कई मौकों पर मैने देखा है कि योगी जी जनता के साथ अमानवीय व्यवहार करते हैं,
ये सरासर सत्ता का घमंड हो सकता है।
आज जिस स्थिति में महिला सवाल कर रही है, उस स्थिति में कोई भी ऐसे बात नहीं कर पाएगा,
मै खुद अपने आप को संभाल नहीं पाता, फिर भी महिला आराम से बात कर रही है,
लेकिन फिर भी आप कह रहे हो कि
"भाषण मत दो"
सत्ता किसी की जगीर नहीं रही है, ये ध्यान में होना चाहिए।
The Embassy of the Islamic Republic of Iran in India categorically rejects the reports and claims circulated by certain media outlets regarding the economic situation in Iran and alleged difficulties in the supply of essential goods and public necessities.
It is emphasized that, despite the imposition of three wars and extensive pressures against the Iranian nation, no shortage of essential commodities or basic necessities has occurred to date. Owing to the effective measures and responsible management of the Government of the Islamic Republic of Iran under the leadership of President Dr. Masoud Pezeshkian, the procurement, supply, and distribution of the goods required by the country continue in a normal, stable, and uninterrupted manner.
The Embassy of the Islamic Republic of Iran also urges respected Indian media organizations to obtain and disseminate news and reports concerning Iran from credible, official, and verifiable sources. In this regard, it should be recalled that Iran International is a media outlet affiliated with opponents and adversaries of the Iranian people and has a long record of disseminating biased narratives aligned with anti-Iranian political agendas. Consequently, it cannot be regarded as a credible source for accurately reflecting the realities of Iran.
@aajtak
2.5 करोड़ की कारें, 61 प्लॉट और 5 कंपनियां: 16 महीने में 13 बार विदेश गया, अफसरों का पैसा खपाया, टेंडर माफिया 'रिशु श्री' की डार्क स्टोरी
पूरा वीडियो देखने के लिए लिंक पर क्लिक करें- https://t.co/d4xefyR5r1
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मोदी जी ने कल जनता से त्याग मांगे - सोना मत ख़रीदो, विदेश मत जाओ, पेट्रोल कम जलाओ, खाद और खाने का तेल कम करो, मेट्रो में चलो, घर से काम करो।
ये उपदेश नहीं - ये नाकामी के सबूत हैं।
12 साल में देश को इस मुक़ाम पर ला दिया है कि जनता को बताना पड़ रहा है - क्या ख़रीदे, क्या न ख़रीदे, कहां जाए, कहां न जाए। हर बार ज़िम्मेदारी जनता पर डाल देते हैं ताकि ख़ुद जवाबदेही से बच निकलें।
देश चलाना अब Compromised PM के बस की बात नहीं।
Epstein Files ने दुनिया को झकझोरा है।
लेकिन भारत को भूलना नहीं चाहिए कि यहाँ भी एक काली फाइल मौजूद है — मुज़फ्फरपुर बालिका शेल्टर होम कांड।
भारत में बृजेश ठाकुर ने नाबालिग बच्चियों के लिए
सरकारी मदद से शेल्टर होम चलाया,जो प्रभावशाली नेताओं और सिस्टम के लोगों के लिए शोषण का ठिकाना बना।
अंतर बस इतना है—अमेरिका में नाम उजागर हो रहे हैं,
भारत में आज भी कई नामों पर चुप्पी है।जब तक पूरी सच्चाई सामने नहीं आती,न्याय अधूरा ही रहेगा।
#IndianEpsteinFiles
#MuzaffarpurShelterHome
Union बजट 2025-26 में 200 डे केयर कैंसर सेंटर खोलने का ऐलान किया था,
जो कि लगभग सभी बड़े जनपदों में खुलने थे,
इन सेंटर में कैंसर पेशेंट्स की कीमोथेरेपी जैसी सुविधा दी जानी थी।
आज 2026-27 बजट पेश हो रहा है, लेकिन कैंसर सेंटर कितने खुले किसी को कुछ पता नहीं है।
बस आज वाला भी बजट ऐसा ही रहेगा, वादा होगा, पैसा खर्च होगा,
लेकिन जनता को मिलेगा ठेंगा।
#Budget
#BudgetSession2026
'मैं तेरी बहन को मार रहा हूं, कॉल को रिकॉर्डिंग पर रख' SWAT कमांडो का मर्डर लाइव कॉल पर सुनाता रहा पति
ये मामला सिर्फ एक हत्या नहीं, बल्कि सिस्टम, समाज और दहेज की उस जहरीली सोच पर भी सवाल है जो एक प्रशिक्षित पुलिस कमांडो तक को नहीं बख्शती. गर्भवती काजल की मौत ने यह कड़वा सच उजागर किया है कि कानून की जानकारी, वर्दी और ताकत भी कई बार घरेलू हिंसा के आगे बेबस हो जाती है.
काजल के भाई निखिल के मुताबिक, 22 जनवरी की रात उसे अपने जीजा अंकुर का फोन आया. अंकुर ने निखिल से कहा कि वह कॉल को रिकॉर्डिंग पर रखे, क्योंकि यह पुलिस के लिए सबूत बनेगी.
निखिल ने बताया, 'उसने कहा- इस कॉल को रिकॉर्डिंग पर रख, पुलिस को सबूत मिलेगा. मैं तेरी बहन को मार रहा हूं. पुलिस मेरा कुछ नहीं कर पाएगी.' करीब पांच मिनट बाद एक और फोन आया. इस बार फोन के बैकग्राउंड में काजल की चीखें सुनाई दे रही थीं. इसके बाद अंकुर ने कहा, 'वो मर गई है, अस्पताल आ जाओ.'
पूरी खबर : https://t.co/FdA5Y26zJI
#Delhi #Crime #ATCard #AajTakSocial
'तुम फोकट के प्रश्न मत पूछो..'
NDTV के पत्रकार ने अपनी ज़िम्मेदारी निभाते हुए मंत्री कैलाश विजयवर्गीय से गंदे पानी से हुई मौत को लेकर सवाल पूछा, इस सवाल पर नेता जी जवाब देने के बजाय बदतमीज़ी पर उतर आए
#KailashVijayvargiya