मैं तलवार तू म्यान हो गया
कारवाँ बढ़ता गया,हिन्दुस्तान हो गया
फ़िर अमन-फ़रोशों ने खींच दी उलझी लकीरें
मैं हिंदू और तू मुसलमान हो गया
लहू-ए-इश्क़ हो या हो जंग-ए-अज़ीम का
कुछ तेरा कुछ मेरा नुक़सान हो गया
कल रात मैंने ख़्वाब देखा एक सुनहरा
सियासत करने वाला..आज इन्सान हो गया
#मन्नू
स्मार्टफोन यूजर्स को फोन के सीक्रेट कोड्स की जानकारी होनी चाहिए। वैसे तो स्मार्टफोन के सीक्रेट कोड्स की लिस्ट काफी लंबी है लेकिन आपको कुछ महत्वपूर्ण कोड्स हैं जिन्हें आपका जानना बहुत जररूी है।
01- *#21#: इस सीक्रेट कोड्स की मदद से आप यह जान सकते हैं कि आपकी कॉल, डेटा या फिर नंबर को किसी दूसरे नंबर पर फॉरवर्ड तो नहीं किया गया है।
2- #0#: इस सीक्रेट कोड की मदद से आप यह पता सकते हैं कि आपके फोन का डायल कर आप फोन के डिस्प्ले, स्पीकर, कैमरा, सेंसर सही काम कर रहा है या नहीं।
3- *#07#: यह सीक्रेट कोड आपके फोन की SAR वैल्यू को बताता है। मतलब आप इसकी मदद से फोन से निकलने वाले रिडिएशन की जानकारी ले सकते हैं। सार वैल्यू हमेशा 1.6 से कम होनी चाहिए।
4- *#06#: इस सीक्रेट कोड की मदद से आप अपना IMEI नंबर का पता कर सकते हैं। फोन खो जाने पर इस आईएमइआई नंबर की जरूरत पड़ती है।
5- ##4636##: अपने स्मार्टफोन की बैटरी, इंटरनेट, वाईफाई की जानकारी इस सीक्रेट कोड से पता कर सकते हैं।
6- ##34971539##: आप अपने स्मार्टफोन की कैमरे की जानकारी इस सीक्रेट कोड से पता कर सकते हैं। आपको यह भी पता चल जाएगा की आप को कैमरा ठीक से काम कर रहा है या नहीं।
7- 2767*3855# अगर आप इस सीक्रेट कोड को अपने डायल पैड पर टाइप करेंगे तो इससे आपका स्मार्टफोन रीसेट हो जाएगा। ध्यान रहे रीसेट होने पर फोन का डाटा चला जाएगा। इसलिए डेटा को कहीं पर सेव कर लें फिर डायल करें।
आवश्यक जानकारी :~
————————
वाहन चेकिंग के दौरान पुलिसकर्मी न तो गाली दे सकता है और न ही मारपीट कर सकता है। अगर पुलिसकर्मी दुर्व्यवहार करे तो उस दौरान कैमरे का इस्तेमाल किया जा सकता है, इस पर कोई पाबंदी नही। इसके अलावा पुलिसकर्मी को फोन या कैमरा छीनने व तोड़ने का भी अधिकार नही है।
जब मैं बूढ़ा हो जाऊँगा!
जब मैं बूढ़ा हो जाऊँगा, एकदम जर्जर बूढ़ा, तब तू क्या थोड़ा मेरे पास रहेगा? मुझ पर थोड़ा धीरज तो रखेगा न? मान ले, तेरे महँगे काँच का बर्तन मेरे हाथ से अचानक गिर जाए या फिर मैं सब्ज़ी की कटोरी उलट दूँ टेबल पर, मैं तब बहुत अच्छे से नहीं देख सकूँगा न! मुझे तू चिल्लाकर डाँटना मत प्लीज़! बूढ़े लोग सब समय ख़ुद को उपेक्षित महसूस करते रहते हैं, तुझे नहीं पता?
एक दिन मुझे कान से सुनाई देना बंद हो जाएगा, एक बार में मुझे समझ में नहीं आएगा कि तू क्या कह रहा है, लेकिन इसलिए तू मुझे बहरा मत कहना! ज़रूरत पड़े तो कष्ट उठाकर एक बार फिर से वह बात कह देना या फिर लिख ही देना काग़ज़ पर। मुझे माफ़ कर देना, मैं तो प्राकृति के नियम से बुढ़ा गया हूँ, मैं क्या करूँ बता?
और जब मेरे घुटने काँपने लगेंगे, दोनों पैर इस शरीर का वज़न उठाने से इनकार कर देंगे, तू थोड़ा-सा धीरज रखकर मुझे उठ खड़ा होने में मदद नहीं करेगा, बोल? जिस तरह तूने मेरे पैरों के पंजों पर खड़ा होकर पहली बार चलना सीखा था, उसी तरह?
कभी-कभी टूटे रेकॉर्ड प्लेयर की तरह मैं बकबक करता रहूँगा, तू थोड़ा कष्ट करके सुनना। मेरी खिल्ली मत उड़ाना प्लीज़। मेरी बकबक से बेचैन मत हो जाना। तुझे याद है, बचपन में तू एक गुब्बारे के लिए मेरे कान के पास कितनी देर तक भुनभुन करता रहता था, जब तक मैं तुझे वह ख़रीद न देता था, याद आ रहा है तुझे?
हो सके तो मेरे शरीर की गंध को भी माफ़ कर देना। मेरी देह में बुढ़ापे की गंध पैदा हो रही है। तब नहाने के लिए मुझसे ज़बर्दस्ती मत करना। मेरा शरीर उस समय बहुत कमज़ोर हो जाएगा, ज़रा-सा पानी लगते ही ठंड लग जाएगी। मुझे देखकर नाक मत सिकोड़ना प्लीज़! तुझे याद है, मैं तेरे पीछे दौड़ता रहता था क्योंकि तू नहाना नहीं चाहता था? तू विश्वास कर, बुड्ढों को ऐसा ही होता है। हो सकता है एक दिन तुझे यह समझ में आए, हो सकता है, एक दिन!
तेरे पास अगर समय रहे, हम लोग साथ में गप्पें लड़ाएँगे, ठीक है? भले ही कुछेक पल के लिए क्यों न हो। मैं तो दिन भर अकेला ही रहता हूँ, अकेले-अकेले मेरा समय नहीं कटता। मुझे पता है, तू अपने कामों में बहुत व्यस्त रहेगा, मेरी बुढ़ा गई बातें तुझे सुनने में अच्छी न भी लगें तो भी थोड़ा मेरे पास रहना। तुझे याद है, मैं कितनी ही बार तेरी छोटे गुड्डे की बातें सुना करता था, सुनता ही जाता था और तू बोलता ही रहता था, बोलता ही रहता था। मैं भी तुझे कितनी ही कहानियाँ सुनाया करता था, तुझे याद है?
एक दिन आएगा जब बिस्तर पर पड़ा रहूँगा, तब तू मेरी थोड़ी देखभाल करेगा? मुझे माफ़ कर देना यदि ग़लती से मैं बिस्तर गीला कर दूँ, अगर चादर गंदी कर दूँ, मेरे अंतिम समय में मुझे छोड़कर दूर मत रहना, प्लीज़!
जब समय हो जाएगा, मेरा हाथ तू अपनी मुट्ठी में भर लेना। मुझे थोड़ी हिम्मत देना ताकि मैं निर्भय होकर मृत्यु का आलिंगन कर सकूँ। चिंता मत करना, जब मुझे मेरे सृष्टा दिखाई दे जाएँगे, उनके कानों में फुसफुसाकर कहूँगा कि वे तेरा कल्याण करें। तुझे हर अमंगल से बचायें। कारण कि तू मुझसे प्यार करता था, मेरे बुढ़ापे के समय तूने मेरी देखभाल की थी।
मैं तुझसे बहुत-बहुत प्यार करता हूँ रे, तू ख़ूब अच्छे-से रहना। इसके अलावा और क्या कह सकता हूँ, क्या दे सकता हूँ भला।
क्या किसी ने भी NCERT को आइडिया नहीं दिया कि दसवीं की पढ़ाई ही ख़त्म कर देते हैं! सारा कोर्स एक ही बार में ख़त्म हो जाएगा। 12 वीं के अंकों का मोल और रोल नहीं रहा तो ये हल्का किस लिए किया जा रहा है? बच्चों, तुम स्कूल जाना बंद करो, बड़ों के व्हाट्स एप में इतिहास और विज्ञान का जो discourse दिया जा रहा है, उसे ही course समझो।
जानते है!
जब " टाईटेनिक " समुन्द्र मे डूब रहा था, तो उसके आस पास तीन ऐसे जहाज़ मौजूद थे, जो टाईटेनिक के मुसाफिरों को बचा सकते थे!
सबसे करीब जो जहाज़ मौजूद था उसका नाम "SAMSON " था और वो हादसे के वक्त टाईटेनिक से सिर्फ 7 मील की दुरी पर था !
सैमसन के कैप्टन ने न सिर्फ टाईटेनिक की ओर से फायर किए गए सफेद शोले (जोकि इन्तेहाई खतरे की हालत मे हवा मे फायर किया जाता है) देखे थे, बल्कि टाईटेनिक के मुसाफिरो के चिल्लाने के आवाज़ को भी सुना भी था, लेकिन सैमसन के लोग गैर कानूनी तौर पर बहुत कीमती समुन्द्री जीव का शिकार कर रहे थे और नही चाहते थे कि पकडे जाए, लिहाजा वो टाईटेनिक की हालात को देखते हुए भी मदद न करके, अपनी जहाज़ को दूसरे तरफ़ मोड़ कर चले गए!
"ये जहाज़ हम मे से उनलोगों की तरह है, जो अपनी गुनाहों भरी जिन्दगी मे इतने मग़न हो जाते हैं कि उनके अंदर से इन्सानियत का एहसास खत्म हो जाता है और फिर वो सारी जिन्दगी अपने गुनाहो को छिपाते गुजार देते हैं...."
दूसरा जहाज़ जो करीब मौजूद था, उसका नाम "CALIFORNIAN " था जो हादसे के वक्त, टाईटेनिक से 14 मील दूर था. उस जहाज़ के कैप्टन ने भी टाईटेनिक की तरफ़ से मदद की पुकार को सुना और बाहर निकल कर सफेद शोले अपनी आखो से देखा, लेकिन क्योकि टाईटेनिक उस वक्त बर्फ़ की चट्टानो से घिरा हुआ था, उसे उन चट्टानों के चक्कर काट कर जाना पड़ता, इसलिए वो कैप्टन मदद को ना जा कर, अपने बिस्तर मे चला गया और सुबह होने का इन्तेजार करने लगा!
सुबह को जब वो टाईटेनिक के लोकेशन पर पहुँचा तो टाईटेनिक को समुन्द्र की तह में पहुँचे हुए, 4 घंटे गुज़र चुके थे और टाईटेनिक के कैप्टन Adword Smith समेत 1569 मुसाफिर डूब चुके थे......!
"ये जहाज़ हमलोगो मे से उनकी तरह है जो किसी की मदद करने अपनी सहूलत और असानी देखते है और अगर हालात सही ना हो तो किसी की मदद करना अपना फ़र्ज़ भूल जाते है!"
तीसरा जहाज़ "CARPHATHIYA" था जो टाईटेनिक से 68 मील दूर था. उस जहाज़ के कैप्टन ने रेडियो पर टाईटेनिक के मुसाफारो की चीख पूकार सुनी, जबकि उसका जहाज़ दूसरी तरफ़ जा रहा था. उसने फौरन अपने जहाज़ का रुख मोड़ा और बर्फ़ की चट्टानों और खतरनाक़ मौसम की परवाह किए बेगैर, मदद के लिए रवाना हो गया. अगरचे वो दूर होने की वजह से टाईटेनिक के डूबने के दो घंटे बाद लोकेशन पर पहुँच सका, लेकिन यही वो जहाज़ था जिसने लाईफ बोट्स की मदद से टाईटेनिक के बाकी 710 मुसाफिरो को जिन्दा बचाया था और उसे हिफाज़त के साथ न्यूयार्क पहुँचा दिया था!
उस जहाज़ के कैप्टन "आर्थो रोसट्रन" को ब्रिटेन के तारीख के चंद बहादुर कैप्टनों में शूमार किया जाता है और उनको कई समाजिक और सरकारी आवार्ड से भी नवाजा गया था...!
याद रखिए!---
हमारी जिन्दगी मे हमेशा मुश्किलात रहती हैं, चैलेंज रहते हैं, लेकिन जो इस मुश्किलात और चैलेंज का सामना करते हुए भी इन्सानियत की भलाई के लिए कुछ कर जाए, उन्हे ही इन्सान और इन्सानियत याद रखती है!
दुआ करें कि खुदा किसी की मदद की तौफीक दे, क्योंकि ये इन्सानियत की सबसे ऊँची और आला तरीन दर्ज़ा है!
(William Thomas की यादगार पोस्ट
(पोस्ट साभार - सोशल मीडिया)
Average number of sexual partners:
Turkey 🇹🇷: 14.5
Australia 🇦🇺: 13.3
New Zealand 🇳🇿: 13.2
Iceland 🇮🇸: 13
South Africa 🇿🇦: 12.5
Finland 🇫🇮: 12.4
Norway 🇳🇴: 12.1
Italy 🇮🇹: 11.8
Sweden 🇸🇪: 11.8
Switzerland 🇨🇭: 11.1
Ireland 🇮🇪: 11.1
USA 🇺🇸: 10.7
Canada 🇨🇦: 10.7
Japan 🇯🇵: 10.2
UK 🇬🇧: 9.8
Denmark 🇩🇰: 9.3
Brazil 🇧🇷: 9
Russia 🇷🇺: 9
Mexico 🇲🇽: 9
Netherlands 🇳🇱: 7
Germany 🇩🇪: 5.8
China 🇨🇳: 3.1
India 🇮🇳: 3
सुनो लड़कियों घर से भागो
प्रेमी के साथ नहीं।
इतिहास
भूगोल
विज्ञान
साहित्य की किताबें लेकर,
जब इन किताबों को सीढ़िया बनाकर
मारियाना की गर्त से लेकर,
चांद पर पहुंच जाओगी।
तब कोई भी प्रेमी भगाएगा नहीं
बल्कि
ख़ुद ही चोरी छिपे किताबें देगा
बजाय फूल और झूठी प्रसन्नता के।
~ पवनेश यादव
फिल्में, समाज का आईना होती हैं।
आपने विवाह मूवी देखी थी कि नहीं, आज उसे सच होता हुआ भी देखिये👇 💕💚
UP प्रतापगढ़ के कुंडा इलाके की रहने वाली आरती मौर्य की शादी नजदीक के ही गांव के अवधेश से तय हुई थी | 8 दिसंबर को बारात आनी थी | दोनों ही घरों में शहनाइयां बज रही थीं | परिवार के सदस्य और दूसरे मेहमान तैयार हो रहे थे, तभी दोपहर 1.00 बजे के करीब एक छोटे बच्चे को बचाने के चक्कर में दुल्हन आरती का पैर फिसल गया और वह छत से नीचे गिर गई | उसकी रीढ़ की हड्डी पूरी तरह टूट गई | कमर और पैर समेत शरीर के दूसरे हिस्सों में भी चोट आई |
डॉक्टरों ने जब यह बताया कि फिलहाल वह अपंग हो गई है और कई महीने तक बिस्तर से नहीं हिल सकती तो सभी के होश उड़ गए | आरती के घर वाले और दूसरे लोगों को लगा कि लड़के वाले अब शादी तोड़ देंगे, क्योंकि इलाज के बावजूद उसके पूरी तरह ठीक होने की उम्मीद भी थोड़ी कम थी | परिवार वालों ने दूल्हे अवधेश और उसके घर वालों को दुल्हन आरती की छोटी बहन से शादी का ऑफर दिया, लेकिन उस वक्त दूल्हे अवधेश ने
जो फैसला लिया, उसकी उम्मीद किसी को नहीं थी | किसी ने कल्पना भी नहीं की थी कि साधारण से परिवार का सामान्य सा नज़र आने वाला अवधेश जो कदम उठाएगा, वह उनकी सोच से परे होगा | अवधेश ने कहा कि वह इस हालत में भी न सिर्फ आरती को पत्नी के तौर पर अपनाएगा, बल्कि शादी भी उसी दिन तय वक़्त पर करेगा |
इसके बाद वह ऑक्सीजन सपोर्ट सिस्टम के सहारे इलाज करा रही आरती की मांग भरना चाहता था | अवधेश की जिद पर डाक्टरों की टीम से परमीशन लेकर आरती को दो घंटे बाद एम्बुलेंस से वापस घर लाया गया | उसे स्ट्रेचर पर लिटाकर शादी की रस्में अदा की गईं | ऑक्सीजन और ड्रिप लगी होने की सूरत में ही उसकी मांग भरी गई | आम दुल्हनों की तरह आरती की भी विदाई हुई | यह अलग बात है कि ससुराल जाने के बजाय वह वापस अस्पताल लाई गई | अगले दिन होने वाले ऑपरेशन के फॉर्म पर खुद अवधेश ने पति के तौर पर दस्तखत किए,
अवधेश के विचारों को नमन 🌹 भगवान से प्रार्थना करते हैं कि अवधेश जी की पत्नी अति शीघ्र स्वस्थ और आनंदमय हो जाए 🙏🙏🏻
हम सबकी दुआएँ आपके साथ हैं।
लेख साभार : @sanjay16sanjay