15 मई 2026 को ��ेरठ में दलित छात्रा ललिता गौतम का अपहरण कर निर्मम हत्या से जुड़े बाकी आरोपियों को जेल भेजने की मांग को लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे परिजनों और समाज के लोगों पर लाठीचार्ज तथा न्याय की मांग कर रहे प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया जाना भाजपा सरकार की दलित विरोधी और दमनकारी कार्यशैली को दर्शाता है।
मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी, यदि पीड़ित परिवार इस मामले में अन्य लोगों की संलिप्तता का आरोप लगा रहा है, तो उनकी मांगों को दबाने के बजाय पूरे प्रकरण की निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध जांच कराई जानी चाहिए। यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई दोषी बचने न पाए और कोई निर्दोष फंसने न पाए। जांच में जो भी दोषी पाया जाए, उसके विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए तथा पीड़ित परिवार को शीघ्र न्याय दिलाया जाए।
मैं शीघ्र ही मेरठ पहुंचकर अपने इस परिवार से मुलाकात करूंगा।
राजस्थान के श्रीगंगानगर में 13 वर्षीय दलित नाब���लिग बच्ची के साथ बंधक बनाकर 32 लोगों द्वारा किए गए सामूहिक दुष्कर्म की घटना अत्यंत भयावह और मानवता को शर्मसार करने वाली है।
��ीड़िता के अनुसार, उसके साथ कभी तीन से चार और कभी इससे अधिक लोगों ने मिलकर दुष्कर्म किया।बार-बार होने वाले हमलों से जब भी उसे दर्द होता था, तो उसे शराब पीने के लिए मजबूर किया जाता था। यह अपराध क्रूरता की सभी सीमाओं को पार करने वाला है।
इससे भी अधिक शर्मनाक और आक्रोशजनक बात यह है कि घटना के खुलासे के 15 दिन बाद भी इस मामले में शामिल सभी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। यह सरकार की कानून-व्यवस��था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
मुख्यमंत्री @BhajanlalBjp जी, आखिर आधा महीना बीत जाने के बाद भी बाकी दरिंदे पुलिस की गिरफ्त से बाहर क्यों हैं?
हम @RajGovOfficial से मांग करते हैं कि 24 घंटे के भीतर फरार चल रहे सभी आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए। इस पूरे मामले की सुनवाई फास्ट-ट्रैक कोर्ट में कराई जाए और सरकार मजबूत पैरवी करते हुए दोष सिद्ध होने पर स��ी आरोपियों को कठोरतम सजा दिलाना सुनिश्चित करे। पीड़ित दलित परिवार को तत्काल सुरक्षा, न्याय और उचित आर्थिक मुआवजा प्रदान किया जाए।
उत्तराखंड के टिहरी जिले के लंबगांव थाना क्षेत्र अंतर्गत देवल गांव में 18 वर्षीय दलित युवक केतन लाल की जातीय घृणा से प्रेरित निर्मम हत्या पूरे देश और समाज के लिए शर्म और चिंता का विषय है।
परिजनों के अनुसार, केतन को प्रेम संबंध के कारण सुनियोजित तरीके से बुलाया गया, बंधक बनाया गया और पूरी रात लाठी-डंडों ��था बेल्ट से बेरहमी से पीटा गया। प्रेमिका के सामने ही उसे इतना प्रताड़ित किया गया कि अंततः उसकी मृत्यु हो गई। हत्यारोपियों के हौसले इतने बुलंद थे कि उन्होंने स्वयं परिजनों को फोन कर धमकी भरे अंदाज़ में कहा- 'अपने बेटे को यहां से उठाकर ले जाओ।यह घटना केवल एक हत्या नहीं, बल्कि संविधान, समानता और मानवता की हत्या है।
आज भी यदि किसी दलित युवक को केवल इसलिए मार दिया जाता है क्योंकि उसने तथाकथित सवर्ण जाति की लड़की से प्रेम करने का साहस किया, तो यह साबित करता है कि जातिवादी मानसिकता समाज और व्यवस्था दोनों के लिए गंभीर खतरा बनी हुई है।
हमारी संवेदनाएँ शोकाकुल परिजनों के साथ हैं। प्रकृति उन्हें इस असीम दुःख को सहने की शक्ति दे।
हम @ukcmo से मांग करते हैं कि इस जघन्य हत्याकांड में शामिल सभी आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार किया जाए, उन पर हत्या, आपराधिक षड��यंत्र, अपहरण, बंधक बनाने तथा एससी/एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम की कठोरतम धाराओं के तहत कार्रवाई की जाए। मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराकर दोषियों को जल्द से जल्द कड़ी सजा दिलाई जाए।
@pushkardhami
तीनों खबरें साफ बता रही हैं कि मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी के “निर्बाध बिजली आपूर्ति” वाले निर्देश हर साल की औपचारिकता बन चुके हैं, क्योंकि हर गर्मी में वही बिजली संकट, वही कटौती, वही ट्रिपिंग और वही प्रशासनिक दावे दोहराए जाते हैं।
थर्मल पावर इकाइयों का बंद होना, ट्रांसफॉर्मरों पर बढ़ता भार, कर्मचारियों की भारी कमी और कमजोर बिजली प्रबंधन ने पूरे संकट को और भयावह बना दिया है। जनता से भारी बिजली बिल और स्मार्ट मीटर के नाम पर वसूली तो हो रही है, लेकिन बदले में अंधेरा और परेशानियां मिल रही हैं।
जब हालात हर साल वही हैं, तो इस बार के निर्देश भी सिर्फ औपचारिकता बनकर रह जाएंगे।
और हाँ, अब बस मानसून आने दीजिए… फिर जलभराव रोकने और तैयारी के निर्देशों वाली खबरें भी आने लगेंगी, जबकि हर साल मुख्यमंत्री जी का अपना जिला गोरखपुर ही जलभराव और बदहाल व्यवस्थाओं की तस्वीर बना रहता है।
विभिन्न परीक्षाओं में गड़बड़ी की खबरों के बाद यूपी बोर्ड परीक्षा परिणामों को लेकर सामने आ रही शिकायतें बेहद गंभीर और चिंताजनक हैं।
भाजपाइयों, कोई तो परीक्षा ठीक से करवा लीजिए।
नाकामियों की भी हद है — कभी पेपर लीक, कभी भर्ती घोटाले, कभी परीक्षा रद्द, कभी कॉपी बदलने के आरोप, कभी “वीआईपी रोल नंबर” की चर्चा और अब परिणामों तक पर सवाल उठ रहे हैं।
युवाओं का भविष्य मजाक बनाकर रख दिया गया है।
विमानन क्षेत्र में क्रू सदस्यों हेतु 48 घंटे विश्राम नियम के समान अनुपालन तथा अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में निष्पक्ष अवसर सुनिश्चित किए जाने के संबंध में माननीय केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री @RamMNK जी को पत्र लिखा।
@mygovindia@MoCA_GoI
संत शिरोमणि सद्गुरु रविदास महाराज जी की विचारधारा के प्रति अपना पुरा जीवन समर्पित करने वाले एवं मान्यवर साहेब कांशीराम जी के सहयोगी रहे, कौम के शहीद संत रामानंद महाराज जी के शहीदी दिवस पर उन्हें शत-शत नमन एवं विनम्र आदरांजलि!
10 विधानसभा मार्ग, लखनऊ स्थित बोधिसत्व बाबा साहेब डॉ. बी.आर. आंबेडकर महासभा एवं अस्थि कलश स्थल को यथास्थिति बनाए रखने तथा संरक्षित किए जाने के संबंध में माननीय मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी को पत्र लिखा।
@UPGovt@CMOfficeUP
उत्तर प्रदेश में लगातार बढ़ती बिजली कटौती एवं जनजीवन पर पड़ रहे गंभीर प्रभाव के संबंध में माननीय ऊर्जा मंत्री @aksharmaBharat जी को पत्र लिखा।
@UPGovt@UPPCLLKO
ग्रामीण मानकों के अनुसार स्थापित गैस एजेंसियों वाले क्षेत्रों के नगरीय/कस्बाई क्षेत्रों में परिवर्तित हो जाने के बावजूद पुरानी व्यवस्था लागू रहने से उपभोक्ताओं को हो रही समस्याओं के संबंध में माननीय केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री @HardeepSPuri जी को पत्र लिखा।
@mygovindia@PetroleumMin
कल उत्तर प्रदेश के जिला भदोही के ज्ञानपुर क्षेत्र के पिपरगांव में दलित चौकीदार जैसलाल सरोज जी को केरोसिन डालकर जिंदा जलाने की अमानवीय और रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना पूरे समाज को झकझोर देने वाली है। यह घटना न केवल क्रूरता की पराकाष्ठा है, बल्कि हमारे समाज और कानून व्यवस्था के लिए भी एक गंभीर चेतावनी है।
80 प्रतिशत झुलसे जैसलाल सरोज जी की आज सुबह उपचार के दौरान मृत्यु हो गई।
हम शोकसंतप्त परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदना प्रकट करते हैं। प्रकृति से प्रार्थना है कि शोकसंतप्त परिवार को यह असहनीय दुख सहने की शक्ति प्रदान करे।
हम @UPGovt से मांग करते हैं कि इस मामले के सभी आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए और पीड़ित परिवार को शीघ्र न्याय दिलाया जाए। साथ ��ी परिवार को सुरक्षा और उचित मुआवजा भी दिया जाए।
@CMOfficeUP
@myogiadityanath
उत्तर प्रदेश में आजाद स���ाज पार्टी कांशीराम के सुप्रीमों @BhimArmyChief ने (2027) चुनाव को लेकर विगुल फूंक दिया है, पश्चिम से लेकर पूर्वांचल तक "संवैधानिक अधिकार बचाओ" "भाईचारा बनाओ महारैली" जनपद जौनपुर में शामिल जनता समर्थन ने साबित कर दिया कि (2027) में सत्ता परिवर्तन होकर रहेगा
जिला जौनपुर की “संवैधानिक अधिकार बचाओ, भाईचारा बनाओ” महारैली का ऐतिहासिक रूप से सफल आयोजन इस ��ात का जीवंत प्रमाण है कि बहुजन आंदोलन अब हर रैली के साथ नई ऊँचाइयों को छू रहा है।
जौनपुर की महारैली को ऐतिहासिक रूप से सफल बनाने में दिन-रात जुटे सभी पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और सहयोगियों को हृदय से आभार, साथ ही, इस महारैली को अपना अपार प्��ार और समर्थन देकर इतिहास रचने वाली सम्मानित जागरूक और संघर्षशील मेरे परिवार का दिल से स्वागत।
#ASP_K_Mission2027
उत्तर प्रदेश के जनपद अलीगढ़ के थाना जबाँ क्षेत्र के ग्राम सुनाना में दलित समाज की बारात पर किया गया हमला केवल एक आपराधिक घटना नहीं, बल्कि जातंकवाद का जीता-जागता प्रमाण है।
बारात चढ़ने के दौरान जातंकवादियों द्वारा सुनियोजित तरीके से तमंचा, तलवार, सरिया और लाठी ��ैसे घातक हथियारों के साथ बारात पर हमला किया गया। बारातियों को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा गया, हवाई फायरिंग की गई, दूल्हे के साथ मारपीट कर उसकी अंगूठी एवं अन्य सामान छीना गया, डीजे में तोड़फोड़ की गई तथा खुलेआम जातिसूचक गालियाँ दी गईं और ये भी कहा कि साले चमारों तुम्हारी बारात नहीं चढ़ने देंगे।
यह हमला केवल एक परिवार पर नहीं, बल्कि पूरे दलित समाज की गरिमा और संवैधानिक अधिकारों पर हमला है।
यह तथ्य घटना को और भी गंभीर बनाता है कि पीड़ित परिवार ने पूर्व में ही थाना जबाँ में संभावित हमले की आशंका जताते हुए सुरक्षा की मांग की थी। इसके बावजूद जातंकवादी सजातीय थाना इंचार्ज द्वारा सुरक्षा की व्यवस्था नहीं की गई। यदि प्रशासन समय रहते सजग रहता, तो यह हिंसक वारदात रोकी जा सकती थी। यह प्रशासनिक लापरवाही और निष्पक्षता पर गंभीर प्रश्न खड़ा करता है।
ऐसे समय में भीम आर्मी – आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) की स्थानीय टीम मौके-ए-वारदात पर पहुंचकर पीड़ित परिवार के साथ खड़ी रही और न्याय की लड़ाई में हर स्तर पर सहयोग कर रही है।
@UPGovt से हमारी स्पष्ट मांग है:सभी आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की जाए।प्रकरण में एससी/एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम की सख्त धाराएं जोड़ी जाएं।पीड़ित परिवार को सरकारी सुरक्षा और उचित मुआवजा व घायलों को समुचित इलाज दिया जाए। सुरक्षा की पूर्व मांग के बावजूद लापरवाही बरतने वाले संबंधित पुलिस अधिकारियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच हो और दोषी पाए जाने पर कठोर कार्रवाई की जाए।
@CMOfficeUP
@myogiadityanath
उच्च शिक्षा संस्थानों में भेदभाव के उन्मूलन हेतु लाए गए UGC विनियम, 2026 को आईआईटी, आईआईएम, एम्स सहित केंद्रीय संस्थानों में व्याप्त भेदभाव के निराकरण हेतु बाध्यकारी प्रावधान के रूप में लागू किए जाने के संबंध में माननीय केंद्रीय शिक्षा मंत्री @dpradhanbjp जी को पत्र लिखा!
@mygovindia@EduMinOfIndia
#ASP_K_Support_UGC_Act
#ASP_K_Support_UGC_Act
आज महाराष्ट्र के पुणे जिले के बारामती क्षेत्र में ���ुए विमान हादसे में, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के नेता और महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार जी सहित पाँच लोगों के निधन का समाचार अत्यंत दुखद और स्तब्ध करने वाला है।
प्रकृति शोकाकुल परिजनों, समर्थकों और सभी सम्बद्धजन को इस गहरे दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करे। इस कठिन घड़ी में हमारी संवेदनाएँ उनके साथ हैं।
उच्च शिक्षा संस्थानों में भेदभाव को समाप्त करने के उद्देश्य से लाए गए UGC (उच्च शि��्षा संस्थानों में समता के संवर्द्धन हेतु) विनियम, 2026 का विरोध—अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति तथा सामाजिक एवं शैक्षणिक रूप से पिछड़े वर्गों के छात्रों के अधिकारों के संदर्भ में—किया जाना सामाजिक न्याय के विरुद्ध एक भ्रामक एवं संगठित प्रयास है, जो अत्यंत चिंताजनक है।
जबकि UGC (उच्च शिक्षा संस्थानों में समता के संवर्द्धन हेतु) विनियम, 2026 का मूल उद्देश्य उच्च शिक्षा संस्थानों में धर्म, नस्ल, जाति, लिंग, जन्म-स्थान अथवा दिव्यांगता के आधार पर—विशेष रूप से अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजा���ि, सामाजिक एवं शैक्षणिक रूप से पिछड़े वर्गों, आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों तथा दिव्यांगजनों—या इनमें से किसी भी वर्ग के सदस्यों के विरुद्ध होने वाले भेदभाव का उन्मूलन करना तथा सभी हितधारकों के मध्य पूर्ण समता एवं समावेशन को सुनिश्चित करना है।
उच्च शिक्षा संस्थानों के हितधारकों के मध्य पूर्ण समता एवं समावेशन को संवर्धन करने के उद्देश्य लाए गए UGC (उच्च शिक्षा संस्थानों में समता के संवर्द्धन हेतु) विनियम, 2026 का भीम आर्मी - आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) पूर्ण समर्थन करती है।
#ASP_K_Support_UGC_Act
#ASP_K_Support_UGC_Act
उत्तर प्रदेश के जिला अलीगढ़ के थाना अकराबाद पुलिस का वायरल वीडियो उत्तर प्रदेश पुलिस की कार्यप्रणाली पर बेहद गंभीर सवाल खड़े करता है।
वीडियो में साफ़ दिख रहा है कि दो युवकों को जंगल में ले जाकर उनके हाथों व पैंट में चाकू और मोबाइल रखे गए, फिर उन्हें अपराधी साबित करने की साज़िश रची गई और कैमरे के सामने फँसाकर जे�� भेज दिया गया।
यह कानून व्यवस्था नहीं, बल्कि फर्जी एनकाउंटर और सबूत गढ़ने की खुली साजिश है।पुलिस अगर खुद ही अपराध गढ़ने लगे तो आम नागरिक की सुरक्षा कौन करेगा?
हमारा सवाल है मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी से:
क्या अब उत्तर प्रदेश में वीडियो शूट करके युवकों को अपराधी बनाया जाएगा?
क्या दलितों, पिछड़े,अल्पसंख्यकों,गरीब और कमजोर युवाओं को ऐसे ही “कानून व्यवस्था” की बलि चढ़ाया जाएगा?
हम @UPGovt से माँग करत�� हैं—पूरे मामले की न्यायिक जांच हो,दोषी पुलिसकर्मियों को तत्काल निलंबित व गिरफ़्तार किया जाए,पीड़ित युवकों को रि��ाई, सुरक्षा और मुआवज़ा दिया जाए।
संविधान किसी वर्दी को झूठ गढ़ने का अधिकार नहीं देता। यह अन्याय स्वीकार नहीं किया जाएगा।
@CMOfficeUP
जहाँ गिरे थे परम पूज्य बाबा साहेब के आँसू , 70 साल बाद उसी आगरा की धरती पर आयोजित “संवैधानिक अधिकार बचाओ, भाईचारा बनाओ” महारैली को ऐतिहासिक रूप से सफल बनाने के लिए आप सभी का हृदय से आभार।
��गरा की सम्मानित जागरूक जनता को कोटि-कोटि साधुवाद।