राजस्थान में स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारियों की तानाशाही चल रही है। मंत्रीजी को संगम लेने का समय नहीं है। विभाग का भट्ठा बैठा दिया है इन्होंने। रूटीन के कार्य भी नहीं कर पा रहे हैं ये अफसर। @sarkari_doctor@BhajanlalBjp@GajendraKhimsar@News18Rajasthan
#झालावाड़ स्कूल हादसे में कार्रवाई करते हुए 5 शिक्षकों को निलंबित कर दिया गया...
यही तो होता आया है, जो सबसे कमजोर होता है, उसे ही बलि का बकरा बनाया जाता है।
स्कूल बिल्डिंग की जर्जर हालत इस हादसे की मुख्य वजह बनी, और ये तो जाहिर है कि भवन एक दिन में जर्जर नहीं हुआ होगा।
अगर हुआ भी, तो उसकी मरम्मत कराने, सर्वे करवाने और निगरानी रखने की जिम्मेदारी किसी न किसी की होगी ,लेकिन उन पर कोई कार्रवाई नहीं!
ये हादसा एक आपराधिक लापरवाही है। सरकार को चाहिए कि वह असली गुनहगारों को सजा दे।
@kaankit जी के दमदार तर्क जरूर सुनिए
स्कूल हादसे के बाद मानवाधिकार आयोग ने लिया संज्ञान
आयोग अध्यक्ष जस्टिस जीआर मूलचंदानी ने लिया संज्ञान
आयोग ने नोटिस जारी कर मांगी हादसे की रिपोर्ट
झालावाड़ कलेक्टर, जिला शिक्षा अधिकारी से मांगी रिपोर्ट
@India_NHRC#JhalawarTragedy#SchoolRoofCollapse#BreakingNews
@ashokgehlot51 300 से ज्यादा डॉक्टर 3 महीने से पीजी पूर्ण कर APO बैठे हैं, उन्हें ना तो तनख्वा मिल पा रही है ना ही पदस्थापन, कुछ डॉक्टरों को युद्ध के दौरान सीमा पर लगाया गया था जिन्हें ना तो वापस बुलाया गया है ना ही पदस्थापन दिया गया है