शब्दों से मन की यात्रा शुरू...
“यहाँ हर अक्षर में एक एहसास है,
हर पंक्ति में एक कहानी है,
और हर मन में एक अपना संसार।”
✨ स्वागत है मन के अक्षर में ✨
#मनकेअक्षर
तुम याद आते हो..
तुम्हारी पसंद का खाते हुए
चांद को निहारते हुए
और सोचते हुए कि,
क्या तुम भी वहां से इसी चांद को देख रहे हो?
तुम याद आते हो..
बर्फ का गोला खाते हुए
किसी के हाथ में चाकलेट देखते हुए
अब तो बल्कि *तुम याद आते नहीं याद ही रह गए हो*
#तुमयादआतेहो#मनकेअक्षर
स्वर्ण की चमक में जो दिखता है,
वह सत्य नहीं, केवल आभास है,
असली स्वर्ण तो उस हृदय में है
जो पीड़ा में भी शांत प्रकाश है।
अग्नि में तपकर जो निखर जाए,
वह केवल धातु नहीं, जीवन है,
हर आघात को सहकर जो हँसे,
वही तो स्वर्णिम साधन है।
कंचन का लोभ तो जगत भर में,
हर मन को बाँधने आता है,
स्वर्ण की चमक में जो दिखता है,
वह सत्य नहीं, केवल आभास है,
असली स्वर्ण तो उस हृदय में है
जो पीड़ा में भी शांत प्रकाश है।
अग्नि में तपकर जो निखर जाए,
वह केवल धातु नहीं, जीवन है,
हर आघात को सहकर जो हँसे,
वही तो स्वर्णिम साधन है।
कंचन का लोभ तो जगत भर में,
हर मन को बाँधने आता है,
पर जो त्याग दे उस मोह-माया को,
वही स्वर्णत्व को पाता है।
हिरण्य नहीं वह जो तिजोरी में,
बंद पड़ा निष्प्राण रहता है,
स्वर्ण वही जो कर्मों में ढलकर
मानवता का दीप कहता है।
जब भीतर का अंधकार पिघले,
और अहं का आवरण टूटे,
तब आत्मा की गहराइयों में
स्वर्णिम सत्य स्वयं ही फूटे।
@Lekhni_
एक स्वप्न के स्वप्न में खड़ा हूँ
एक स्वप्न जितना ही अकेला
एक मौन जितना भीतरी
एक अदृश्य जितना स्पष्ट
बिना हिले, एक ही जगह पर खड़ी हो रही है
बार-बार
एक खाली जगह,
एक जगह जो हमारे बीच पसरी ��ै
और मैं तुम्हें चा��ता हूँ
तुम्हारे बिना भी..
~ सोमेश शुक्ल 🌻🧡