^^
हमने सफर शुरु तो किया ,
अभी सफर में ही हैं
संघर्षों से लड़ते लड़ते मंज़िल का रास्ता ही
भूल गए हैं
जब मिलेंगी न तो
गले लगा के रोएंगे, उस रात सुकून से
सोएंगे....
_अजेय..🍁 #अजेय
क्या बनना था भूल गए क्या बन गए पता नही सांस लेता हूं तो लगता है जिंदा हूं इंसान कहूं या हाड़ मांस का पुतला हूं पता नही।✍️
Have a happy day 🤗 👐
#जय_माँ_अम्बे