भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू ने 15 अगस्त 1947 को लाल किले से भाषण देने की परंपरा शुरू की.
लाल किले अब कुल 13 प्रधानमंत्री और 79 भाषणों का साक्षी है. किस प्रधानमंत्री ने कितनी बार भाषण दिया.
जवाहरलाल नेहरू - 17 बार
इंदिरा गांधी - 16 बार
नरेंद्र मोदी - 13 बार
मनमोहन सिंह - 10 बार
अटल बिहारी वाजपेयी - 6 बार
राजीव गांधी - 5 बार
पीवी नरसिम्हा राव - 5 बार
लाल बहादुर शास्त्री - 2 बार
मोरारजी देसाई - 2 बार
चौधरी चरण सिंह - 1 बार
वीपी सिंह - 1 बार
एचडी देवगौड़ा - 1 बार
आई.के गुजराल - 1 बार
चंद्रशेखर - 0
इस लाल किले से जितना बोला गया अगर उसका 50% भी हुआ होता तो आज भारत चीन से आगे होता. नेता बोलता क्या है वो महत्वपूर्ण नही है. महत्वपूर्ण है नेता करता कितना है. हम लोगों को देखना चाहिए नेता कर क्या रहा है. लेकिन हम लोग केवल नेता बोला हुआ सुनकर गद गद हो जाते हैं.
NCP नेता सुप्रिया सुले की बेटी रेवती की शादी का रिसेप्शन दिल्ली में शरद पवार के 6 जनपथ स्थित आवास पर था.
रिसेप्शन में PM मोदी जी, अमित शाह, सोनिया गांधी, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अखिलेश यादव समेत कई बड़े नेता पहुंचे थे.
राजनीतिक मतभेद संसद भवन होता है. चुनावी मैदान में होता है. न्यूज़ चैनलों के डिबेट में होता है.
बाकी जगह सभी विचारधारा के नेताओं की एक ही विचारधारा है मिलजुलकर निजी रिश्तों और सामाजिक मौकों की गरिमा को कायम रखा जाए.
हम लोग सोशल मीडिया पर आपस में नेताओं का भक्त बनकर लड़ते हैं. जाति धर्म और भाषा के नाम पर लड़ते हैं. एक दूसरे को देखकर रास्ता बदल देते हैं. क्यों कि हम लोग मूर्ख नही, महामूर्ख हैं. हम लोगों की गुलाम मानसिकता है और नेताओं की शासकीय मानसिकता है.
सोशल मीडिया पर गरिमा सिंह का वीडियो वायरल है. न्यूज़ 24 से इस्तीफा देने के 27 दिन बाद गरिमा सिंह आखिकार अपनी चुप्पी आज तोड़ी.
गरिमा सिंह ने कहा, न्यूज़ चैनल पर सत्ता पक्ष से सवाल करना मुश्किल कर दिया गया है. सरकार से जब सवाल पूछ ही नही पाऊंगी तो इस्तीफा देना बेहतर समझा.
गरिमा सिंह ने कहा, एक वो दौर था जब पत्रकार अपना माइक लेकर तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के सामने खड़े हो जाते थे.
गरिमा सिंह ने एक तीर से कई लोगों को निशाना साधा है. उन्होंने साफ कहा, इस्तीफा देकर काफी सुकून महसूस कर रही हूँ. गरिमा सिंह ने कभी किसी विपक्षी नेता को उस तरह अपमानित नही किया, जैसा चित्रा त्रिपाठी, रुबिया लियाकत और अंजना ओम कश्यप करती हैं. सरकार को सीधे घेरने पर गरिमा सिंह के बहादुरी की तारीफ करनी चाहिए.
भारत के विजय अभियान का विगुल बज चुका है।
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में पुरुषों की हेवीवेट पैरा पावरलिफ्टिंग स्पर्धा में 190 किलोग्राम भार उठाकर भारत का पहला पदक जीतने वाले झंडू कुमार जी को हार्दिक बधाई।
यह जीत करोड़ों भारतीयों के विश्वास, हौसले और तिरंगे के सम्मान का प्रतीक है।
पूरे देश को आप पर गर्व है!
#CWG2026 #Cheer4Bharat
अभिजीत दीपके को खरोंच तक नही आयी.
सौरव दास और आशुतोष रंका को भी एक खरोंच तक नही आयी. ये दोनों आंदोलन छोड़कर मीटिंगबाजी कर रहे थे.
कॉकरोच जनता पार्टी का तीसरा प्रवक्ता विजेता दहिया भी आंदोलन से नदारद था.
समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव ने आंदोलन में हिस्सा लिया, उनके हाथ में चोट भी लग गई. उनके साथ राजीव राय, धर्मेंद्र यादव और इक़रा चौधरी भी मौजूद थीं.
जो काम कॉकरोच जनता पार्टी के लीडरशिप को करना चाहिए तो वो कार्य समाजवादी के नेताओं ने किया.
यही वो लोग हैं जिन्होंने मारा है... इनके लिए ताली बजाओ.. बहुत मेहनत किया है... मार मार कर थक गए हैं
दिन भर जिस फोर्स ने स्टूडेंट्स को मारा पीटा, उनके सर फोड़ दिए , उनको गालियां दी , सभी छात्र उनके लिए ताली बजा रहे हैं यह कहते हुए कि आज इन लोगों ने दिनभर अपनी ड्यूटी कर लिया है, दिनभर मारा पीटा है और अब थक गए हैं
अब ये आंदोलन कॉकरोच जनता पार्टी का आंदोलन नही है. अब ये आंदोलन सोनम वांगचुक का अभी आंदोलन नही है. यह आंदोलन युवाओं का आंदोलन है.
कॉकरोच जनता पार्टी के नेता इधर उधर थे. एक तो दिल्ली मेट्रो स्टेशन पर घूमते हुए पकड़ा गया. जो पॉडकास्ट में घूम घूम कर केवल कांग्रेस की आलोचना करता है.
सोनम वांगचुक का निर्देश मानने की जरूरत नही है. युवाओं ने बिना लीडरशिप के पुलिस की लाठी खाकर आंदोलन को सफल बनाया.
इस आंदोलन को सफल बनाने में कांग्रेस पार्टी, समाजवादी पार्टी, आम आदमी पार्टी, आजाद समाज पार्टी और वामपंथी पार्टियों का बड़ा योगदान है.
युवाओं को सोनम वांगचुक या अभिजीत दीपके किनारे कर अपने दम पर आंदोलन करना चाहिए. पुलिस की लाठी खाने वाले युवाओं में से नए लीडरशिप उभरने की जरूरत है.
BJP सांसद मनोज तिवारी -
"सोनम वांगचुक या जो भी उसका नाम है, वह आम आदमी गैंग का हिस्सा है
ये लोग देश के विकास में रुकावट हैं और जनता उन्हें फिर सबक सिखाएगी"
मनोज तिवारी ने सोनम को भारत के लिए रुकावट बताया
▪️मनोज तिवारी जिसका भारत के लिए एकमात्र योगदान अश्लील भोजपुरी गाना है।
Helle Lyng का मोबाइल फोन सार्वजनिक किया जा रहा है.
यहां तक घर का पता भी सार्वजनिक किया जा रहा है. यह सब बदमाशी भारत में बैठकर RW वाले कर सकते हैं.
अगर भूल चूक से यह हरकत किसी ने नॉर्वे में की तो उसकी असली जगह जेल होगी. नॉर्वे में कुछ भी मैनेज नही किया जा सकता है.
किसी पुलिस अधिकारी ने अगर कल को वहां के प्रधानमंत्री का चालान काट दिया तो उसे भी कुछ नही होगा. नॉर्वे में व्यक्ति विशेष को महत्त्व नही दिया जाता है. वहां कर मानव के अधिकार और उसकी सुरक्षा को महत्त्व दिया जाता है.
Helle Lyng भारत की पत्रकार होती तो उसपर अब तक ढेर सारी कार्यवाही शुरू हो चुकी होती.
नीदरलैंड की इस निडर महिला पत्रकार का नाम Helle Lyng है जो नीदरलैंड के Dagsavisen अखबार में काम करती है.
Helle Lyng ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी से प्रेस फ्रीडम पर सवाल किया तो बिना जवाब दिए चले गए.
इसके बाद Helle Lyng अपने एक्स पर पोस्ट में लिखा, भारत के PM मोदी ने मेरा सवाल नही लिया. और मुझे इसकी उम्मीद भी नही थी,
विश्व प्रेस स्वतंत्रता सूचकांक में नॉर्वे पहले स्थान पर है. जबकि भारत 157वें स्थान पर है. जहां उसकी तुलना फलीस्तीन, UAE और Cuba से हो रही है.
क्या भारत में किसी पत्रकार में Helle Lyng जैसी इतनी हिम्मत है. सभी न्यूज़ चैनल के एंकर तो दिन रात बीजेपी सरकार का ढोल बजाते हैं.
आम आदमी पार्टी राघव चड्डा पर काफी आक्रामक रुख अख्तियार किए हुए है.
आप नेता सौरभ भारद्वाज ने राघव चड्डा की तगड़े से रेलाई की है, उन्होंने ने कहा राघव चड्डा को जानता कौन था.
आम आदमी पार्टी ने MLA और बाद में राज्यसभा सांसद बनाया तब जाकर उनकी पहचान बनी.
सौरभ भारद्वाज ने आक्रामक अंदाज में कहा, राज्यसभा सांसद थे इसी कारण उनकी परिणीति चोपड़ा से शादी हुई. नही तो उनको पूछता कौन था.
अगर पार्टी ने राज्यसभा सांसद नही बनाती तो क्या उनकी शादी हो पाती?. इसका जवाब तो राघव चड्डा के पास ही होगा. वैसे राघव चड्डा की शादी में अरविंद केजरीवाल, भगवंत मान और सौरभ भारद्वाज ने डांस किया था.
राघव चड्ढा समेत आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसदों के बीजेपी में जाने पर विपक्ष की ओर से सबसे तीखी प्रतिक्रिया तेजस्वी यादव की आयी है.
तेजस्वी यादव ने इस मामले में राघव चड्ढा और उनकी पूरी टीम पर तीखा निशाना साधते हुए कहा, Jo Darr Gaya Wohi BJP Me Gaya Hai.
तेजस्वी यादव ने यह भी कहा, राजनीति में दो तरह के लोग होते हैं. एक जो सत्ता के आगे झुक जाते हैं और दूसरे वो जो लोकतंत्र और संविधान के लिए लड़ते हैं.
मित्रों आप लोग मानो या न मानो, लेकिन यह हक़ीक़त है. ED CBI और इनकम टैक्स का सबसे ज्यादा इस्तेमाल राहुल गांधी, अखिलेश यादव, तेजस्वी यादव और ममता बनर्जी पर हुआ है. लेकिन यह चारों नेता आज भी मुखर होकर विपक्ष और लोकतंत्र को जिंदा रखा है.
पूरी स्क्रिप्ट पहले से तैयार थी लगता है. पूरी क्रोनोलॉजी समझिए.
28 अगस्त 2014 में प्रधानमंत्री Jandhan Yojna को लागू किया. इस योजना के तहत जीरो बैलेंस पर हर व्यक्ति का बैंक में खाता खुलवाया गया.
5 सितंबर 2014 को रिलायंस इंडस्ट्रीज ने JIO लॉन्च किया
8 नवंबर 2016 में रात 8 बजे प्रधानमंत्री ने पूरे देश में नोटबंदी लागू कर दी.
खाता इसलिए खुलवाया गया ताकि नोट बंदी लागू होने के बाद लोग बैंक में कैश जमा कर सकें.
जानकार बताते हैं 99% से ज्यादा कैश बैंकों में वापस आ गया. नोट बंदी के बाद दो उद्योपतियों को सबसे ज्यादा फायदा हुआ.
इमरजेंसी की तरह नोटबंदी भी भारतीय इतिहास पर कलंक है. मुट्ठीभर लोगों को लाभ पहुंचाने के लिए आम जनता और गरीब को लाइन में खड़ा किया गया.
नोट बंदी को DHURANDHAR 2 महिमा मंडित कर रही है. आदित्य धार को चाटुकारिता के लिए पूरे राष्ट्र से माफी मांगनी चाहिए.
टेलीकॉम कंपनियों का सालों पुराना 28 दिन वाला चक्कर आखिर टूट ही गया...!!🔥
आम आदमी बरसों से समझ भी नहीं पाता था कि महीने का रिचार्ज लेकर भी महीने पूरे क्यों नहीं होते… और इसी चाल में साल के 12 नहीं, पूरे 13 रिचार्ज करवा लिए जाते थे।
एक–एक दिन काटकर जेब खाली करने वाला ये खेल अब बंद होने जा रहा है।
सरकार ने पहली बार साफ कहा रिचार्ज होगा तो पूरा 30 दिन का ही होगा। यानी जितना पैसा दोगे, उतना हक भी मिलेगा।
सुनने में छोटा फैसला लगता है, लेकिन आम उपभोक्ता के लिए ये बहुत बड़ी जीत है। महंगाई के इस दौर में जब हर रिचार्ज भारी लगता है, वहाँ साल में एक रिचार्ज कम हो जाना भी बड़ी राहत है।
यह बदलाव सिर्फ एक नियम नहीं, बल्कि उन करोड़ों लोगों की जीत है जो पिछले कई सालों से चुपचाप नुकसान झेलते रहे।
अब पहली बार ऐसा लग रहा है कि किसी ने सच में आम आदमी की जेब और उसके हक की भी परवाह की है।
कभी-कभी क्रांति ऐसे ही छोटे-छोटे फैसलों से शुरू होती है… और इस बार फायदा पूरा आम आदमी के हिस्से आया है।
Breaking News 🚨 स्ट्रेट ऑफ होमरूज़ के बाद लगता है अब Bab Al-Mandeb Strait भी बंद हो सकता है ?
अमेरिका ने धमकी दी है वो ईरान के खार्ग आइलैंड पर सेना भेजकर कब्जा करेगा. आइलैंड से ईरान 90% क्रूड ऑयल एक्सपोर्ट करता है.
ईरानी ने जवाबी धमकी दी है अगर अमेरिका ने खार्ग आइलैंड पर हमला किया तो वो दक्षिण यमन और उत्तरी जिबूती के बीच Red Sea का द्वार Bab Al-Mandeb Strait पर हमला कर बंद कर देगा.
यह मार्ग सुएज नहर के जरिये एशिया को यूरोप से जोड़ता है. रोजाना 70 लाख बैरल तेल की आवाजाही होती है. दुनिया का 10% ट्रेड इसी मार्ग से होता है.
रूसी राष्ट्रपति Vladimir Putin ने मिडिल ईस्ट में युद्ध को लेकर सीधी चेतावनी दी है.
उन्होंने कहा कि अगर हालात ऐसे ही बिगड़ते रहे, तो दुनिया में फिर से COVID जैसा माहौल बन सकता है.
पुतिन ने कहा कि यह लड़ाई सिर्फ कुछ देशों तक नहीं रुकेगी. जैसे कोरोना में हर देश पर असर पड़ा था, वैसे ही इस बार भी सबको असर झेलना पड़ सकता है.
पुतिन के मुताबिक अभी से ही सामान दुनिया में Supply Chain और काम-काज पर असर दिखने लगा है. तेल, गैस और खेती से जुड़े सामान महंगे हो सकते हैं.
सीधी बात यह है कि अगर यह युद्ध बढ़ा, तो आम लोगों की जेब और रोज़मर्रा की जिंदगी पर सीधा असर पड़ेगा.