिक, धार्मिक, सामाजिक, राजनीतिक आदि अधिक महत्त्व के अनेक कार्य आरंभ किये जाते हैं।
Chaitra Pratipada
आज प्रतिपदा है, वर्ष का प्रथम दिन है। ये दृढ़ निश्चय करो — जो विश्वनियता परमात्मा है, विश्व के आधार है, वे मेरे परम हितैषी हैं, मेरे परम सुहृदय हैं, परम शांत रूप हैं। शांत होने वाले को भी अपना सामर्थ्य प्रदान करते हैं। ऐसा कोई त्रिभुवन में सामर्थ्य नहीं, जो परमात्मशांति से प्राप्त न हो।
मैं उस परमात्मशांति में आज वर्ष के प्रथम दिन नूतन वर्ष अभिनंदन मेरे दिलवर देव को ही देता हूं।
परमेश्वराय नमः।
सर्वेश्वराय नमः।
विश्वेश्वराय नमः।
ओम कालेश्वराय नमः।
#AsharamjiBapu