कुछ नया करो, कुछ सृजन करो, कुछ गीत रचो, कुछ कविता लिखो, कोई चित्र बनाओ, प्रकृति चित्रण करो। अगर कुछ नया करते रहोगे, कुछ सृजन करते रहोगे, हमेशा उमंग और उत्साह में रहोगे।
-Samarthguru @SiddharthAulia Ji 🏵
आनंद गीता :
तुम कर्म करो लेकिन सोचो,
जो भी होगा अच्छा होगा।
वह आज भले प्रतिकूल लगे,
कल निश्चय ही अच्छा होगा।
जग का जो भी है निर्माता,
मंगल की ओर लिए जाता।
भवितव्यं शरणम् गच्छामि,
भज #ओशो शरणं गच्छामि।।
- सद्गुरु सिद्धा��्थ औलिया