@NidhiJhabihar @Uppolice@dgpup तु अपने खून की बात कर चुस्लिम पिद्दिउद्दीन। अपने सरनेम और लिंग बदलकर अपने बाप के मेहनत की तो बेइज्जती मत कर। ब्राह्मण का सरनेम लगाकर,लिंग बदलकर असली बाप के मेहनत को भी बेकार कर रहा है निर्लज्ज, मक्कार...!!
@masijeevi Keep Jealousing...Burnol is not effective any more particularly in your case. Just put fire extinguisher inside your a ..s s... h ..o ..l e and on the switch... !!
Brahmins are not responsible for your ugly look ,Start cursing your biological parents for that...!!
@ShubhamShuklaMP मनुस्मृति दुनियां का सबसे पहला लिखित संविधान है।इस तरह बांकी सभी संविधान का बाप है।वर्तमान संविधान में अब तक 106 बार संशोधन हो चुका है,बार-बार चिप्पी लगाकर,जातिवादी आरक्षण नामक बीमारी से ग्रस्त इस संविधान से जितनी जल्दी हो अनुच्छेद 335,अनुच्छेद 340और SC/ST ACT हटाया जाए...!!
@vilas1818 अफ्रीकन चिबिल्ला...!!
देश में लागू काॅपी-पेस्टेड संविधान के भाग 2,अनुच्छेद 5-11 के अनुसार जो देश के नागरिक हैं,को विदेशी कहना भीम के काॅपी पेस्टेड संविधान का सरासर अपमान है।सभी भीमंडे-नीलंडों को खैरात जैसे लोगों से परहेज करना चाहिए, खैरात महोदय खुलेआम भीम को अपमानित कर रहे हैं!!
@vilas1818 अफ्रीकन कीड़ा चिबिल्ला खैरात के विचार देखिए।इसको अपने असली बाप का पता नहीं है,हमेशा ब्राहणों के बारे में अनाप शनाप बकता है जैसे बिगरैल नाजायज़ औलाद अपने बाप को कोसता हे।ब्राह्मणों के नाजायज़ औलाद ऐसे नहीं दीखते।BSDK बुरुंडी जा अपने असली पूर्वज को ढूंढ यहाँ क्या कर रहा है मक्कार!!
@Profdilipmandal महोदय... ये कथा भागवत पुराण में वर्णित है।पढ़कर ज्ञान वर्धन करें और कुतर्क करना बंद करें।आप तो जानते हैं भगवान की इच्छा के बिना संसार में पत्ता भी नहीं हिलता। भगवान को इस कथा पर कोई आपत्ति होती तो कब का खंडन कर चुके होते। आप बेकार में कुतर्क कर भगवान को क्रोधित कर रहे हैं...!!!!!
@DrLaxman_Yadav दो चितखोपड़ी, निराश,हताश, अवसाद और हीनभावना से ग्रस्त, ब्राह्मणों से जलन के कारण बिलबिलाते हुए स्वघोषित पिछड़े कभी प्रोग्रेसिव बातें कर हीं नहीं सकते।
हम सरकार से मांग करते हैं,ब्राह्मणों के विरुद्ध अनर्गल बकवास और थेथरही करने वाले को सोंटियाया जाए...!!!!!
@Profdilipmandal@AmitShah महोदय...संविधान की आपकी समझ बहुत हीं हास्यास्पद है। 103वें संविधान संशोधन के साथ हीं EWS संविधान का हिस्सा बन गया।तो EWS संविधान में होते हुए असंवैधानिक किस प्रकार से हुआ,कृप्या प्रकाश डाले...!!!!!
बेईमानी तो अनुच्छेद 335,अनुच्छेद 340 और SC-ST ACT है जो जातिवाद को बढ़ा रहा है!!
@Sumitchauhaan Still Naked in ideas, jealous from upper caste, always crying, Casteist- reservationist, freebies,illegal beneficiaries of countless government schemes, negative, frustrated, depressed, mentally sick, responsible for limitless growing population,useless carriage of nation...!!!!!
@Profdilipmandal महोदय, सबकुछ लिख तो दिया... तभी तो भगवान राम के घर का लोकेशन, और पुरी कहानी लोगों तक पहुँची। आज मंदिर का निर्माण भी हो पा रहा है...नहीं तो आप जैसे लोग तो दुनिया के सबसे बड़े कृतघ्न, काॅपी-पेस्टर को हीं भगवान बना चुके होते, वैसे अभी भी उसी फिराक में हैं...!!!!!
@Profdilipmandal महोदय,आपमें तुलना करने की क्षमता का घोर अभाव है। जब सचिन तेंदुलकर खेलते थे तो पाकिस्तान में वसीम अकरम, वकार युनुस,अख्तर जैसे बाँलर,आँस्ट्रेलिया में ब्रेट ली, मैकग्रा और गिलेस्पी जैसे बाँलर होते थे।वो बाॅलर का जमाना था,सचिन के अलावा कोई भी बेट्समेन टीम में टीक कर नहीं खेलता था...
@Profdilipmandal महोदय, सच से मिर्ची क्यों लग जाती है आपको??????जिस जाति के आधार पर आरक्षणखोरी करे उससे कोई संबोधित करे तो भी मिर्ची, जातिवादी आरक्षणखोरी करेंगे और उसके बारे में कोई पुछ दे तो मिर्ची... जन्मजात जातिवादी आरक्षण खोर भीमचट्टौं की समस्या क्या है?
जज साहब ने बिल्कुल सही कहा है...!!!!!
@Profdilipmandal अनुच्छेद 335,अनुच्छेद 340, SC/ST ACT जैसे जातिवादी भेदभाव पैदा करने वाले और फैलाने वाले प्रावधानों को खत्म करने के बाद हीं जाति जनगणना किया जाए...!!!!!
@Profdilipmandal जाति जनगणना के बाद पता चलेगा कि गधौं की संख्या बहुत ज़्यादा है।फिर उन सब गधौं को भारी मात्रा में च्यवनप्राश उपलब्ध कराने की राजनीति बढ़ेगी।ऐसा अंधविश्वास फैलाया जाएगा कि अगर इन गधौं को च्यवनप्राश दे दिया जाए तो ये घोड़े बन जाएंगे।और इस चक्कर में देश के संसाधनों का सत्यानाश होगा!!
@Profdilipmandal@Navayan Brahmins are most superior caste of the universe... If any one has doubt, just abolish caste based reservations,stop taking the benefits of caste based government schemes, in short abolish Article335,Article340,SC/ST act like discriminatory provisions from the constitution...!!
@DalitTime मनु ने मनुस्मृति की रचना की।1935 act का बड़ा हिस्सा मनुस्मृति से लिया गया,और मौजूदा संविधान में आधे से ज्यादा भाग 1935 act से लिया गया है। इस तरह मनुस्मृति हीं दुनियां का पहला संविधान है और अभी भी वर्तमान संविधान का बड़ा हिस्सा है। इसलिए मनु की मूर्ति हर न्यायालय में लगाई जाए!!!