Enough is enough.
Anyone who claims that Islam is a religion of peace has an opportunity to win 1,00,00,000/- INR.
Otherwise, stop spreading the lie, leave Islam and become a loving human.
रात के एक बज रहे हैं और झारखंड पुलिस ने स्टेडियम में बैठे छात्रों से इस प्रहर में बता रहे हैं कि JPSC और JSSC वाले अलग हो जाएँ क्योंकि JPSC वालों की माँग मान ली गई है।
माँग तो खैर कोई भी नहीं मानी गई है। न तो JPSC निरस्त हुई है, कोई नोटिफिकेशन नहीं है, न CBI जाँच की बात है। पर पुलिस रात के एक बजे कर क्या रही है?
सीनियर अधिकारी अब सीन पर आ चुके हैं, और रात के अंधेरे में वहाँ मीडिया के न होने का लाभ उठा कर कुछ भी किया जा सकता है। वर्दी वाले के बगल में लाइट शर्ट में डीसी साहब बताए जा रहे हैं।
रात के एक बजे कौन सी बात हो रही है @JharkhandPolice? @HemantSorenJMM जी, मंशा क्या है आपकी? @AmitShah जी, क्या IPS अधिकारी सारे प्रोटोकॉल को धता बता कर बच्चों से इस अंदाज में बात करेंगे?
"हमारी गोलियां इतनी सस्ती नहीं जो तुम जैसे काफ़िरों पर खर्च की जाएं"; फिर तलवारों से हिंदुओं पर टूट पड़े जिहादी
हिंदू महिलाओं के ऊपर पागल कुत्तों की तरह झपट रहे थे मुसलमान; गैंगरेप के बाद कर दिए टुकड़े-टुकड़े
1971 बांग्लादेश में हिंदुओं के नरसंहार की ख़ून जमा देने वाली सच्चाई बता रही हैं @Shh_Shaili
What a messsage! I’ve watched countless videos, but I’ve rarely come across something like this.
Do show this to the children in your family. It is truly worth watching not only because every single word spoken is accurate and on point, but also because not a single girl is laughing foolishly or dismissing what is being said. Every student is actually listening, understanding, and reflecting on the message.
Honestly, it would be difficult to convey the same message in words more mature, thoughtful, and sensible than these.
विनायक के समर्थन में खड़े होने की ज़रूरत आज और अभी है। इस कठिन समय में हमारा साथ उनके लिए बहुत मायने रखता है।
“तुम हमसे लड़ते हो, बोलते हो कि ऐसा नहीं हुआ, ऐसा नहीं हुआ। आज तुम लोग अपने लिए नहीं खड़े हो सकते हो, ना? आज मैंने लाठी खाई है।
मैं अपना ये अकाउंट बंद कर रहा हूँ। फिर भाड़ में जाए दुनियादारी!
अबसे हम भी आज़ादी के नारे लगाएंगे, हम भी टुकड़े-टुकड़े गैंग बनेंगे।
अरे, बस की नहीं है तुम्हारी भी। पूरी जिम्मेदारी है।
मैं अपना ये अकाउंट बंद कर रहा हूँ।”
-विनायक
नीचे दी गई वीडियो को देखें और फिर इसे पढ़ें।
मैंने Instagram पर उन्हें लिखा है कि आप चैनल क्यों बंद कर रहे हैं? इतने लंबे समय से मैं काम कर रहा हूँ, मुझे कभी ecosystem नहीं दिखा.
Ecosystem एक minority वाला है, और average इन लोगों को, जो दलाल वर्ग है, उनको reward करती है ecosystem.
Government reward करती है।
आपसे कोई नहीं मिलेगा और आपके पास कोई नहीं जाएगा। मुख्यमंत्री होता तो उससे मिलने, आराम से उसको अपने घर में बुलाता, उसको support देता। लेकिन नहीं, आपके पास कोई नहीं जाएगा।
आप अकेले हैं और आप क्या मानकर बैठे हैं?
आप किसी विचारधारा के लिए कर रहे हो, आपकी व्यक्तिगत विचारधारा है। आप ये मत सोचो कि आपका साथ कोई देगा।
ये hard-core बुद्धि के अनुभव से आता है।
मैं यहाँ बैठा हुआ हूँ, मैंने आपकी तरह लाठियाँ नहीं खाई हैं। कभी नहीं खाई मैंने लाठी।
परंतु हाँ, वो सब दिन देखें हैं जब फोन, कैमरा छीने भी जाते हैं, आपका पूरा का पूरा काम erase करवा दिया जाएगा। ये सब कुछ सिस्टम में होता है।
बहुत से moments आते हैं, इंटरव्यू से लोग उठकर चले जाते हैं। आपको जिस दिन interview के लिए बुलाया जाएगा, कोई वहाँ होगा नहीं। होगा तो आएगा नहीं, आपको 6 घंटे तक भी wait कराएगा। इस तरह की बहुत सारी चीजें मैंने देखी हैं।
But हाँ, जब लाठियाँ पड़ती हैं और फिर आपको लेकर के कोई बात भी नहीं कर रहा होता है, तो मन टूटता है, मनोबल टूटता है। मैं आपकी स्थिति समझ सकता हूँ; मैं आपके साथ हूँ, विनायक!
और मैं पुनः कहूँगा, जो भी हमारे साथ के लोग हैं, उन सब से अनुरोध है कि आप अपने-अपने चैनल पर कम से कम विनायक की बात को रखिए, उस पर चर्चा कीजिए। Just give him some space.
ऐसे ही समय पे जब उसको सबसे अधिक solidarity की आवश्यकता है, सरकार नहीं देगी, भाई।
कोई मंत्री, कोई नहीं मिलने जाएगा उससे।
आप और हम इन लोगों के लिए, सरकार के लिए, सिस्टम के लिए पूरी तरह अछूत हैं।
कम से कम हम आपस में तो एक-दूसरे का कंधा पकड़कर सहयोग दे सकते हैं।
तो मैं विनायक से वही कहूँगा कि हम आपको क्या दे सकते हैं? भाव, संवेदना, empathy, इससे अधिक हमारे पास देने को कुछ नहीं है।
मैं जानता हूँ कि जब आदमी टूटता है तो मानसिक रूप से या भावनात्मक रूप से, बहुत जबरदस्त तरीके से टूटता है, तो उसको पैसा या किसी तरह का सहयोग, ये matter नहीं करता। उसे अभी भी हम लोगों की आवश्यकता है।
Hypocrisy level pro max.
This man does not want to relinquish the privileges he is grabbing, even for his generations in the name of caste but is calling others as casteist.
सीने पर शान से जनेऊ सजाकर सूरज ने स्क्वैश में गोल्ड क्या जीता, ब्राह्मणवाद का छाती-पीटू रोना रोने वाले लिब्रांडु गैंग के मुँह में अचानक दही जम गया है।
अब इन सेकुलरों को समझ नहीं आ रहा कि भारत के पहले गोल्ड मेडल पर ताली बजाएँ, या जनेऊ देखकर चुपचाप कोने में बैठकर बरनॉल मलें!
इतिहास रच गए सूरज कुमार चंद 🇮🇳🥇
भारत के सूरज कुमार चंद ने FISU World University Squash Championship में पुरुष एकल का गोल्ड जीतकर ऐसा करने वाले पहले भारतीय बनने का गौरव हासिल किया। फाइनल में उन्होंने हंगरी के Benedek Takacs को 3-2 से हराया।
जीत के बाद सामने आई तस्वीरों में उनका जनेऊ भी चर्चा में रहा।
This unrest in the nation and conflict among Hindus is a direct result of divisive policies of @narendramodi govt.
From "Batenge toh Katenge", to this sorry state of affairs!! He had a chance to be a saviour, he has just frittered it away.
The next big Milestone that Hindus of Bharat have to Achieve is a Big thumping Win in Uttar Pradesh
Bharat Needs Yogi
Uttar Pradesh Needs Yogi
RT if you agree!
For this marvel, who should we offer our gratitude?
To @narendramodi ji or @DrMohanYadav51 ji?
I am unable to decide who is more visionary.
Vishwaguru loading!
If god makes you a Suraj Kumar, be a Suraj Kumar Chand and win titles wearing your sacred thread, not a hate filled @SurajKrBauddh
That Janeu might generate hate from incompetent nincompoops.